डिजिटल सुरक्षा: 70 मिनट में ठगों से एक क़दम आगे
असली जैसे ठगी वाले SMS, नक़ली वेबसाइटों और ठगी कॉल पर अभ्यास कीजिए, वे तीन चीज़ें सीखिए जो कभी साझा नहीं करनी, और जानिए पैसा जाने पर ठीक-ठीक क्या करना है। एनिमेटेड पाठ, भारतीय उदाहरण और जाँचा जा सकने वाला सर्टिफ़िकेट।
- 6 मॉड्यूल
- 70 मिनट
- ₹0 बिना साइन-अप
- ✓ सर्टिफ़िकेट
तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट कीजिए, फिर बैंक के आधिकारिक नंबर पर कॉल करके कार्ड या UPI ब्लॉक करवाइए। जितनी जल्दी रिपोर्ट, पैसा रुकने की उतनी अच्छी संभावना।
कोर्स का नक़्शा
हर मॉड्यूल में एनिमेटेड दृश्य, असली भारतीय उदाहरणों के साथ करके सीखने वाला अभ्यास और छोटा क्विज़ है। आपकी प्रगति सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होती है।
- 1UPI, OTP और KYC ठगीठग की स्क्रिप्ट, और तीन चीज़ें जो कभी साझा नहीं करनी
- 2नक़ली लिंक, वेबसाइट और फ़ॉरवर्ड10 सेकंड में विशेषज्ञ की तरह वेब पता पढ़िए
- 3नक़ली नौकरी, लोन ऐप और “पक्के मुनाफ़े” वाले निवेशजब ऑफ़र ज़रूरत से ज़्यादा अच्छा हो, तो निशाना आप हैं
- 4मज़बूत पासवर्ड, 2FA और सिम स्वैपखाते ऐसे लॉक कीजिए कि लीक पासवर्ड भी काफ़ी न हो
- 5निजता, डीपफ़ेक कॉल और “डिजिटल अरेस्ट”कम साझा कीजिए, आवाज़ की पुष्टि कीजिए, और वीडियो-कॉल वाले “अफ़सर” की बात मत मानिए
- 6ठगी हो गई? पहले घंटे में क्या करें1930, आपका बैंक, सबूत, और दूसरी ठगी से बचाव
- ★अंतिम टेस्ट और सर्टिफ़िकेट20 प्रश्न · 70% पर पास · जितनी बार चाहें
आप क्या कर पाएँगे
- पैसा जाने से पहले UPI, OTP, KYC, लॉटरी और “डिजिटल अरेस्ट” ठगी पहचानना
- कोई भी वेब पता पढ़कर असली सरकारी और बैंक साइट को नक़ली से अलग करना
- नक़ली नौकरी, ग़ैर-क़ानूनी लोन ऐप और “पक्के” निवेश टिप्स से बचना
- मज़बूत पासफ़्रेज़ और टू-स्टेप वेरिफ़िकेशन से खाते सुरक्षित करना
- ठगी के बाद तुरंत कार्रवाई: 1930, बैंक, सबूत और cybercrime.gov.in
इस कोर्स में इस्तेमाल हुए आधिकारिक लिंक
हर बार सर्च करने की बजाय इन्हें बुकमार्क कीजिए। फ़ीस, नियम और क़दम बदलते रहते हैं, इसलिए हमेशा आधिकारिक साइट देखिए।
सवाल-जवाब
क्या डिजिटल सुरक्षा सच में मुफ़्त है?
हाँ। सभी छह मॉड्यूल, अंतिम टेस्ट और सर्टिफ़िकेट मुफ़्त हैं, बिना साइन-अप के और पाठों में कोई विज्ञापन नहीं।
यह साइबर सुरक्षा कोर्स किसके लिए है?
भारत में स्मार्टफ़ोन, UPI या व्हाट्सऐप इस्तेमाल करने वाला कोई भी: छात्र, माता-पिता, बुज़ुर्ग, दुकानदार और नौकरी ढूँढने वाले। किसी तकनीकी जानकारी की ज़रूरत नहीं। जागरूकता सत्र चलाने वाले शिक्षकों और NGO के लिए भी उपयोगी।
इसमें कितना समय लगता है?
लगभग 70 मिनट: क़रीब 9–10 मिनट के छह मॉड्यूल और 15 मिनट का अंतिम टेस्ट। आप रुककर बाद में जारी रख सकते हैं; प्रगति आपके डिवाइस पर सेव रहती है।
अभी-अभी ठगी में पैसा गया है। क्या करूँ?
तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर कॉल कीजिए या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट कीजिए, फिर बैंक के आधिकारिक नंबर पर कॉल करके कार्ड या UPI ब्लॉक करवाइए। मॉड्यूल 6 पहले घंटे की पूरी चेकलिस्ट बताता है।
सर्टिफ़िकेट कैसे मिलेगा?
20 सवालों के अंतिम टेस्ट में 70% या ज़्यादा लाइए (जितनी बार चाहें, हर बार नया पेपर), अपना नाम लिखिए, और PDF सर्टिफ़िकेट व शेयर इमेज डाउनलोड कीजिए। हर सर्टिफ़िकेट में एक आईडी और QR कोड होता है जिसे कोई भी वेरिफ़ाई पेज पर जाँच सकता है।
क्या पासवर्ड चेकर इस्तेमाल करना सुरक्षित है?
यह पूरी तरह आपके ब्राउज़र में चलता है और आपका लिखा कुछ भी सेव या भेजा नहीं जाता। फिर भी यह अभ्यास के लिए है: उदाहरण वाले पासवर्ड लिखिए, असली इस्तेमाल वाले नहीं।
क्या मेरा डेटा कहीं अपलोड होता है?
नहीं। पाठ, जवाब, प्रगति और आपका सर्टिफ़िकेट, सब आपके ब्राउज़र में ही बनते हैं। आपका लिखा कुछ भी सर्वर पर नहीं जाता।
क्या यह सरकारी कोर्स है?
नहीं। यह IndiaDigital का मुफ़्त कोर्स है जो आपको 1930, cybercrime.gov.in और संचार साथी जैसे आधिकारिक संसाधनों तक ले जाता है। नियम और पोर्टल बदलते रहते हैं, इसलिए जानकारी हमेशा आधिकारिक साइटों पर पक्की कीजिए।
जुड़े मुफ़्त टूल: पासफ़्रेज़ जनरेटर · फ़ोटो की लोकेशन (EXIF) हटाएँ · शेयर से पहले PDF रिडैक्ट करें · सरकारी सेवा ऑनलाइन कोर्स · एआई शिक्षा कोर्स