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दैनिक राशिफल · चंद्र राशि · असली गोचर

कर्क राशिफल आजKark · Cancer राशि

कर्क चंद्र राशि (पुनर्वसु (1 चरण), पुष्य, आश्लेषा) के लिए आज का राशिफल, आज के असली गोचर से: चंद्रमा का भाव, तारा बल, चंद्राष्टम और धीमे ग्रह। आज का प्रेम, काम, धन और सेहत, और अगले 7 दिन पढ़ें; हर पंक्ति का कारण नीचे दिखता है।

आख़िरी अपडेट: 2 नवंबर 2026IndiaDigital संपादकों द्वारा जाँचा गयाजवाब के नियम ज्योतिषी योगिराज कावळे द्वारा जाँचे गए

123456789101112सूबुᴿशुᴿमंगुशᴿराके
चंद्रमा कर्क · आश्लेषा · 48% कृष्ण पक्ष
67
कुलअच्छा

आज चंद्रमा आपकी राशि में है, जो आराम, अच्छी भूख और अपनों का साथ लाता है। दिनचर्या को फिर से ठीक करने का मौक़ा है।

आज का नक्षत्र आपके लिए संपत है, जो कमाई, बचत और व्यावहारिक सौदों के लिए अच्छा है।

शाम को परिवार के साथ कोई अच्छी ख़बर बाँटें।

क्योंआज चंद्रमा आपके पहले भाव मेंरात 3:46, 3 नवंबर से चंद्रमा दूसरे भाव मेंपुष्य के लिए संपत तारागुरु दूसरे भाव मेंशनि नौवें भाव मेंराहु आठवें, केतु दूसरे भाव मेंशुक्र चौथे भाव मेंबुध चौथे भाव में

प्रेम और परिवार

अच्छा

साथ बिताए सादे पलों से रिश्ते गहरे होंगे। खाने के समय फ़ोन दूर रखें।

भाव: शुक्र 4 · चंद्र 1 · गुरु 2

काम और करियर

स्थिर

काम पर बड़े क़दम अभी रोकें, पर उनकी तैयारी जारी रखें।

भाव: सूर्य 4 · शनि 9 · चंद्र 1 · बुध 4

धन

अच्छा

आमदनी स्थिर रहने के संकेत हैं। ख़र्च से पहले कुछ हिस्सा अलग रख दें।

भाव: गुरु 2 · शुक्र 4 · बुध 4 · चंद्र 1

सेहत और ऊर्जा

स्थिर

ऊर्जा मध्यम है। हल्का खाना आपको आराम में रखेगा।

भाव: मंगल 1 · सूर्य 4 · शनि 9 · चंद्र 1

अगले 7 दिन

किसी दिन पर टैप करके उसका राशिफल पढ़ें। अंक उन्हीं गोचरों से हैं।

  • शुक्र 6 शुक्र आपके तीसरे भाव में आ जाएगा

आज शुभ

रंग
सफ़ेद
अंक
2
दिशा
उत्तर-पश्चिम

आज के वार स्वामी से: सोमवार का स्वामी चंद्र है। आज सभी राशियों के लिए एक जैसा।

अगला चंद्राष्टम

  • दोपहर 3:31, 17 नवंबर तक रात 12:50, 20 नवंबर
  • रात 10:36, 14 दिसंबर तक सुबह 9:13, 17 दिसंबर

जब चंद्रमा कुम्भ राशि में हो। भारतीय समय।

आपकी राशि से आज का गोचर

ग्रहराशिभाव
सूर्यतुला4
चंद्रकर्क1 ✓
मंगलकर्क1
बुध (वक्री)तुला4 ✓
गुरुसिंह2 ✓
शुक्र (वक्री)तुला4 ✓
शनि (वक्री)मीन9
राहुकुम्भ8
केतुसिंह2

✓ = परंपरागत रूप से शुभ गोचर (फलदीपिका)। सुबह 6 बजे IST की निरयण स्थिति, लाहिड़ी अयनांश, मध्यम राहु-केतु।

