अंक ज्योतिष · मूलांक · भाग्यांक · नामांक · कैल्डियन और पाइथागोरस
अंक ज्योतिष आपके अंक
अंक ज्योतिष अंकों से अर्थ निकालता है। मूलांक जन्म की तारीख (दिन) से बनता है, भाग्यांक पूरी जन्म तिथि से, और नामांक नाम के अक्षरों से। अपनी जन्म तिथि और नाम डालकर तीनों अंक देखें, साथ में शुभ दिन और शुभ रंग भी।
आख़िरी अपडेट: IndiaDigital संपादकों द्वारा जाँचा गयाजवाब के नियम ज्योतिषी योगिराज कावळे द्वारा जाँचे गए
अंक ज्योतिष एक पारंपरिक मान्यता है, विज्ञान नहीं। आपका नाम आपका है: स्पेलिंग के सुझाव सिर्फ़ विकल्प हैं, बड़े फ़ैसले इनसे तय न करें।
अपने अंक कैसे निकालें
- जन्म तिथि डालें: दिन से मूलांक, पूरी तारीख से भाग्यांक बनता है।
- अपना नाम वैसे लिखें जैसे आम तौर पर लिखते हैं (अंग्रेज़ी अक्षरों में)।
- कैल्डियन पद्धति में नामांक देखें, पाइथागोरस विकल्प के रूप में, और मूलांक से उसका मेल।
- चाहें तो स्पेलिंग के सरल सुझाव देखें जिनसे मित्र अंक बनता है।
भारतीय अंक ज्योतिष 1 से 9 तक हर अंक को नौ ग्रहों में से एक से जोड़ता है, वही ग्रह जो आपकी कुंडली में हैं। माना जाता है कि मूलांक स्वभाव, भाग्यांक जीवन की राह और नामांक यह बताता है कि दुनिया आपसे कैसे मिलती है।
शुभ दिन वही हैं जो भारत में ज़्यादातर अंक ज्योतिष की किताबें छापती हैं, और रंग हर अंक के ग्रह के पारंपरिक रंग हैं। इन्हें हल्के-फुल्के, अच्छे सुझाव मानें।
अंक ज्योतिष: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मूलांक कैसे निकालते हैं?
जन्म की तारीख (दिन) के अंक तब तक जोड़ें जब तक एक अंक न बचे। 29 तारीख: 2 + 9 = 11, फिर 1 + 1 = 2, तो मूलांक 2 है। 1 से 9 तारीख पहले से एक अंक हैं।
भाग्यांक कैसे निकालते हैं?
पूरी जन्म तिथि के सभी अंक जोड़कर एक अंक तक घटाएँ। 14 मार्च 1992: 1 + 4 + 0 + 3 + 1 + 9 + 9 + 2 = 29, फिर 2 + 9 = 11, फिर 1 + 1 = 2।
नामांक के लिए कैल्डियन पद्धति क्यों?
भारत में ज़्यादातर अंक ज्योतिषी कैल्डियन पद्धति लेते हैं, जिसमें अक्षरों को ध्वनि के हिसाब से 1 से 8 तक अंक मिलते हैं और 9 किसी अक्षर को नहीं मिलता। पाइथागोरस पद्धति A से I को 1 से 9 गिनती है और दोहराती है। हम दोनों दिखाते हैं, मुख्य कैल्डियन है।
दो अंक मित्र कब होते हैं?
हर अंक का एक ग्रह है: 1 सूर्य, 2 चंद्र, 3 गुरु, 4 राहु, 5 बुध, 6 शुक्र, 7 केतु, 8 शनि, 9 मंगल। जिनके ग्रह वैदिक ज्योतिष में नैसर्गिक मित्र हैं, वे अंक मित्र हैं; राहु को शनि जैसा और केतु को मंगल जैसा माना गया है।
क्या मुझे नाम की स्पेलिंग बदलनी चाहिए?
सिर्फ़ अगर आप चाहें। बहुत से लोग किसी भी नामांक के साथ खुश और सफल हैं। हमारे सुझाव छोटे, आम बदलाव हैं; आपकी मेहनत और फ़ैसले किसी भी अंक से ज़्यादा मायने रखते हैं।
क्या कुछ सर्वर पर भेजा जाता है?
नहीं। सारी गणना आपके ब्राउज़र में होती है और आप जो लिखते हैं वह न सेव होता है, न अपलोड।