कहीं यह ठगी तो नहीं? सेकंडों में जाँचिए।

कोई भी SMS, WhatsApp मैसेज, लिंक, नंबर या UPI आईडी पेस्ट कीजिए। मुफ़्त स्कैम चेकर इसे आपके फ़ोन पर ही पढ़ता है (कुछ अपलोड नहीं होता), 0 से 100 तक रिस्क बताता है, ख़तरे के निशान दिखाता है और बताता है कि अब क्या करें। पैसा गया? अभी 1930 पर कॉल कीजिए।

आख़िरी अपडेट: IndiaDigital संपादकों द्वारा जाँचा गयास्रोत

उदाहरण आज़माएँ:

जाँच आपके फ़ोन पर ही होती है। आपका पेस्ट किया कुछ भी कहीं नहीं जाता।

कहीं यह ठगी तो नहीं?

कोई भी मैसेज, लिंक, नंबर या UPI आईडी पेस्ट करके जाँचें दबाइए। आपको रिस्क स्कोर, आपके ही टेक्स्ट में ख़तरे के निशान, और आगे क्या करें, सब दिखेगा।

आजकल की आम ठगी

हर पेज बताता है कि ठगी कैसे होती है, असली जैसे उदाहरण, जाँचने का तरीक़ा और क्या करें।

खेलिए: ठगी पहचानो

असली जैसे 10 मैसेज। क्या आप पहचान पाएँगे कौन-सा ठगी है और कौन-सा असली? स्कोर परिवार के साथ WhatsApp पर शेयर कीजिए।

स्कोर: 0
SMS+91 70XXX XXX121 / 10

प्रिय ग्राहक, आपका SBI खाता आज बंद हो जाएगा। अभी PAN अपडेट करें: sbi-kyc-update.top

स्कैम चेकर कैसे काम करता है

  1. 50 से ज़्यादा नियम आज की भारतीय ठगी की पहचान करते हैं: KYC, बिजली बिल, कूरियर, डिजिटल अरेस्ट, टास्क जॉब, UPI रिक्वेस्ट, लोन ऐप और भी बहुत। हर नियम का एक वज़न और आसान भाषा में वजह है।
  2. हर लिंक पढ़ा जाता है (खोला नहीं जाता): छोटे लिंक, बैंक और ब्रांड की नक़ल वाले डोमेन, हमशक्ल अक्षर, संदिग्ध एक्सटेंशन, IP पते और .apk फ़ाइलें। gov.in, bank.in और बैंकों के असली डोमेन पहचाने जाते हैं।
  3. फ़ोन नंबर और UPI आईडी की जाँच: विदेशी कोड (+92 आदि), सरकारी एजेंसी बनकर आए विदेशी नंबर, 140 सीरीज़, और बैंक या सरकार जैसे नाम वाली UPI आईडी।
  4. सब कुछ आपके ब्राउज़र में चलता है। कोई सर्वर नहीं, कोई AI सेवा नहीं, कुछ भी सेव नहीं होता। नतीजा “पक्का” नहीं कहता: “ठगी की आशंका” वजहों के साथ बताता है।

पैसा गया? पहले घंटे में यह कीजिए

  1. अभी 1930 पर कॉल कीजिए. राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन। पहला घंटा सबसे अहम है: जल्दी रिपोर्ट से बैंक पैसा आगे जाने से पहले रोकने की कोशिश कर पाते हैं। 1930
  2. cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कीजिए. ट्रांज़ैक्शन आईडी या UTR, रक़म, समय, जिस UPI आईडी या खाते में पैसा गया, और स्क्रीनशॉट जोड़िए। शिकायत संख्या लिख लीजिए। cybercrime.gov.in
  3. बैंक को बताइए और कार्ड व UPI फ़्रीज़ करवाइए. कार्ड या बैंक ऐप में दिए नंबर पर कॉल कीजिए। RBI के नियमों के तहत 3 कामकाजी दिनों में रिपोर्ट करने से आपकी ज़िम्मेदारी सीमित हो सकती है।
  4. सबूत रखिए, “रिकवरी एजेंटों” से सावधान. चैट डिलीट मत कीजिए। जो पैसा वापस दिलाने की फ़ीस माँगे, वह दूसरी ठगी कर रहा है।
हर चाल पहचानना सीखिए

मुफ़्त डिजिटल सुरक्षा कोर्स: UPI, OTP, फ़िशिंग, नौकरी और लोन ठगी, डीपफ़ेक और ठगी के बाद क्या करें। अंतिम टेस्ट पास करके सर्टिफ़िकेट पाइए। कोर्स शुरू करें → · सर्टिफ़िकेट टेस्ट →

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या यह स्कैम चेकर मुफ़्त और सुरक्षित है?

हाँ। यह मुफ़्त है, साइन-अप नहीं चाहिए, और जाँच पूरी तरह आपके ब्राउज़र में होती है। आपका मैसेज, नंबर या लिंक किसी सर्वर पर नहीं भेजा जाता।

क्या यह 100% बता सकता है कि मैसेज ठगी है?

नहीं, और कोई टूल ऐसा दावा नहीं कर सकता। यह ठगी के जाने-पहचाने संकेत खोजता है और वजहों के साथ “ठगी की आशंका”, “संदिग्ध” या “सुरक्षित लगता है” बताता है। शक हो तो आधिकारिक ऐप या नंबर से ख़ुद जाँचिए।

ठगी में पैसा चला गया तो क्या करूँ?

तुरंत 1930 पर कॉल कीजिए या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कीजिए, फिर बैंक के आधिकारिक नंबर पर कॉल करके कार्ड और UPI ब्लॉक करवाइए। पहला घंटा सबसे अहम है।

ठगी वाले कॉल या SMS की रिपोर्ट कहाँ करें?

पैसा न गया हो तब भी संचार साथी पोर्टल के चक्षु (sancharsaathi.gov.in/sfc/) पर पिछले 30 दिनों की ठगी वाली कॉल, SMS और WhatsApp की रिपोर्ट कीजिए।

क्या यह हिंदी और हिंग्लिश मैसेज समझता है?

हाँ। यह अंग्रेज़ी, हिंदी (देवनागरी) और हिंग्लिश पढ़ता है, और मराठी, बंगाली, तमिल और तेलुगु के कुछ आम ठगी वाले शब्द भी पहचानता है।

क्या स्क्रीनशॉट से जाँच हो सकती है?

हाँ, जहाँ डिवाइस पर टेक्स्ट पढ़ने का पैक उपलब्ध हो। स्क्रीनशॉट भी आपके फ़ोन पर ही पढ़ा जाता है। अगर उपलब्ध न हो, तो मैसेज का टेक्स्ट कॉपी करके पेस्ट कीजिए।

स्रोत और आख़िरी जाँच

National Cyber Crime Reporting Portal (1930) · Sanchar Saathi: Chakshu, report suspected fraud communication · RBI: limiting customer liability in unauthorised electronic banking transactions · RBI: banks to move to the bank.in domain (circular RBI/2025-26/28) · TRAI: 1600 series for service calls, 140 series for promotional calls · Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C), Ministry of Home Affairs

आख़िरी जाँच: 30 अक्टूबर 2026। IndiaDigital एक स्वतंत्र प्रोजेक्ट है, किसी सरकारी विभाग से जुड़ा नहीं।

तुलना देखें: IndiaDigital बनाम Sanchar Saathi Chakshu and cybercrime.gov.in · IndiaDigital बनाम VirusTotal and Google Safe Browsing

Search by task, format or tool name.