साढ़े साती 2026 से 2028: हर राशि की तारीख़ें, गणना के साथ
साढ़े साती क्या है और ये तारीख़ें कैसे निकलीं?
साढ़े साती वह समय है जब शनि आपकी चंद्र राशि से 12वीं राशि, आपकी अपनी राशि और उससे दूसरी राशि से होकर गुज़रता है। शनि हर राशि में लगभग ढाई साल रहता है, इसलिए कुल समय लगभग साढ़े सात साल होता है।
ये तारीख़ें किसी दूसरे पंचांग से नकल नहीं की गईं। हमारे इंजन ने शनि की निरयण स्थिति (लाहिड़ी अयनांश) हर कुछ दिन पर देखी और हर राशि परिवर्तन को लगभग एक मिनट तक सटीक निकाला, फिर भारतीय मानक समय में बदला। दूसरे पंचांगों में एक दिन का फ़र्क़ हो सकता है।
अपनी साढ़े साती देखेंजन्म विवरण भरें और हर चरण की तारीख़ देखें।खोलें →2025 से 2030 तक शनि का राशि परिवर्तन
| तारीख़ (IST) | शनि का प्रवेश |
|---|---|
| 29 मार्च 2025 | मीन |
| 3 जून 2027 | मेष |
| 20 अक्टूबर 2027 | वक्री होकर वापस मीन |
| 23 फ़रवरी 2028 | फिर मेष |
| 8 अगस्त 2029 | वृषभ |
| 5 अक्टूबर 2029 | वक्री होकर वापस मेष |
| 17 अप्रैल 2030 | फिर वृषभ |
राशि अनुसार साढ़े साती 2026 से 2028
| राशि | 2026 से 2028 में स्थिति | पूरा चक्र |
|---|---|---|
| कुंभ | अंतिम चरण। 3 जून 2027 को शनि मीन छोड़ता है, 20 अक्टूबर 2027 से 23 फ़रवरी 2028 तक लौटता है; 23 फ़रवरी 2028 को पूरी तरह ख़त्म | 24 जनवरी 2020 से 23 फ़रवरी 2028 |
| मीन | 3 जून 2027 तक शिखर चरण, उसके बाद उतरता चरण | 29 अप्रैल 2022 से 17 अप्रैल 2030 |
| मेष | पहला चरण; 3 जून 2027 से शिखर चरण | 29 मार्च 2025 से 31 मई 2032 |
| वृषभ | 3 जून 2027 से शुरू (20 अक्टूबर 2027 से 23 फ़रवरी 2028 तक विराम) | 3 जून 2027 से 13 जुलाई 2034 |
| मिथुन | इस दौरान नहीं; 8 अगस्त 2029 से शुरू | 8 अगस्त 2029 से 27 अगस्त 2036 |
| मकर | 29 मार्च 2025 को ख़त्म हो चुकी | 26 जनवरी 2017 से 29 मार्च 2025 |
| कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु | 2026 से 2028 में साढ़े साती नहीं | अगले चक्र 2032 या बाद में |
कुंभ राशि की साढ़े साती कब ख़त्म होगी?
कुंभ के लिए मीन में शनि आख़िरी चरण है। शनि 3 जून 2027 को पहली बार मीन छोड़ता है, इसलिए कई लोग यही तारीख़ बताते हैं। लेकिन शनि वक्री होकर 20 अक्टूबर 2027 से 23 फ़रवरी 2028 तक फिर मीन में रहता है। इसे गिनें, जैसा हमारा कैलकुलेटर करता है, तो कुंभ की साढ़े साती 23 फ़रवरी 2028 को पूरी तरह ख़त्म होती है।
सुझावअगर कहीं 3 जून 2027 और कहीं 23 फ़रवरी 2028 लिखा मिले, तो दोनों एक ही आकाश की बात कर रहे हैं। एक पहला निकास गिनता है, दूसरा वक्री लौटने के बाद का आख़िरी निकास।
शनि की ढैया 2026 से 2028
- सिंह: अष्टम ढैया 29 मार्च 2025 से 23 फ़रवरी 2028 तक।
- धनु: कंटक ढैया 29 मार्च 2025 से 23 फ़रवरी 2028 तक।
- कन्या: अष्टम ढैया 3 जून 2027 से 17 अप्रैल 2030 तक।
- मकर: कंटक ढैया 3 जून 2027 से 17 अप्रैल 2030 तक।
परंपरा में साढ़े साती को मेहनत, ज़िम्मेदारी और धीमे नतीजों का समय माना जाता है, साथ ही परिपक्वता का भी। यह बदक़िस्मती की सज़ा नहीं है। बहुत से लोग इसी दौरान नौकरी शुरू करते हैं, शादी करते हैं और घर बनाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
2027 में किन राशियों पर साढ़े साती है?
पूरे 2027 में कुंभ (वक्री वापसी गिनकर 23 फ़रवरी 2028 तक), मीन और मेष पर, और 3 जून 2027 से वृषभ पर, जो 20 अक्टूबर 2027 से 23 फ़रवरी 2028 तक रुकी रहती है।
वृषभ राशि की साढ़े साती कब शुरू होगी?
3 जून 2027 को, जब शनि मेष में जाएगा। बीच में शनि कुछ महीने मीन में लौटता है, फिर साढ़े साती 13 जुलाई 2034 तक चलती है।
अलग-अलग वेबसाइटों पर तारीख़ें अलग क्यों हैं?
अयनांश (हम लाहिड़ी लेते हैं), समय क्षेत्र और वक्री वापसी को गिनने के तरीके से। इनसे एक दिन का फ़र्क़ आ सकता है या पहला और आख़िरी निकास अलग दिख सकता है।
साढ़े साती चंद्र राशि से देखी जाती है या सूर्य राशि से?
चंद्र राशि से। भारतीय ज्योतिष में आपकी राशि वह है जिसमें जन्म के समय चंद्रमा था।
स्रोत
- Positional Astronomy Centre, India Meteorological Department (publisher of the Indian Astronomical Ephemeris and Rashtriya Panchang)
- Swiss Ephemeris documentation (ayanamsa definitions, including Lahiri)
- Astronomy Engine (open-source planetary positions used by our calculators)
- CSIR National Physical Laboratory: Indian Standard Time
आख़िरी जाँच: . नियम और तारीख़ें बदलती रहती हैं। कोई कदम उठाने से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर पक्का कर लें।
ज्योतिष एक पारंपरिक मान्यता है, घटनाओं की वैज्ञानिक भविष्यवाणी नहीं। हम शास्त्रीय नियमों को समझाते हैं और उनकी गणना सावधानी से करते हैं, पर इससे डरने की ज़रूरत नहीं, और यह डॉक्टर, वकील या वित्तीय सलाहकार की जगह नहीं लेता। शादी जैसे बड़े फ़ैसले सिर्फ़ एक कुंडली-बिंदु पर न लें।