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पैन-आधार लिंक फ़ीस और स्टेटस

पैन आधार से नहीं जुड़ा तो वह निष्क्रिय हो जाता है: रिफ़ंड रुक जाता है और टैक्स ज़्यादा दर से कट सकता है। स्टेटस देखना मुफ़्त है; अब जोड़ने के लिए ₹1,000 फ़ीस लगती है।

आख़िरी अपडेट: IndiaDigital संपादकों द्वारा जाँचा गयास्रोत

किसे चाहिए

  • हर वह व्यक्ति जिसके पास पैन है और जो आधार बनवाने के योग्य है।
  • जिन्हें ज़रूरत नहीं (आयकर विभाग की छूट वाली श्रेणी): असम, जम्मू-कश्मीर और मेघालय के निवासी; अनिवासी भारतीय; पिछले साल 80 वर्ष या उससे ज़्यादा उम्र वाले; और जो भारत के नागरिक नहीं हैं।

सरकारी फ़ीस

किसके लिएफ़ीस
लिंक का स्टेटस देखनास्रोत: incometax.gov.inमुफ़्त
अब पैन-आधार लिंक कराना (लेट फ़ीस)एक ही चालान, Other Receipts (500) में। वापस नहीं मिलतीस्रोत: incometax.gov.in₹1,000

भुगतान सिर्फ़ incometax.gov.in के e-Pay Tax या अपने बैंक से करें। छूट वाली श्रेणी को छोड़कर सबके लिए फ़ीस एक जैसी है।

फ़ीस जाँची गई:

तरीका, कदम-दर-कदम

  1. पहले जाँचें: incometax.gov.in खोलें, Quick Links में Link Aadhaar Status पर क्लिक करें, पैन और आधार डालें। लिंक दिखे तो काम हो चुका है।
  2. लिंक न हो तो Quick Links में Link Aadhaar पर जाएँ, पैन और आधार डालें और Continue to Pay Through e-Pay Tax चुनें।
  3. OTP से पुष्टि करें, फिर Income Tax टाइल, दिखाया गया असेसमेंट ईयर और भुगतान का प्रकार Other Receipts (500) चुनें। ₹1,000 अपने-आप भर जाता है।
  4. नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, UPI या बैंक काउंटर से, जो विकल्प मिले, भुगतान करें। चालान सँभालकर रखें।
  5. फिर Link Aadhaar पर जाएँ, पैन और आधार दोबारा डालें, Validate दबाएँ, नाम मिलाएँ और आधार वाले मोबाइल पर आया 6 अंकों का OTP डालें।
  6. कुछ दिन बाद Link Aadhaar Status देखें। प्रक्रिया में हो तो लिखा आता है कि अनुरोध UIDAI को जाँच के लिए भेजा गया है।

काग़ज़

  • पैन कार्ड या पैन नंबर
  • आधार नंबर और आधार से जुड़ा मोबाइल (OTP के लिए)
  • ₹1,000 के लिए नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड या UPI
  • दोनों कार्ड पर नाम और जन्मतिथि एक जैसी

कितना समय लगता है

  • आयकर विभाग के अनुसार: भुगतान के बाद पोर्टल पर पेमेंट वेरिफ़ाइड न दिखे तो लिंक का अनुरोध भेजने से पहले 4 से 5 कामकाजी दिन रुकें।

आम गलतियाँ

  • गलत मद में भुगतान करना। फ़ीस एक ही चालान में Other Receipts (500) में होनी चाहिए, वरना पोर्टल उसे नहीं पहचानता।
  • पैन और आधार में नाम की स्पेलिंग या जन्मतिथि अलग होना। पहले किसी एक को ठीक कराएँ, वरना लिंक नहीं होगा।
  • किसी वेबसाइट या फ़ोन करने वाले को "लिंक फ़ीस" देना। सिर्फ़ सरकारी e-Pay Tax का रास्ता मान्य है।
  • यह मान लेना कि भुगतान से ही लिंक हो गया। पैसे भरने के बाद लिंक का अनुरोध अलग से भेजना होता है।

प्रिंट करने लायक चेकलिस्ट: पैन-आधार लिंक

जो तैयार है उस पर निशान लगाएँ। निशान सिर्फ़ इसी फ़ोन या कंप्यूटर पर सेव होते हैं।

indiadigital.org/hi/sarkari-kaam/pan-aadhaar-link/ · फ़ीस जाँची गई: 1 नवंबर 2026

IndiaDigital पर और

IndiaDigital कोई एजेंट नहीं है और किसी सरकारी दफ़्तर से जुड़ा नहीं है। OTP किसी को न बताएँ।

लोग पूछते हैं

पैन लिंक न हो तो क्या होगा?

पैन निष्क्रिय हो जाता है। आयकर विभाग के मुताबिक रिफ़ंड नहीं मिलता, रिफ़ंड पर ब्याज नहीं मिलता और टैक्स ज़्यादा दर से कटता है।

क्या ₹1,000 वापस मिल सकते हैं?

नहीं। आयकर विभाग के अनुसार देरी से लिंक कराने की फ़ीस वापस करने का कोई प्रावधान नहीं है।

कैसे पता करें कि पैन लिंक है या नहीं?

incometax.gov.in पर Quick Links में Link Aadhaar Status पर क्लिक करें। लॉग-इन की ज़रूरत नहीं और यह मुफ़्त है।

स्रोत

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