सामान्य शपथ पत्र प्रारूप, आपकी जानकारी के साथ भरा हुआ
शपथ पत्र (हलफ़नामा) तथ्यों का लिखित बयान है, जिसे आप नोटरी या ओथ कमिश्नर के सामने सच होने की शपथ लेकर देते हैं। अपना विवरण और घोषित की जाने वाली बातें, हर लाइन में एक, भरें; यह पेज उन्हें क्रमांकित पैरा और सत्यापन के साथ भारतीय मानक प्रारूप में लिख देता है।
अपने राज्य के हिसाब से सही मूल्य के स्टांप पेपर पर छापें, हस्ताक्षर करें और सत्यापित कराएँ।
आख़िरी अपडेट: IndiaDigital संपादकों द्वारा जाँचा गयास्रोत
- कुछ भी अपलोड नहीं होता
- हिंदी और अंग्रेज़ी
- Word और PDF
फ़ॉर्म खुल रहा है…
यह समय बचाने के लिए एक सामान्य प्रारूप है, क़ानूनी सलाह नहीं। हर शर्त ध्यान से पढ़ें, जो आपकी स्थिति पर लागू न हो उसे बदलें, और विवाद या बड़ी रकम के मामले में वकील से सलाह लें।
शपथ पत्र क्या है?
यह किसी भी ऐसी घोषणा के लिए सामान्य शपथ पत्र है जिसका अपना कोई तय प्रारूप नहीं है। इसमें शुरुआत में आपका नाम, पिता या पति का नाम, उम्र और पता होता है, फिर हर बात एक क्रमांकित पैरा में, फिर उद्देश्य, और अंत में शपथकर्ता के हस्ताक्षर और वह सत्यापन जो नोटरी देखना चाहते हैं। पूरा दस्तावेज़ अंग्रेज़ी में भी बन सकता है, और Word फ़ाइल में हर लाइन बदली जा सकती है।
शपथ पत्र कब काम आता है?
- दफ़्तर कहे कि "इस बात का शपथ पत्र लाइए" और कोई प्रारूप न दे।
- स्कूल, कॉलेज या सरकारी दफ़्तर के लिए संबंध, निवास, आश्रित होने या किसी निजी तथ्य की घोषणा।
- किसी योजना या भर्ती के लिए यह पुष्टि कि आपने कहीं और आवेदन नहीं किया, या कोई दस्तावेज़ असली है।
- बैंक, कंपनी या हाउसिंग सोसाइटी के लिए कोई बात स्टांप पेपर पर दर्ज करनी हो।
शपथ पत्र के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
- नोटरी को दिखाने के लिए पहचान पत्र (आधार, PAN, पासपोर्ट या वोटर ID)।
- आपके राज्य या दफ़्तर के हिसाब से सही मूल्य का नॉन-ज्यूडिशियल स्टांप पेपर या ई-स्टांप।
- शपथ पत्र में जिन दस्तावेज़ों का ज़िक्र है, उनकी कॉपी।
- दफ़्तर माँगे तो एक पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो।
शपथ पत्र कैसे बनाएँ: स्टांप पेपर, हस्ताक्षर, जमा करना
- अपना विवरण, घोषित की जाने वाली बातें (हर लाइन में एक) और उद्देश्य भरें। प्रीव्यू साथ-साथ बदलता है।
- वैसे ही छापना हो तो PDF, शब्द बदलने हों तो Word फ़ाइल डाउनलोड करें।
- अपने राज्य द्वारा तय मूल्य का स्टांप पेपर या ई-स्टांप लें (कई दफ़्तर कम मूल्य का स्टांप पेपर मान लेते हैं; दफ़्तर से पूछें) और उस पर शपथ पत्र छापें।
- नोटरी या ओथ कमिश्नर के सामने हस्ताक्षर करें; वे आपकी पहचान देखकर मुहर और रजिस्टर एंट्री के साथ सत्यापित करते हैं।
- मूल प्रति उस दफ़्तर में जमा करें जिसने माँगी थी, और एक फ़ोटोकॉपी अपने पास रखें।
आम ग़लतियाँ
- ऐसी बातें लिखना जिन्हें आप साबित नहीं कर सकते या जिनके बारे में पक्का नहीं हैं। झूठा शपथ पत्र अपराध है।
- नोटरी के पास पहुँचने से पहले ही हस्ताक्षर कर देना। हस्ताक्षर नोटरी या ओथ कमिश्नर के सामने करें।
- जहाँ शपथ पत्र चाहिए वहाँ स्व-घोषणा देना, या उल्टा। दफ़्तर से पूछें कि उन्हें कौन सा चाहिए।
- उद्देश्य अस्पष्ट छोड़ना। दफ़्तर और कारण साफ़ लिखें ताकि शपथ पत्र लौटाया न जाए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
शपथ पत्र और स्व-घोषणा में क्या अंतर है?
