किरायानामा फ़ॉर्मेट, आपकी जानकारी के साथ भरा हुआ
किरायानामा मकान मालिक और किरायेदार के बीच लिखित अनुबंध है, जिसमें किराया, डिपॉज़िट, अवधि और नियम होते हैं। भारत में ज़्यादातर किरायानामे 11 महीने के होते हैं, क्योंकि साल भर से लंबी लीज़ का रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है। फ़ॉर्म भरें, प्रीव्यू देखें, फिर राज्य के हिसाब से सही स्टांप पेपर (या ई-स्टांप) पर प्रिंट करके दो गवाहों के सामने हस्ताक्षर करें।
आख़िरी अपडेट: IndiaDigital संपादकों द्वारा जाँचा गयास्रोत
- कुछ भी अपलोड नहीं होता
- हिंदी और अंग्रेज़ी
- Word और PDF
फ़ॉर्म खुल रहा है…
यह समय बचाने के लिए एक सामान्य प्रारूप है, क़ानूनी सलाह नहीं। हर शर्त ध्यान से पढ़ें, जो आपकी स्थिति पर लागू न हो उसे बदलें, और विवाद या बड़ी रकम के मामले में वकील से सलाह लें।
किरायानामा क्या है?
यह फ़्लैट, मकान, फ़्लोर या कमरे के लिए आवासीय किरायानामे का मानक प्रारूप है, सरल क़ानूनी हिंदी या अंग्रेज़ी में। इसमें अवधि, मासिक किराया और तारीख, वापसी योग्य सिक्योरिटी डिपॉज़िट, बिजली-पानी और मेंटेनेंस, लॉक-इन, नोटिस, उपयोग, शिकमी किरायेदारी, मरम्मत, निरीक्षण, पालतू जानवर, पुलिस सत्यापन, कब्ज़ा सौंपना और सामान की सूची शामिल है। डाउनलोड के बाद हर शर्त बदली जा सकती है।
किरायानामा कब काम आता है?
- फ़्लैट, मकान, फ़्लोर या कमरा रहने के लिए किराये पर देते या लेते समय।
- नए किराये के साथ 11 महीने का अनुबंध दोबारा बनाते समय।
- किराये के घर में रहते हुए बैंक खाते, गैस कनेक्शन या स्कूल दाख़िले के लिए पते का प्रमाण चाहिए हो।
- HRA क्लेम के लिए: कई कंपनियाँ किराया रसीद के साथ किरायानामा माँगती हैं।
किरायानामा के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
- मकान मालिक और किरायेदार का पहचान और पते का प्रमाण (आधार, PAN, पासपोर्ट या वोटर ID)।
- प्रॉपर्टी के मालिकाना हक़ का प्रमाण, जैसे सेल डीड या ताज़ा प्रॉपर्टी टैक्स रसीद (एक कॉपी रखें)।
- रजिस्ट्रेशन करा रहे हों तो दोनों पक्षों की दो-दो पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो।
- पते के साथ दो वयस्क गवाह।
- आपके राज्य के हिसाब से सही मूल्य का स्टांप पेपर या ई-स्टांप सर्टिफ़िकेट।
किरायानामा कैसे बनाएँ: स्टांप पेपर, हस्ताक्षर, जमा करना
- फ़ॉर्म भरें: प्रॉपर्टी, दोनों पक्ष, किराया, डिपॉज़िट, अवधि और सामान। प्रीव्यू साथ-साथ बदलता है।
- शर्तें बदलनी हों तो Word फ़ाइल, वैसे ही प्रिंट करना हो तो PDF डाउनलोड करें।
- अपने राज्य का स्टांप पेपर या ई-स्टांप लें (आधिकारिक वेबसाइट इस पेज के राज्य नोट में है)। उस पर प्रिंट करें, या ई-स्टांप को पहले पन्ने की तरह लगाएँ।
- दोनों पक्ष हर पन्ने के नीचे और आख़िरी पन्ने पर पूरे हस्ताक्षर करें, दो गवाहों के सामने, जो ख़ुद भी हस्ताक्षर करें।
- अवधि 11 महीने से ज़्यादा हो, या आप महाराष्ट्र में हों, तो सब-रजिस्ट्रार दफ़्तर में या ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराएँ।
- दोनों पक्ष एक-एक मूल प्रति रखें। आपके शहर में ज़रूरी हो तो किरायेदार का पुलिस सत्यापन कराएँ।
आम ग़लतियाँ
- 12 महीने या ज़्यादा की अवधि लिखकर रजिस्ट्रेशन न कराना। जिस लीज़ का रजिस्ट्रेशन ज़रूरी था, वह बिना रजिस्ट्रेशन अदालत में शर्तों के सबूत के रूप में काम नहीं आती।
- ग़लत मूल्य का स्टांप पेपर ख़रीदना। ड्यूटी राज्य, किराये, डिपॉज़िट और अवधि पर निर्भर है; पहले आधिकारिक साइट देखें।
- सामान और फ़र्नीचर की सूची न बनाना। डिपॉज़िट के झगड़े अक्सर यहीं से शुरू होते हैं।
- डिपॉज़िट नकद देकर रसीद न लेना। बैंक ट्रांसफ़र से दें और उसका ज़िक्र करें।
- जिन शहरों में किरायेदार का पुलिस सत्यापन ज़रूरी है, वहाँ उसे छोड़ देना।
राज्य के अनुसार स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन
स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फ़ीस हर राज्य तय करता है और ये बदलती रहती हैं, इसलिए हम दरें छापने की जगह आधिकारिक वेबसाइटों के लिंक देते हैं। स्टांप पेपर ख़रीदने से पहले जाँच लें।
- महाराष्ट्र: IGR Maharashtra
- कर्नाटक: Kaveri (Department of Stamps and Registration)
- दिल्ली: Revenue Department, Delhi
- तमिलनाडु: TNREGINET
- तेलंगाना: Registration and Stamps Department, Telangana
- आंध्र प्रदेश: IGRS Andhra Pradesh
- उत्तर प्रदेश: IGRS Uttar Pradesh
- गुजरात: GARVI Gujarat
- पश्चिम बंगाल: Directorate of Registration and Stamp Revenue, West Bengal
- राजस्थान: e-Panjiyan Rajasthan
- केरल: Registration Department, Kerala
- मध्य प्रदेश: MP IGR (Sampada)
- हरियाणा: e-GRAS Haryana (e-stamp)
- ओडिशा: IGR Odisha
- उत्तराखंड: Registration Department, Uttarakhand
- अन्य राज्य: SHCIL e-stamping
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
किरायानामा 11 महीने का ही क्यों बनता है?
रजिस्ट्रेशन अधिनियम 1908 के तहत एक साल से ज़्यादा की लीज़ का रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है, जिसमें समय और फ़ीस लगती है। ज़्यादातर राज्यों में 11 महीने के अनुबंध का रजिस्ट्रेशन ज़रूरी नहीं, इसलिए उसे स्टांप पेपर पर प्रिंट करके नोटरी करा लिया जाता है। महाराष्ट्र में लीव एंड लाइसेंस अनुबंध का रजिस्ट्रेशन हर अवधि के लिए ज़रूरी है।
किरायानामे के लिए कितने का स्टांप पेपर चाहिए?
यह आपके राज्य पर, और अक्सर किराये, डिपॉज़िट और अवधि पर निर्भर है। कुछ राज्य तय राशि लेते हैं, कुछ कुल किराये का प्रतिशत। इस पेज पर दी गई अपने राज्य की आधिकारिक रजिस्ट्रेशन या ई-स्टांप वेबसाइट देखें; दरें बदलती रहती हैं, इसलिए हम उन्हें नहीं लिखते।
क्या नोटरी किया हुआ किरायानामा मान्य है?
नोटरी से यह साबित होता है कि दोनों पक्षों ने नोटरी के सामने हस्ताक्षर किए। सही स्टांप पेपर पर, दोनों पक्षों और दो गवाहों के हस्ताक्षर वाला 11 महीने का किरायानामा ज़्यादातर कामों के लिए मान्य है। जहाँ रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है, वहाँ नोटरी उसकी जगह नहीं ले सकती।
क्या किरायानामा हिंदी में बन सकता है?
हाँ। किरायानामा किसी भी ऐसी भाषा में हो सकता है जिसे दोनों पक्ष समझते हों। ऊपर दस्तावेज़ की भाषा हिंदी चुनें, पूरा अनुबंध, शर्तें और सूची, हिंदी में बन जाएगा।
क्या मेरी जानकारी सुरक्षित है?
हाँ। फ़ॉर्म, प्रीव्यू, Word और PDF सब आपके ब्राउज़र में ही बनते हैं। आप जो लिखते हैं वह कहीं अपलोड नहीं होता, और ड्राफ़्ट सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव रहता है जब तक आप उसे मिटा न दें।
स्रोत और आख़िरी जाँच
- Rent agreements: when registration is compulsory, and stamp duty (जाँचा गया 30 अक्टू॰ 2026)
A lease from year to year, or for more than one year, must be registered. That is why most residential agreements run for 11 months. In Maharashtra every leave and licence agreement must be registered whatever its term (online e-registration is available). Stamp duty and registration fees are set by each state and change often: check your state’s registration or e-stamp website before you buy stamp paper. Some states also have a Model Tenancy Act based law that requires the agreement to be reported to a Rent Authority.
India Code: Registration Act 1908, section 17(1)(d) · Maharashtra Rent Control Act 1999, section 55 (IGR Maharashtra e-registration of leave and licence) · SHCIL e-stamping (states that use it)
- आधिकारिक वेबसाइट
SHCIL e-stamping · IGR Maharashtra (leave and licence e-registration)
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