यह राशिफल कैसे बनता है

  1. चंद्र गोचर: आज चंद्रमा कर्क से किस भाव में है। परंपरा में 1, 3, 6, 7, 10 और 11वाँ भाव शुभ माने जाते हैं।
  2. तारा बल: आज के नक्षत्र को पुनर्वसु (1 चरण), पुष्य, आश्लेषा से गिनकर, 9 से भाग देने पर शेष से जन्म, संपत, विपत, क्षेम, प्रत्यक्, साधना, नैधन, मित्र या परम मित्र तारा।
  3. चंद्राष्टम: जब चंद्रमा आठवें भाव में हो, तब धीरे चलने की सलाह।
  4. बाक़ी ग्रह: सूर्य, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु के भाव, फलदीपिका के गोचर नियमों से। शनि से साढ़ेसाती और ढैय्या।
  5. इनसे प्रेम, काम, धन और सेहत के अंक बनते हैं, और उन गोचरों के लिए लिखे वाक्यों में से एक चुना जाता है। सात दिन में कोई वाक्य दोहराया नहीं जाता।

ग्रह स्थिति सुबह 6 बजे (IST) की निरयण (लाहिड़ी अयनांश) है, मध्यम राहु-केतु के साथ, वही इंजन जो हमारे पंचांग में द्रिक पंचांग से मिलाया गया है। यह पेज हर दिन आपके फ़ोन पर दोबारा गणना करता है।

कर्क राशिफल: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

यह कर्क राशिफल कैसे बनता है?

यह असली आकाश से गणना होता है: कर्क से चंद्रमा का भाव (चंद्र गोचर), पुनर्वसु (1 चरण), पुष्य, आश्लेषा नक्षत्रों के लिए आज का तारा बल, चंद्राष्टम, और सूर्य, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु, केतु के भाव। हर क्षेत्र को अंक मिलते हैं और उन्हीं गोचरों के लिए लिखे वाक्य चुने जाते हैं। कुछ भी रैंडम नहीं है।

यह चंद्र राशि से है या सूर्य राशि से?

चंद्र राशि से, भारतीय पद्धति में, निरयण राशिचक्र (लाहिड़ी अयनांश) के साथ। अगर अपनी राशि नहीं पता, तो राशिफल पेज पर जन्म तिथि और समय से अपनी चंद्र राशि निकालें।

चंद्राष्टम क्या है?

जब चंद्रमा आपकी चंद्र राशि से आठवीं राशि में होता है, तो उसे चंद्राष्टम कहते हैं। कर्क के लिए यह तब होता है जब चंद्रमा कुम्भ राशि में हो, हर महीने लगभग ढाई दिन। परंपरा धीरे चलने को कहती है: नई शुरुआत और गरम बहस टालें। चिंता की कोई बात नहीं।

क्या कर्क राशि पर अभी साढ़ेसाती है?

साढ़ेसाती वह लगभग साढ़े सात साल का समय है जब शनि चंद्र राशि से 12वें, पहले और दूसरे भाव से गुज़रता है। अभी शनि कर्क राशि से नौवें भाव में है, इसलिए साढ़ेसाती नहीं चल रही।

शुभ रंग, अंक और दिशा कैसे तय होते हैं?

आज के वार के स्वामी ग्रह से: रविवार सूर्य, सोमवार चंद्र, मंगलवार मंगल, बुधवार बुध, गुरुवार गुरु, शुक्रवार शुक्र, शनिवार शनि। हर ग्रह का पारंपरिक रंग, अंक और दिशा दिखाई जाती है। यह उस दिन सभी राशियों के लिए एक जैसा है।

क्या यह कोई सलाह है?

नहीं। यह चिंतन के लिए पारंपरिक गोचर पाठ है। सेहत, पैसे या क़ानूनी फ़ैसलों के लिए योग्य विशेषज्ञ से बात करें। हम कोई उपाय, रत्न या पूजा नहीं बेचते।

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