होम / राशिफल / मिथुन

दैनिक राशिफल · चंद्र राशि · असली गोचर

मिथुन राशिफल आजMithun · Gemini राशि

मिथुन चंद्र राशि (मृगशिरा (2 चरण), आर्द्रा, पुनर्वसु (3 चरण)) के लिए आज का राशिफल, आज के असली गोचर से: चंद्रमा का भाव, तारा बल, चंद्राष्टम और धीमे ग्रह। आज का प्रेम, काम, धन और सेहत, और अगले 7 दिन पढ़ें; हर पंक्ति का कारण नीचे दिखता है।

आख़िरी अपडेट: 2 नवंबर 2026IndiaDigital संपादकों द्वारा जाँचा गयाजवाब के नियम ज्योतिषी योगिराज कावळे द्वारा जाँचे गए

123456789101112सूबुᴿशुᴿमंगुशᴿराके
चंद्रमा कर्क · आश्लेषा · 48% कृष्ण पक्ष
28
कुलधीरे चलें

चंद्रमा दूसरे भाव से गुज़र रहा है, इसलिए घर का बजट और पारिवारिक बातचीत अहम रहेगी। जल्दबाज़ी के बजाय विनम्र जवाब बेहतर रहेंगे।

आज का नक्षत्र आपके लिए क्षेम है, जो सेहत, घर और सुकून के लिए कोमल तारा है।

यात्रा और कामों के लिए ख़ुद को अतिरिक्त समय दें।

क्योंआज चंद्रमा आपके दूसरे भाव मेंरात 3:46, 3 नवंबर से चंद्रमा तीसरे भाव मेंआर्द्रा के लिए क्षेम तारागुरु तीसरे भाव मेंशनि दसवें भाव मेंराहु नौवें, केतु तीसरे भाव मेंशुक्र पाँचवें भाव में

प्रेम और परिवार

धीरे चलें

किसी अपने को सलाह से ज़्यादा सहारे की ज़रूरत हो सकती है। बस सुनें।

भाव: शुक्र 5 · चंद्र 2 · गुरु 3

काम और करियर

धीरे चलें

भेजने से पहले आँकड़े और दस्तावेज़ दोबारा जाँचें।

भाव: सूर्य 5 · शनि 10 · चंद्र 2 · बुध 5

धन

धीरे चलें

दस्तख़त या भुगतान से पहले शर्तें दो बार पढ़ें।

भाव: गुरु 3 · शुक्र 5 · बुध 5 · चंद्र 2

सेहत और ऊर्जा

धीरे चलें

गाड़ी चलाते या औज़ार इस्तेमाल करते समय अतिरिक्त सावधानी रखें।

भाव: मंगल 2 · सूर्य 5 · शनि 10 · चंद्र 2

अगले 7 दिन

किसी दिन पर टैप करके उसका राशिफल पढ़ें। अंक उन्हीं गोचरों से हैं।

  • शुक्र 6 शुक्र आपके चौथे भाव में आ जाएगा

आज शुभ

रंग
सफ़ेद
अंक
2
दिशा
उत्तर-पश्चिम

आज के वार स्वामी से: सोमवार का स्वामी चंद्र है। आज सभी राशियों के लिए एक जैसा।

अगला चंद्राष्टम

  • रात 3:11, 15 नवंबर तक दोपहर 3:31, 17 नवंबर
  • सुबह 9:52, 12 दिसंबर तक रात 10:36, 14 दिसंबर

जब चंद्रमा मकर राशि में हो। भारतीय समय।

आपकी राशि से आज का गोचर

ग्रहराशिभाव
सूर्यतुला5
चंद्रकर्क2
मंगलकर्क2
बुध (वक्री)तुला5
गुरुसिंह3
शुक्र (वक्री)तुला5 ✓
शनि (वक्री)मीन10
राहुकुम्भ9
केतुसिंह3 ✓

✓ = परंपरागत रूप से शुभ गोचर (फलदीपिका)। सुबह 6 बजे IST की निरयण स्थिति, लाहिड़ी अयनांश, मध्यम राहु-केतु।

