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आज नॉन-वेज खा सकते हैं?
अपने परिवार के नियम एक बार चुन लें: मंगलवार या गुरुवार जैसे वार, एकादशी, सावन, नवरात्रि, पितृ पक्ष, ग्रहण, यहाँ तक कि किसी की पुण्यतिथि भी। हम आपके शहर के सूर्योदय से आज की तिथि और त्योहार निकालते हैं और बताते हैं "हाँ, आपके लिए" या "नहीं, आपके लिए", कारण के साथ। सब कुछ आपके फ़ोन में ही रहता है।
परिवार के नियम एक बार चुनें, फिर रोज़ अपने शहर के लिए हाँ या ना पाएँ।
आख़िरी अपडेट: IndiaDigital संपादकों द्वारा जाँचा गया
नियम आपके परिवार के हैं; हम सिर्फ़ तारीखों का हिसाब करते हैं।
इस टूल के बारे में
अपने परिवार के नियम एक बार चुन लें: मंगलवार या गुरुवार जैसे वार, एकादशी, सावन, नवरात्रि, पितृ पक्ष, ग्रहण, यहाँ तक कि किसी की पुण्यतिथि भी। हम आपके शहर के सूर्योदय से आज की तिथि और त्योहार निकालते हैं और बताते हैं "हाँ, आपके लिए" या "नहीं, आपके लिए", कारण के साथ। सब कुछ आपके फ़ोन में ही रहता है।
जवाब कैसे निकलता है
- हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, इसलिए किसी तारीख की तिथि वही है जो आपके शहर में सूर्योदय के समय चल रही हो। अगर एकादशी सुबह 10 बजे शुरू हो, तो वह दिन दशमी ही गिना जाता है।
- एकादशी स्मार्त नियम से, जैसा ज़्यादातर पंचांग छापते हैं: जिस दिन सूर्योदय पर एकादशी हो, आम अपवादों के साथ। वैष्णव (इस्कॉन जैसा) विकल्प सरल रूप में है: अरुणोदय पर दशमी हो तो एकादशी अगले दिन।
- सावन और कार्तिक आपकी मास गणना से: पूर्णिमांत (उत्तर भारत) में सावन अमांत (महाराष्ट्र, गुजरात, दक्षिण) से लगभग दो हफ़्ते पहले शुरू होता है।
- नवरात्रि घटस्थापना से नवमी तक, पितृ पक्ष भाद्रपद पूर्णिमा से सर्वपितृ अमावस्या तक, पुरट्टासी वह तमिल सौर माह है जब सूर्य कन्या राशि में हो।
- ग्रहण का दिन तभी गिना जाता है जब ग्रहण आपके शहर से दिखे। उपच्छाया चंद्र ग्रहण नहीं गिने जाते, जैसा ज़्यादातर पंचांग करते हैं।
- गणना आपके फ़ोन पर Astronomy Engine (MIT) और लाहिड़ी अयनांश से होती है, वही इंजन जो हमारे पंचांग में है।
नॉन-वेज के दिन: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या व्रत के दिन नॉन-वेज नहीं खाते?
कई घरों में हाँ: एकादशी या संकष्टी जैसे व्रत के दिन पूरी रसोई शाकाहारी रहती है, उनके लिए भी जो व्रत नहीं रख रहे। कुछ घरों में सिर्फ़ व्रत रखने वाला नॉन-वेज छोड़ता है। आपके परिवार में जो दिन माने जाते हैं, वही चुनें; हम सिर्फ़ तारीखों का हिसाब करते हैं।
सावन में कई परिवार नॉन-वेज क्यों नहीं खाते?
सावन शिव का महीना है, सावन सोमवार के व्रत और कई त्योहार होते हैं, इसलिए कई घर पूरा महीना शाकाहारी रहते हैं। लोग बारिश का मौसम भी बताते हैं: यह मछलियों के प्रजनन का समय है और खाना जल्दी ख़राब होता है। पूर्णिमांत पंचांग (उत्तर भारत) में सावन अमांत (महाराष्ट्र, गुजरात, दक्षिण) से लगभग दो हफ़्ते पहले शुरू होता है।
क्या अंडा नॉन-वेज में गिना जाता है?
यह परिवार पर निर्भर है। कुछ घर अंडे को नॉन-वेज मानते हैं, कुछ उन दिनों भी अंडा खा लेते हैं जब मांस-मछली नहीं खाते। "हमारे यहाँ अंडा भी नॉन-वेज है" वाला स्विच बंद करेंगे तो ना वाले दिन भी जवाब बताएगा कि अंडा चलेगा।
एकादशी की तारीख कैसे तय होती है?
हम स्मार्त नियम मानते हैं, जो ज़्यादातर पंचांग छापते हैं: जिस दिन आपके शहर में सूर्योदय पर एकादशी हो; दो सूर्योदय पर हो तो दूसरा दिन, और अगर द्वादशी अगले सूर्योदय से पहले ख़त्म हो तो एक दिन पहले। वैष्णव (इस्कॉन) पंचांग अरुणोदय (सूर्योदय से 96 मिनट पहले) पर दशमी वाली एकादशी छोड़ते हैं, इसलिए कभी एक दिन बाद व्रत रखते हैं। हमारा वैष्णव विकल्प इसे सरल रूप में मानता है; पक्की तारीख अपने मंदिर के पंचांग से मिला लें।
बंगाली परिवारों में मछली का क्या?
कई बंगाली परिवार ज़्यादातर दिनों में मछली खाते हैं, कुछ त्योहारों पर भी, और सिर्फ़ कुछ दिन शाकाहारी रखते हैं, जैसे गुरुवार (लक्ष्मी बार) या कोई ख़ास पूजा। हर घर का रिवाज़ अलग है। बंगाली प्रीसेट बस "इन दिनों भी मछली ठीक है" और कुछ आम दिन चालू करता है; अपने घर के हिसाब से बदल लें।
क्या यह धार्मिक सलाह है?
नहीं। नियम आपके परिवार के हैं; हम सिर्फ़ तारीखों का हिसाब करते हैं। हम कभी नहीं कहते कि कौन सी परंपरा सही है, प्रीसेट बस शुरुआत हैं। किसी रिवाज़ पर शक हो तो घर के बड़ों या अपने पंडित जी से पूछें।
क्या शहर से जवाब बदलता है?
कभी-कभी। तिथि, एकादशी और संकष्टी आपके शहर के सूर्योदय और चंद्रोदय पर निर्भर करते हैं, और ग्रहण तभी गिना जाता है जब आपके शहर से दिखे। एक ही तारीख पर दो शहरों में जवाब अलग हो सकता है, इसलिए हम आपका शहर पूछते हैं।
मेरे नियम कहाँ सेव होते हैं?
सिर्फ़ इसी फ़ोन के ब्राउज़र में (localStorage)। कोई लॉगिन नहीं, हमें या किसी को कुछ नहीं भेजा जाता। ब्राउज़र का डेटा मिटाने पर नियम भी मिट जाते हैं।