प्रेम और परिवार
धीरे चलेंकिसी अपने को सलाह से ज़्यादा सहारे की ज़रूरत हो सकती है। बस सुनें।
भाव: शुक्र 5 · चंद्र 2 · गुरु 3दैनिक राशिफल · चंद्र राशि · असली गोचर
मिथुन चंद्र राशि (मृगशिरा (2 चरण), आर्द्रा, पुनर्वसु (3 चरण)) के लिए आज का राशिफल, आज के असली गोचर से: चंद्रमा का भाव, तारा बल, चंद्राष्टम और धीमे ग्रह। आज का प्रेम, काम, धन और सेहत, और अगले 7 दिन पढ़ें; हर पंक्ति का कारण नीचे दिखता है।
आख़िरी अपडेट: 2 नवंबर 2026IndiaDigital संपादकों द्वारा जाँचा गयाजवाब के नियम ज्योतिषी योगिराज कावळे द्वारा जाँचे गए
चंद्रमा दूसरे भाव से गुज़र रहा है, इसलिए घर का बजट और पारिवारिक बातचीत अहम रहेगी। जल्दबाज़ी के बजाय विनम्र जवाब बेहतर रहेंगे।
आज का नक्षत्र आपके लिए क्षेम है, जो सेहत, घर और सुकून के लिए कोमल तारा है।
यात्रा और कामों के लिए ख़ुद को अतिरिक्त समय दें।
किसी अपने को सलाह से ज़्यादा सहारे की ज़रूरत हो सकती है। बस सुनें।
भाव: शुक्र 5 · चंद्र 2 · गुरु 3भेजने से पहले आँकड़े और दस्तावेज़ दोबारा जाँचें।
भाव: सूर्य 5 · शनि 10 · चंद्र 2 · बुध 5दस्तख़त या भुगतान से पहले शर्तें दो बार पढ़ें।
भाव: गुरु 3 · शुक्र 5 · बुध 5 · चंद्र 2गाड़ी चलाते या औज़ार इस्तेमाल करते समय अतिरिक्त सावधानी रखें।
भाव: मंगल 2 · सूर्य 5 · शनि 10 · चंद्र 2किसी दिन पर टैप करके उसका राशिफल पढ़ें। अंक उन्हीं गोचरों से हैं।
आज के वार स्वामी से: सोमवार का स्वामी चंद्र है। आज सभी राशियों के लिए एक जैसा।
जब चंद्रमा मकर राशि में हो। भारतीय समय।
| ग्रह | राशि | भाव |
|---|---|---|
| सूर्य | तुला | 5 |
| चंद्र | कर्क | 2 |
| मंगल | कर्क | 2 |
| बुध (वक्री) | तुला | 5 |
| गुरु | सिंह | 3 |
| शुक्र (वक्री) | तुला | 5 ✓ |
| शनि (वक्री) | मीन | 10 |
| राहु | कुम्भ | 9 |
| केतु | सिंह | 3 ✓ |
✓ = परंपरागत रूप से शुभ गोचर (फलदीपिका)। सुबह 6 बजे IST की निरयण स्थिति, लाहिड़ी अयनांश, मध्यम राहु-केतु।
ग्रह स्थिति सुबह 6 बजे (IST) की निरयण (लाहिड़ी अयनांश) है, मध्यम राहु-केतु के साथ, वही इंजन जो हमारे पंचांग में द्रिक पंचांग से मिलाया गया है। यह पेज हर दिन आपके फ़ोन पर दोबारा गणना करता है।
यह असली आकाश से गणना होता है: मिथुन से चंद्रमा का भाव (चंद्र गोचर), मृगशिरा (2 चरण), आर्द्रा, पुनर्वसु (3 चरण) नक्षत्रों के लिए आज का तारा बल, चंद्राष्टम, और सूर्य, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु, केतु के भाव। हर क्षेत्र को अंक मिलते हैं और उन्हीं गोचरों के लिए लिखे वाक्य चुने जाते हैं। कुछ भी रैंडम नहीं है।
चंद्र राशि से, भारतीय पद्धति में, निरयण राशिचक्र (लाहिड़ी अयनांश) के साथ। अगर अपनी राशि नहीं पता, तो राशिफल पेज पर जन्म तिथि और समय से अपनी चंद्र राशि निकालें।
जब चंद्रमा आपकी चंद्र राशि से आठवीं राशि में होता है, तो उसे चंद्राष्टम कहते हैं। मिथुन के लिए यह तब होता है जब चंद्रमा मकर राशि में हो, हर महीने लगभग ढाई दिन। परंपरा धीरे चलने को कहती है: नई शुरुआत और गरम बहस टालें। चिंता की कोई बात नहीं।
साढ़ेसाती वह लगभग साढ़े सात साल का समय है जब शनि चंद्र राशि से 12वें, पहले और दूसरे भाव से गुज़रता है। अभी शनि मिथुन राशि से दसवें भाव में है, इसलिए साढ़ेसाती नहीं चल रही।
आज के वार के स्वामी ग्रह से: रविवार सूर्य, सोमवार चंद्र, मंगलवार मंगल, बुधवार बुध, गुरुवार गुरु, शुक्रवार शुक्र, शनिवार शनि। हर ग्रह का पारंपरिक रंग, अंक और दिशा दिखाई जाती है। यह उस दिन सभी राशियों के लिए एक जैसा है।
नहीं। यह चिंतन के लिए पारंपरिक गोचर पाठ है। सेहत, पैसे या क़ानूनी फ़ैसलों के लिए योग्य विशेषज्ञ से बात करें। हम कोई उपाय, रत्न या पूजा नहीं बेचते।