गोचर 2027 · चंद्र राशि · शनि
मकर राशि: शनि गोचर 2027
शनि 2027 में मकर चंद्र राशि वालों के लिए कहाँ चलेगा, किस भाव में, कब वक्री होगा और इसका सीधा मतलब क्या है। गोचर का मतलब है कि कोई ग्रह अभी आकाश में कहाँ चल रहा है, आपकी चंद्र राशि (जन्म के समय चंद्रमा जिस राशि में था) से गिनकर।
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2027 में कहाँ चलेगा
2027 में शनि 3 जून 2027 तक मीन में (मकर से तीसरे भाव); फिर 3 जून 2027 से 20 अक्टूबर 2027 तक मेष में (मकर से चौथे भाव); फिर 20 अक्टूबर 2027 से मीन में (मकर से तीसरे भाव) रहेगा।
वक्री समय
| राशि | तारीख़ें | आपकी चंद्र राशि से भाव |
|---|---|---|
| मीन | 3 जून 2027 तकपूरा ठहराव: 29 मार्च 2025 से 3 जून 2027 तक | तीसरे भाव शुभ |
| मेष | 3 जून 2027 से 20 अक्टूबर 2027 तकपूरा ठहराव: 3 जून 2027 से 20 अक्टूबर 2027 तक | चौथे भाव धैर्य कंटक ढैय्या |
| मीन | 20 अक्टूबर 2027 सेपूरा ठहराव: 20 अक्टूबर 2027 से 23 फ़रवरी 2028 तक | तीसरे भाव शुभ |
वक्री होने का समय
- वक्री: 9 अगस्त 2027 से 24 दिसंबर 2027 तक
वक्री: पृथ्वी से देखने पर ग्रह कुछ महीने उलटा चलता दिखता है। असल में वह पीछे नहीं जाता। परंपरा में यह नया शुरू करने की जगह दोबारा देखने और पूरा करने का समय माना जाता है।
2027 में साढ़े साती और ढैय्या
2027 में मकर राशि पर साढ़े साती नहीं, पर ढैय्या है।
- कंटक ढैय्या (चौथा भाव): 3 जून 2027 से 17 अप्रैल 2030 तक।
- शनि आपकी अपनी चंद्र राशि का स्वामी है, इसलिए परंपरा मानती है कि साढ़े साती सहित इसके गोचर आपके लिए नरम रहते हैं।
साढ़े साती: चंद्र राशि से बारहवें, पहले और दूसरे भाव में शनि के लगभग साढ़े सात साल। ढैय्या: चौथे या आठवें भाव में ढाई साल। अपनी कुंडली से साढ़े साती देखें →
आपके लिए इसका मतलब
शनि तीसरे भाव में (हिम्मत, मेहनत और भाई-बहन) परंपरा में शुभ
3 जून 2027 तक, 20 अक्टूबर 2027 सेचंद्र राशि से तीसरे भाव में शनि अपनी सबसे अच्छी जगहों में से एक में है। हिम्मत और मेहनत का फल मिलता है, और अभी सीखा हुआ हुनर लंबे समय तक साथ रहता है।
शनि चौथे भाव में (घर, माँ और मन की शांति) धैर्य माँगता है
3 जून 2027 से 20 अक्टूबर 2027 तकचंद्र राशि से चौथे भाव में शनि को कंटक ढैय्या (शनि का ढाई साल का दौर) कहते हैं। घर, माँ और मन की शांति पर ध्यान चाहिए: मरम्मत, घर बदलना या बेचैन मन आम बातें हैं।
आप क्या कर सकते हैं
- जो कोर्स, कसरत की आदत या साइड काम टाल रहे थे, उसे शुरू करें। इस समय वह टिकने की संभावना है।
- माता-पिता की नियमित जाँच करवाएँ, घर के अटके काग़ज़ आराम से निपटाएँ और अपने लिए थोड़ा शांत समय रखें।
- सोने, काम और कसरत का तय रूटीन रखें। शनि नियमितता का फल देता है।
- आपके लिए या आपके साथ काम करने वालों के साथ न्याय करें, और ज़रूरतमंद बुज़ुर्गों या मज़दूरों की जितनी हो सके मदद करें।
- अगर आस्था से मन को सहारा मिलता है, तो शनिवार को कुछ मिनट शांत प्रार्थना काफ़ी है। कोई महँगी पूजा या रत्न ज़रूरी नहीं।
संतुलन से देखें
