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मोबाइल गुम या चोरी होने पर थाने में शिकायत

गुम या चोरी हुए फ़ोन को सभी नेटवर्क पर ब्लॉक कराने के लिए पुलिस शिकायत की संख्या या प्रति, IMEI नंबर और OTP के लिए एक चालू नंबर चाहिए। थाना प्रभारी के नाम यह पत्र भरें, शिकायत दर्ज कराएँ, फिर संचार साथी (CEIR) पर ब्लॉक का अनुरोध करें। उसी दिन ऑपरेटर से अपने नंबर की डुप्लीकेट सिम भी ले लें।

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यह समय बचाने के लिए एक सामान्य प्रारूप है, क़ानूनी सलाह नहीं। हर शर्त ध्यान से पढ़ें, जो आपकी स्थिति पर लागू न हो उसे बदलें, और विवाद या बड़ी रकम के मामले में वकील से सलाह लें।

मोबाइल गुम/चोरी की शिकायत क्या है?

यह थाना प्रभारी के नाम छोटा शिकायत पत्र है, जिसमें फ़ोन कब और कहाँ गुम हुआ, चोरी हुआ या छीना गया, यह लिखा होता है, साथ में कंपनी, मॉडल, रंग, दोनों IMEI नंबर और फ़ोन में लगा मोबाइल नंबर। चोरी या छीने जाने पर इसमें BNSS 2023 की धारा 173 के तहत FIR की माँग है; गुम होने पर शिकायत दर्ज करके उसकी प्रति देने की।

मोबाइल गुम/चोरी की शिकायत कब काम आता है?

  • बस, ऑटो, ट्रेन या बाज़ार में फ़ोन गुम हो गया या छूट गया।
  • घर, बैग या जेब से फ़ोन चोरी हो गया।
  • सड़क पर किसी ने फ़ोन छीन लिया।
  • CEIR पर फ़ोन ब्लॉक कराने या बीमा क्लेम के लिए पुलिस शिकायत संख्या चाहिए।

मोबाइल गुम/चोरी की शिकायत के लिए ज़रूरी दस्तावेज़

  • डिब्बे या बिल से IMEI नंबर (या किसी फ़ोन पर *#06# डायल करें)।
  • ख़रीद बिल की प्रति, अगर हो।
  • पहचान पत्र, जैसे आधार, वोटर ID या ड्राइविंग लाइसेंस।
  • OTP के लिए चालू मोबाइल नंबर; गुम नंबर की डुप्लीकेट सिम सबसे आसान है।

मोबाइल गुम/चोरी की शिकायत कैसे बनाएँ: स्टांप पेपर, हस्ताक्षर, जमा करना

  1. फ़ॉर्म में अपनी जानकारी, फ़ोन का विवरण और घटना भरें। IMEI नंबर दो बार मिला लें।
  2. दो प्रतियाँ प्रिंट करके हस्ताक्षर करें। एक थाने में जमा करें, या आपके राज्य की पुलिस वेबसाइट पर ऑनलाइन गुमशुदगी रिपोर्ट की सुविधा हो तो वहाँ दर्ज करें।
  3. दूसरी प्रति पर थाने की मुहर लगवाएँ, या शिकायत/FIR संख्या लिख लें। FIR की प्रति मुफ़्त पाने का आपको अधिकार है।
  4. ऑपरेटर से गुम नंबर की डुप्लीकेट सिम लें।
  5. sancharsaathi.gov.in पर “Block your lost/stolen mobile” चुनें और शिकायत संख्या, IMEI और बाकी जानकारी भरें। बाद में अनब्लॉक करने के लिए मिला अनुरोध ID संभालकर रखें।
  6. फ़ोन मिल जाए तो पुलिस को बताएँ और उसी पोर्टल से अनब्लॉक करें।

आम ग़लतियाँ

  • IMEI का एक भी अंक ग़लत लिखना। फ़ॉर्म जाँच अंक मिलाता है, फिर भी डिब्बे से मिला लें।
  • शिकायत करने में कई दिन लगा देना। जल्दी शिकायत करें और फ़ोन ब्लॉक कराएँ ताकि दुरुपयोग न हो।
  • मुहर लगी प्रति या शिकायत संख्या न लेना। CEIR पर इसकी ज़रूरत होती है।
  • UPI और बैंकिंग ऐप बंद कराना भूल जाना। बैंक को फ़ोन करें और दूसरे डिवाइस से पासवर्ड बदलें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या CEIR पर फ़ोन ब्लॉक कराने के लिए FIR ज़रूरी है?

पुलिस शिकायत की संख्या या प्रति ज़रूरी है। चोरी या छीने जाने पर यह आमतौर पर FIR होती है। सिर्फ़ गुम होने पर कई राज्य गुमशुदगी (लॉस्ट आर्टिकल) रिपोर्ट देते हैं, अक्सर ऑनलाइन, जो मान्य होती है।

फ़ोन नहीं है तो IMEI नंबर कहाँ मिलेगा?

IMEI फ़ोन के डिब्बे पर और आमतौर पर ख़रीद बिल पर छपा होता है। फ़ोन किसी Google या Apple खाते से जुड़ा था तो खाते की डिवाइस सूची में भी दिख सकता है।

क्या थाना यह कहकर शिकायत लेने से मना कर सकता है कि घटना दूसरे इलाके की है?

BNSS 2023 के तहत अपराध की सूचना किसी भी थाने में दी जा सकती है, घटना चाहे कहीं हुई हो (ज़ीरो FIR)। थाना उसे सही थाने को भेज देता है।

फ़ोन ब्लॉक करने से क्या होता है?

IMEI सभी भारतीय नेटवर्क पर ब्लॉक हो जाता है, इसलिए फ़ोन किसी सिम के साथ काम नहीं करता। कोई सिम डालता है तो सिस्टम पता लगाने में मदद कर सकता है। फ़ोन मिलने पर संचार साथी से अनब्लॉक कर सकते हैं।

क्या मेरी जानकारी सुरक्षित है?

हाँ। फ़ॉर्म, प्रीव्यू, Word और PDF सब आपके ब्राउज़र में इसी डिवाइस पर बनते हैं। IMEI और पता सहित आप जो भी लिखते हैं, कहीं अपलोड नहीं होता। यह ड्राफ़्ट बनाने में मदद है, क़ानूनी सलाह नहीं।

स्रोत और आख़िरी जाँच

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