शपथ पत्र नोटरी, ओथ कमिश्नर या मजिस्ट्रेट के सामने शपथ लेकर दिया जाता है और आम तौर पर स्टांप पेपर पर होता है। स्व-घोषणा पर सिर्फ़ आपके हस्ताक्षर होते हैं। कई सरकारी दफ़्तर अब शपथ पत्र की जगह स्व-प्रमाणित घोषणा मान लेते हैं, इसलिए पहले दफ़्तर से पूछ लें; इससे स्टांप पेपर और नोटरी का ख़र्च बच सकता है।
कितने रुपये का स्टांप पेपर चाहिए?
यह आपका राज्य और कभी-कभी शपथ पत्र माँगने वाला दफ़्तर तय करता है। कई दफ़्तर कम मूल्य का नॉन-ज्यूडिशियल स्टांप पेपर या ई-स्टांप मान लेते हैं। दफ़्तर और अपने राज्य की ई-स्टांप वेबसाइट से पता करें; दरें अलग-अलग हैं और बदलती रहती हैं, इसलिए हम उन्हें नहीं लिखते।
शपथ पत्र कौन सत्यापित कर सकता है?
नोटरी पब्लिक, ओथ कमिश्नर (अक्सर ज़िला अदालत में मिलते हैं) या मजिस्ट्रेट। वे आपकी पहचान और यह पुष्टि करते हैं कि आपने उनके सामने हस्ताक्षर किए। कुछ दफ़्तर इनमें से किसी एक को ही मानते हैं, इसलिए दिए गए निर्देश देख लें।
क्या शपथ पत्र अंग्रेज़ी में भी बन सकता है?
हाँ। दस्तावेज़ की भाषा अंग्रेज़ी चुनें, पूरा शपथ पत्र और सत्यापन अंग्रेज़ी में बन जाएगा। नाम वैसे ही रहते हैं जैसे आप लिखते हैं।
क्या मेरी जानकारी सुरक्षित है?
हाँ। फ़ॉर्म, प्रीव्यू, Word और PDF सब आपके डिवाइस पर, आपके ब्राउज़र में ही बनते हैं। आप जो लिखते हैं वह कहीं अपलोड नहीं होता, और ड्राफ़्ट सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव रहता है जब तक आप उसे मिटा न दें।
स्रोत और आख़िरी जाँच
- Affidavits: who attests them, and when a self-declaration is enough (जाँचा गया 30 अक्टू॰ 2026)
An affidavit is a written statement sworn before a notary, an oath commissioner or a magistrate. It is usually typed on non-judicial stamp paper whose value is set by the state (many offices accept ₹10 to ₹100 stamp paper or an e-stamp certificate). Many central and state offices accept a self-attested declaration instead of a sworn affidavit; ask the office first. A false affidavit is an offence.
India Code: Notaries Act 1952 and Oaths Act 1969 · DARPG: self-certification in place of affidavits
IndiaDigital एक स्वतंत्र प्रोजेक्ट है, किसी सरकारी विभाग से जुड़ा नहीं।