- 3 जून 2027 से 20 अक्टूबर 2027 तक शनि मेष में है, जो उसकी सबसे कमज़ोर राशि (नीच) है। परंपरा इसे शनि के नतीजों में कम ज़ोर मानती है, आसान और कठिन दोनों में।
- किसी भी गोचर से ज़्यादा आपकी अपनी कुंडली मायने रखती है। दशा (आपके जीवन में चल रही ग्रह की अवधि), लग्न और जन्म के समय शनि की जगह, ये सब तय करते हैं कि इसका असर कितना होगा।
- शास्त्रों में वेध (रोकने वाला बिंदु) बताया गया है: जब कोई दूसरा ग्रह चंद्र राशि से तय भाव में हो, तो कठिन गोचर नरम हो जाता है और अच्छा गोचर रुक जाता है। इसी वजह से एक ही गोचर का असर हर व्यक्ति पर अलग दिखता है।
- साढ़े साती सज़ा नहीं है। बहुत से लोगों की शादी, घर और करियर इसी दौरान बनते हैं। यह धैर्य और ईमानदारी माँगती है, और मेहनत का फल देती है।
अपनी कुंडली में देखें
यह पेज सिर्फ़ आपकी चंद्र राशि से गिनता है, जैसे राशिफल में होता है। पूरी कुंडली में आपका लग्न, आपकी दशा और वेध की जाँच भी जुड़ती है। यह आपके फ़ोन पर चलती है; आपकी जन्म जानकारी कहीं नहीं जाती।
ये तारीख़ें कैसे निकाली गईं
ग्रह स्थिति निरयण (लाहिड़ी अयनांश) है, मध्यम राहु-केतु के साथ, उसी इंजन से जो हमारे पंचांग और कुंडली में चलता है। राशि बदलने और वक्री-मार्गी होने का समय एक मिनट तक सही निकाला गया है और IST की तारीख़ों में दिखाया गया है। भाव चंद्र राशि से पूरी राशि के हिसाब से गिने गए हैं।
शनि काम, अनुशासन, धैर्य और ज़िम्मेदारी का ग्रह है। यह धीमा और न्यायप्रिय है: लगातार मेहनत का फल देता है और जो ठीक नहीं चल रहा, उसे सुधारने को कहता है। शनि हर राशि में लगभग ढाई साल रहता है।
मकर: शनि गोचर 2027, अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
2027 में मकर राशि के लिए शनि कहाँ है?
2027 में शनि 3 जून 2027 तक मीन में (मकर से तीसरे भाव); फिर 3 जून 2027 से 20 अक्टूबर 2027 तक मेष में (मकर से चौथे भाव); फिर 20 अक्टूबर 2027 से मीन में (मकर से तीसरे भाव) रहेगा।
क्या 2027 में मकर राशि पर साढ़े साती है?
2027 में मकर राशि पर साढ़े साती नहीं, पर ढैय्या है। कंटक ढैय्या (चौथा भाव): 3 जून 2027 से 17 अप्रैल 2030 तक। शनि आपकी अपनी चंद्र राशि का स्वामी है, इसलिए परंपरा मानती है कि साढ़े साती सहित इसके गोचर आपके लिए नरम रहते हैं।
2027 में शनि कब वक्री है?
वक्री: 9 अगस्त 2027 से 24 दिसंबर 2027 तक वक्री: पृथ्वी से देखने पर ग्रह कुछ महीने उलटा चलता दिखता है। असल में वह पीछे नहीं जाता। परंपरा में यह नया शुरू करने की जगह दोबारा देखने और पूरा करने का समय माना जाता है।
क्या इस गोचर के लिए कोई उपाय करना ज़रूरी है?
नहीं। गोचर हर किसी पर से गुज़रता है, और कोई महँगी पूजा या रत्न ज़रूरी नहीं है। नियमित रूटीन, ईमानदार मेहनत, बड़ों का सम्मान और ज़रूरतमंदों की मदद सबसे भरोसेमंद रास्ते हैं। आपकी अपनी कुंडली में दशा देखना ज़्यादा काम का है।
क्या यह मेरी चंद्र राशि से है या सूर्य राशि से?
चंद्र राशि से, जैसे भारत में राशिफल पढ़ा जाता है। अगर आपकी चंद्र राशि मकर है, तो यह पेज आपके लिए है। पता नहीं हो तो जन्म तारीख़ से मुफ़्त में जानें।