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मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना (झारखंड)

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना (झारखंड) राज्य सरकार की योजना है। ग्रामीण परिवारों को अनुदान पर बकरी, सूअर, बैकयार्ड मुर्गी, ब्रॉयलर और बत्तख के चूज़ों की इकाई (पशु शेड में मदद के साथ); अनुसूचित जनजाति के लाभुकों को कल्याण विभाग के हिस्से से 100% अनुदान मिल सकता है। आवेदन मुफ़्त है: animalhusbandry.jharkhand.gov.in या नज़दीकी CSC पर।

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क्या मिलता हैराशि आधिकारिक साइट पर देखें
कहाँझारखंड (राज्य सरकार)
कौन चलाता हैDirectorate of Animal Husbandry, Department of Agriculture, Animal Husbandry and Co-operative, Govt of Jharkhand
आख़िरी जाँच1 नवंबर 2026

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना (झारखंड) में क्या मिलता है?

ग्रामीण परिवारों को अनुदान पर बकरी, सूअर, बैकयार्ड मुर्गी, ब्रॉयलर और बत्तख के चूज़ों की इकाई (पशु शेड में मदद के साथ); अनुसूचित जनजाति के लाभुकों को कल्याण विभाग के हिस्से से 100% अनुदान मिल सकता है।

सरकारी पेज पर इकाइयाँ, प्राथमिकता और चयन की प्रक्रिया लिखी है, पर अनुदान का मौजूदा प्रतिशत नहीं; ख़बरों में वर्ग के हिसाब से 50% से 90% बताया गया है। प्रखंड कार्यालय से पक्का कर लें।

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना (झारखंड) के लिए कौन पात्र है?

  • झारखंड के किसान और पशुपालक (स्थानीय निवास प्रमाण पत्र ज़रूरी)।
  • अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, BPL, दिव्यांग और सखी मंडल सदस्यों को प्राथमिकता; बाक़ी वर्गों को भी नियम के अनुसार लाभ।
  • जो परिवार पहले से पशुपालन करते हैं उन्हें प्राथमिकता। चुने गए गाँव की ग्राम सभा लाभुक चुनती है।

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना (झारखंड) के लिए ज़रूरी दस्तावेज़

6 में से 0 तैयार

राज्य या दफ़्तर और कागज़ माँग सकते हैं। आधिकारिक सूची देखें।

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना (झारखंड) के लिए आवेदन कैसे करें?

  1. गाँव चुने जाने पर मुखिया को या ग्राम सभा में नाम दें, या प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी या ज़िला पशुपालन पदाधिकारी से संपर्क करें।
  2. ग्राम सभा की सूची प्रखंड समिति से होकर ज़िला समिति (उपायुक्त की अध्यक्षता) में मंज़ूर होती है।

आधिकारिक साइट पर जाएँ ↗

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना (झारखंड) का स्टेटस कैसे देखें?

  1. मंज़ूर सूची के बारे में प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी या मुखिया से पूछें।

कोई कॉल या मैसेज OTP माँगे तो न बताएँ। सरकारी पोर्टल का पता .gov.in पर ख़त्म होता है।

आम सवाल

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना (झारखंड) के लिए कौन पात्र है?

झारखंड के किसान और पशुपालक (स्थानीय निवास प्रमाण पत्र ज़रूरी)। अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, BPL, दिव्यांग और सखी मंडल सदस्यों को प्राथमिकता; बाक़ी वर्गों को भी नियम के अनुसार लाभ। जो परिवार पहले से पशुपालन करते हैं उन्हें प्राथमिकता। चुने गए गाँव की ग्राम सभा लाभुक चुनती है।

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना (झारखंड) में कितना मिलता है?

ग्रामीण परिवारों को अनुदान पर बकरी, सूअर, बैकयार्ड मुर्गी, ब्रॉयलर और बत्तख के चूज़ों की इकाई (पशु शेड में मदद के साथ); अनुसूचित जनजाति के लाभुकों को कल्याण विभाग के हिस्से से 100% अनुदान मिल सकता है। सरकारी पेज पर इकाइयाँ, प्राथमिकता और चयन की प्रक्रिया लिखी है, पर अनुदान का मौजूदा प्रतिशत नहीं; ख़बरों में वर्ग के हिसाब से 50% से 90% बताया गया है। प्रखंड कार्यालय से पक्का कर लें।

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना (झारखंड) के लिए कौन से दस्तावेज़ चाहिए?

राज्य का मूल निवास / निवास प्रमाण पत्र; जाति प्रमाण पत्र (SC / ST / OBC), अगर लागू हो; आधार कार्ड (मोबाइल नंबर से जुड़ा); बैंक पासबुक या खाते का विवरण (आधार से जुड़ा खाता); पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो; ज़मीन के कागज़ (खतौनी, 7/12, पट्टा आदि)।

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना (झारखंड) के लिए आवेदन कैसे करें?

गाँव चुने जाने पर मुखिया को या ग्राम सभा में नाम दें, या प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी या ज़िला पशुपालन पदाधिकारी से संपर्क करें। ग्राम सभा की सूची प्रखंड समिति से होकर ज़िला समिति (उपायुक्त की अध्यक्षता) में मंज़ूर होती है। आधिकारिक साइट: https://animalhusbandry.jharkhand.gov.in/home-flagship-scheme/

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना (झारखंड) का स्टेटस कैसे देखें?

मंज़ूर सूची के बारे में प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी या मुखिया से पूछें।

क्या आवेदन के लिए किसी को पैसे देने होंगे?

नहीं। आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन मुफ़्त है। CSC पर सिर्फ़ तय सेवा शुल्क लग सकता है। मंज़ूरी का वादा करने वाले एजेंट को पैसे न दें।

कौन से पशु मिलते हैं?

पशुपालन निदेशालय के तहत बकरी, सूअर, बैकयार्ड लेयर मुर्गी, ब्रॉयलर मुर्गी और बत्तख के चूज़े, पशु शेड में मदद के साथ।

लाभुक कैसे चुने जाते हैं?

प्रखंड समिति क्लस्टर में गाँव चुनती है और हर गाँव की ग्राम सभा लाभुक चुनती है।

स्रोत

आख़िरी जाँच 1 नवंबर 2026। नियम और राशि बदलते रहते हैं, आवेदन से पहले आधिकारिक साइट देखें। IndiaDigital एक स्वतंत्र साइट है, सरकारी नहीं।

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