गोचर 2027 · चंद्र राशि · गुरु

कन्या राशि: गुरु गोचर 2027

गुरु (बृहस्पति) 2027 में कन्या चंद्र राशि वालों के लिए कहाँ चलेगा, किस भाव में, कब वक्री होगा और इसका सीधा मतलब क्या है। गोचर का मतलब है कि कोई ग्रह अभी आकाश में कहाँ चल रहा है, आपकी चंद्र राशि (जन्म के समय चंद्रमा जिस राशि में था) से गिनकर।

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2027 में कहाँ चलेगा

2027 में गुरु 25 जनवरी 2027 तक सिंह में (कन्या से बारहवें भाव); फिर 25 जनवरी 2027 से 26 जून 2027 तक कर्क में (कन्या से ग्यारहवें भाव); फिर 26 जून 2027 से 26 नवंबर 2027 तक सिंह में (कन्या से बारहवें भाव); फिर 26 नवंबर 2027 से कन्या में (कन्या से पहले भाव) रहेगा।

राशितारीख़ेंआपकी चंद्र राशि से भाव
सिंह25 जनवरी 2027 तकपूरा ठहराव: 31 अक्टूबर 2026 से 25 जनवरी 2027 तकबारहवें भाव धैर्य
कर्क25 जनवरी 2027 से 26 जून 2027 तकपूरा ठहराव: 25 जनवरी 2027 से 26 जून 2027 तकग्यारहवें भाव शुभ
सिंह26 जून 2027 से 26 नवंबर 2027 तकपूरा ठहराव: 26 जून 2027 से 26 नवंबर 2027 तकबारहवें भाव धैर्य
कन्या26 नवंबर 2027 सेपूरा ठहराव: 26 नवंबर 2027 से 28 फ़रवरी 2028 तकपहले भाव धैर्य

वक्री होने का समय

  • 13 दिसंबर 2026 से वक्री, 13 अप्रैल 2027 को मार्गी

वक्री: पृथ्वी से देखने पर ग्रह कुछ महीने उलटा चलता दिखता है। असल में वह पीछे नहीं जाता। परंपरा में यह नया शुरू करने की जगह दोबारा देखने और पूरा करने का समय माना जाता है।

आपके लिए इसका मतलब

गुरु बारहवें भाव में (ख़र्च, नींद, दूर की यात्रा और अंदर का जीवन) धैर्य माँगता है

25 जनवरी 2027 तक, 26 जून 2027 से 26 नवंबर 2027 तक

चंद्र राशि से बारहवें भाव में गुरु ख़र्च लाता है, अक्सर अच्छे कामों, यात्रा या परिवार पर। यह प्रार्थना, दान और आराम का समय है।

गुरु ग्यारहवें भाव में (आमदनी, लाभ, दोस्त और इच्छाएँ) परंपरा में शुभ

25 जनवरी 2027 से 26 जून 2027 तक

चंद्र राशि से ग्यारहवें भाव में गुरु अपनी सबसे अच्छी जगहों में से एक में है। लाभ, आमदनी और दोस्तों की मदद बढ़ती है, और इच्छाएँ पूरी होने के अच्छे योग बनते हैं।

गुरु पहले भाव में (आप, आपका शरीर और ऊर्जा) धैर्य माँगता है

26 नवंबर 2027 से

आपकी अपनी चंद्र राशि पर गुरु आपको बड़ा सोचने और ज़्यादा सीखने की ओर ले जाता है। इससे बेचैनी या जगह बदलना भी हो सकता है, और हर बात पर हाँ कहने की आदत भी।

आप क्या कर सकते हैं

  • ख़र्च की योजना बनाएँ, क्षमता के अंदर दान करें और उतना ही उधार दें जितना खो सकें।
  • जो चाहिए वह माँगें, अपने क्षेत्र के लोगों से मिलें और लाभ को बचत में डालें।
  • पाँच की जगह एक या दो बड़े लक्ष्य चुनें। खान-पान और वज़न पर ध्यान रखें।
  • कुछ नया सीखें, पढ़ें, या जो जानते हैं वह सिखाएँ। बाँटा हुआ ज्ञान गुरु को मज़बूत करता है।
  • गुरुजनों और बड़ों का सम्मान करें, और बड़े फ़ैसलों से पहले सलाह लें।
  • अगर आस्था से मन को सहारा मिलता है, तो गुरुवार को छोटी प्रार्थना काफ़ी है। कोई महँगी पूजा या रत्न ज़रूरी नहीं।