यह राशिफल कैसे बनता है

  1. चंद्र गोचर: आज चंद्रमा मिथुन से किस भाव में है। परंपरा में 1, 3, 6, 7, 10 और 11वाँ भाव शुभ माने जाते हैं।
  2. तारा बल: आज के नक्षत्र को मृगशिरा (2 चरण), आर्द्रा, पुनर्वसु (3 चरण) से गिनकर, 9 से भाग देने पर शेष से जन्म, संपत, विपत, क्षेम, प्रत्यक्, साधना, नैधन, मित्र या परम मित्र तारा।
  3. चंद्राष्टम: जब चंद्रमा आठवें भाव में हो, तब धीरे चलने की सलाह।
  4. बाक़ी ग्रह: सूर्य, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु के भाव, फलदीपिका के गोचर नियमों से। शनि से साढ़ेसाती और ढैय्या।
  5. इनसे प्रेम, काम, धन और सेहत के अंक बनते हैं, और उन गोचरों के लिए लिखे वाक्यों में से एक चुना जाता है। सात दिन में कोई वाक्य दोहराया नहीं जाता।

ग्रह स्थिति सुबह 6 बजे (IST) की निरयण (लाहिड़ी अयनांश) है, मध्यम राहु-केतु के साथ, वही इंजन जो हमारे पंचांग में द्रिक पंचांग से मिलाया गया है। यह पेज हर दिन आपके फ़ोन पर दोबारा गणना करता है।

मिथुन राशिफल: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

यह मिथुन राशिफल कैसे बनता है?

यह असली आकाश से गणना होता है: मिथुन से चंद्रमा का भाव (चंद्र गोचर), मृगशिरा (2 चरण), आर्द्रा, पुनर्वसु (3 चरण) नक्षत्रों के लिए आज का तारा बल, चंद्राष्टम, और सूर्य, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु, केतु के भाव। हर क्षेत्र को अंक मिलते हैं और उन्हीं गोचरों के लिए लिखे वाक्य चुने जाते हैं। कुछ भी रैंडम नहीं है।

यह चंद्र राशि से है या सूर्य राशि से?

चंद्र राशि से, भारतीय पद्धति में, निरयण राशिचक्र (लाहिड़ी अयनांश) के साथ। अगर अपनी राशि नहीं पता, तो राशिफल पेज पर जन्म तिथि और समय से अपनी चंद्र राशि निकालें।

चंद्राष्टम क्या है?

जब चंद्रमा आपकी चंद्र राशि से आठवीं राशि में होता है, तो उसे चंद्राष्टम कहते हैं। मिथुन के लिए यह तब होता है जब चंद्रमा मकर राशि में हो, हर महीने लगभग ढाई दिन। परंपरा धीरे चलने को कहती है: नई शुरुआत और गरम बहस टालें। चिंता की कोई बात नहीं।

क्या मिथुन राशि पर अभी साढ़ेसाती है?

साढ़ेसाती वह लगभग साढ़े सात साल का समय है जब शनि चंद्र राशि से 12वें, पहले और दूसरे भाव से गुज़रता है। अभी शनि मिथुन राशि से दसवें भाव में है, इसलिए साढ़ेसाती नहीं चल रही।

शुभ रंग, अंक और दिशा कैसे तय होते हैं?

आज के वार के स्वामी ग्रह से: रविवार सूर्य, सोमवार चंद्र, मंगलवार मंगल, बुधवार बुध, गुरुवार गुरु, शुक्रवार शुक्र, शनिवार शनि। हर ग्रह का पारंपरिक रंग, अंक और दिशा दिखाई जाती है। यह उस दिन सभी राशियों के लिए एक जैसा है।

क्या यह कोई सलाह है?

नहीं। यह चिंतन के लिए पारंपरिक गोचर पाठ है। सेहत, पैसे या क़ानूनी फ़ैसलों के लिए योग्य विशेषज्ञ से बात करें। हम कोई उपाय, रत्न या पूजा नहीं बेचते।

Search by task, format or tool name.