संतुलन से देखें

  • 25 जनवरी 2027 से 26 जून 2027 तक गुरु कर्क में है, जो उसकी सबसे मज़बूत राशि (उच्च) है। परंपरा कहती है कि उच्च का गुरु कठिन भाव से भी अच्छे फल देता है।
  • गुरु अपनी दृष्टि से भी मदद करता है: जहाँ बैठा है वहाँ से पाँचवें, सातवें और नौवें भाव को देखता है, और जीवन के उन हिस्सों को भी सहारा मिलता है।
  • आपकी अपनी दशा (जीवन में चल रही ग्रह की अवधि) और जन्म के समय गुरु की जगह तय करते हैं कि इसका असर कितना होगा। अच्छा गोचर दरवाज़े खोलता है; चलकर जाना आपको ही है।

अपनी कुंडली में देखें

यह पेज सिर्फ़ आपकी चंद्र राशि से गिनता है, जैसे राशिफल में होता है। पूरी कुंडली में आपका लग्न, आपकी दशा और वेध की जाँच भी जुड़ती है। यह आपके फ़ोन पर चलती है; आपकी जन्म जानकारी कहीं नहीं जाती।

ये तारीख़ें कैसे निकाली गईं

ग्रह स्थिति निरयण (लाहिड़ी अयनांश) है, मध्यम राहु-केतु के साथ, उसी इंजन से जो हमारे पंचांग और कुंडली में चलता है। राशि बदलने और वक्री-मार्गी होने का समय एक मिनट तक सही निकाला गया है और IST की तारीख़ों में दिखाया गया है। भाव चंद्र राशि से पूरी राशि के हिसाब से गिने गए हैं।

गुरु तरक़्क़ी, ज्ञान, संतान, गुरुजन, विवाह और अच्छी सलाह का ग्रह है। यह जहाँ जाता है, वहाँ चीज़ें बढ़ती हैं। गुरु हर राशि में लगभग एक साल रहता है।

कन्या: गुरु गोचर 2027, अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

2027 में कन्या राशि के लिए गुरु कहाँ है?

2027 में गुरु 25 जनवरी 2027 तक सिंह में (कन्या से बारहवें भाव); फिर 25 जनवरी 2027 से 26 जून 2027 तक कर्क में (कन्या से ग्यारहवें भाव); फिर 26 जून 2027 से 26 नवंबर 2027 तक सिंह में (कन्या से बारहवें भाव); फिर 26 नवंबर 2027 से कन्या में (कन्या से पहले भाव) रहेगा।

क्या 2027 का गुरु गोचर कन्या राशि के लिए अच्छा है?

25 जनवरी 2027 से 26 जून 2027 तक गुरु ग्यारहवें भाव में है, जो परंपरा में शुभ माना जाता है। बाक़ी समय धैर्य से काम लें। असली असर आपकी दशा पर भी निर्भर है।

2027 में गुरु कब वक्री है?

13 दिसंबर 2026 से वक्री, 13 अप्रैल 2027 को मार्गी वक्री: पृथ्वी से देखने पर ग्रह कुछ महीने उलटा चलता दिखता है। असल में वह पीछे नहीं जाता। परंपरा में यह नया शुरू करने की जगह दोबारा देखने और पूरा करने का समय माना जाता है।

क्या इस गोचर के लिए कोई उपाय करना ज़रूरी है?

नहीं। गोचर हर किसी पर से गुज़रता है, और कोई महँगी पूजा या रत्न ज़रूरी नहीं है। नियमित रूटीन, ईमानदार मेहनत, बड़ों का सम्मान और ज़रूरतमंदों की मदद सबसे भरोसेमंद रास्ते हैं। आपकी अपनी कुंडली में दशा देखना ज़्यादा काम का है।

क्या यह मेरी चंद्र राशि से है या सूर्य राशि से?

चंद्र राशि से, जैसे भारत में राशिफल पढ़ा जाता है। अगर आपकी चंद्र राशि कन्या है, तो यह पेज आपके लिए है। पता नहीं हो तो जन्म तारीख़ से मुफ़्त में जानें।

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