नाम बदलने का शपथ पत्र, आपकी जानकारी के साथ भरा हुआ
नाम बदलने का शपथ पत्र एक लिखित शपथ है कि आप पहले पुराने नाम से जाने जाते थे, अब नए नाम से जाने जाएँगे, और दोनों नाम एक ही व्यक्ति के हैं। भारत में नाम बदलने का पहला क़दम यही है: नोटरी के बाद दो समाचार पत्रों में सूचना छपवाई जाती है और फिर राजपत्र (गज़ट) में।
नीचे फ़ॉर्म भरें, प्रीव्यू देखें और स्टांप पेपर पर छापें।
आख़िरी अपडेट: IndiaDigital संपादकों द्वारा जाँचा गयास्रोत
- कुछ भी अपलोड नहीं होता
- हिंदी और अंग्रेज़ी
- Word और PDF
फ़ॉर्म खुल रहा है…
यह समय बचाने के लिए एक सामान्य प्रारूप है, क़ानूनी सलाह नहीं। हर शर्त ध्यान से पढ़ें, जो आपकी स्थिति पर लागू न हो उसे बदलें, और विवाद या बड़ी रकम के मामले में वकील से सलाह लें।
नाम बदलने का शपथ पत्र क्या है?
इस शपथ पत्र में आपका पुराना नाम, नया नाम, बदलने का कारण (विवाह, निजी, धार्मिक, वर्तनी सुधार या अंक ज्योतिष) और वे दस्तावेज़ लिखे होते हैं जिनमें अभी पुराना नाम है। इसमें घोषणा होती है कि दोनों नाम एक ही व्यक्ति के हैं, आप अब नया नाम ही इस्तेमाल करेंगे, और नाम किसी दायित्व से बचने के लिए नहीं बदला गया। यह सत्यापन के साथ सामान्य भारतीय प्रारूप में है और हिंदी या अंग्रेज़ी में बन सकता है।
नाम बदलने का शपथ पत्र कब काम आता है?
- विवाह या तलाक़ के बाद पति का उपनाम लेना या पुराना उपनाम वापस लेना।
- प्रमाण पत्रों, PAN, आधार और पासपोर्ट में नाम की अलग-अलग वर्तनी सुधारनी हो।
- धार्मिक, निजी या अंक ज्योतिष के कारण नाम बदलना।
- भारत के राजपत्र या राज्य के राजपत्र में नाम परिवर्तन छपवाने का आवेदन।
- बैंक, कंपनी, विश्वविद्यालय या पासपोर्ट दफ़्तर में नाम बदलवाना, जब वे शपथ पत्र माँगें।
नाम बदलने का शपथ पत्र के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
- पुराने नाम का पहचान प्रमाण, और हो तो नए नाम का भी।
- विवाह के कारण नाम बदल रहा हो तो विवाह प्रमाण पत्र।
- जिन दस्तावेज़ों में पुराना नाम है उनकी कॉपी (मार्कशीट, PAN, आधार, पासपोर्ट)।
- आपके राज्य के हिसाब से सही मूल्य का नॉन-ज्यूडिशियल स्टांप पेपर या ई-स्टांप।
- पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो, जो गज़ट आवेदन में भी लगती हैं।
नाम बदलने का शपथ पत्र कैसे बनाएँ: स्टांप पेपर, हस्ताक्षर, जमा करना
- अपना नया नाम और विवरण, पुराना नाम, कारण और पुराने नाम वाले दस्तावेज़ भरें। प्रीव्यू साथ-साथ बदलता है।
- शपथ पत्र को अपने राज्य द्वारा तय मूल्य के स्टांप पेपर पर छापें (या ई-स्टांप लगाएँ) और नोटरी या ओथ कमिश्नर के सामने हस्ताक्षर करें।
- दो समाचार पत्रों में, आम तौर पर एक अंग्रेज़ी और एक स्थानीय भाषा का, नाम बदलने की सूचना छपवाएँ और पूरे पन्ने संभालकर रखें।
- शपथ पत्र, अख़बार की कटिंग और पहचान प्रमाण के साथ प्रकाशन विभाग के ज़रिए भारत के राजपत्र (भाग IV) में, या अपने राज्य के राजपत्र में, प्रकाशन के लिए आवेदन करें।
- गज़ट अधिसूचना आने के बाद उसे शपथ पत्र के साथ लगाकर PAN, आधार, पासपोर्ट, बैंक और बाकी रिकॉर्ड में नाम बदलवाएँ।
आम ग़लतियाँ
- पुराने नाम की वर्तनी पुराने रिकॉर्ड से अलग लिखना। दस्तावेज़ों में जैसा है, बिल्कुल वैसा ही लिखें।
- सिर्फ़ शपथ पत्र बनाकर रुक जाना। ज़्यादातर दफ़्तर अख़बार की सूचना और गज़ट अधिसूचना भी माँगते हैं।
- शपथ पत्र, अख़बार और गज़ट फ़ॉर्म में नए नाम की अलग-अलग वर्तनी।
- हस्ताक्षर बदल गए हों तो सिर्फ़ नए नाम से हस्ताक्षर करना। कई नोटरी और दफ़्तर दोनों हस्ताक्षर चाहते हैं; नोटरी से पूछें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या नाम बदलने के लिए सिर्फ़ शपथ पत्र काफ़ी है?
शपथ पत्र शुरुआत है। ज़्यादातर रिकॉर्ड, ख़ासकर पासपोर्ट और PAN, के लिए अख़बार की सूचना और गज़ट अधिसूचना भी चाहिए। विवाह के बाद उपनाम बदलने पर कुछ दफ़्तर सिर्फ़ विवाह प्रमाण पत्र मान लेते हैं, इसलिए पहले दफ़्तर से पूछ लें।
क्या गज़ट में नाम बदलना छपवाना ज़रूरी है?
पूरे क़ानूनी बदलाव के लिए यही सामान्य तरीका है, और गज़ट अधिसूचना को प्रमाण के रूप में हर जगह माना जाता है। केंद्र का प्रकाशन प्रकाशन विभाग के ज़रिए होता है; कई राज्यों का अपना राजपत्र भी है। मौजूदा फ़ॉर्म और फ़ीस इस पेज पर दी गई आधिकारिक वेबसाइटों पर हैं।
नाम बदलने के शपथ पत्र के लिए कितने का स्टांप पेपर चाहिए?
मूल्य आपका राज्य तय करता है, और कुछ दफ़्तर कोई ख़ास राशि माँगते हैं। दरें अलग-अलग हैं और बदलती रहती हैं, इसलिए हम उन्हें नहीं लिखते; अपने राज्य की ई-स्टांप वेबसाइट देखें या नोटरी से पूछें।
क्या विवाहित महिला कुछ दस्तावेज़ों में पुराना नाम रख सकती है?
विवाह के बाद नाम बदलना आपकी मर्ज़ी है, ज़रूरी नहीं। अगर बदलें, तो उसके बाद नया नाम हर जगह एक जैसा इस्तेमाल करें, और यह शपथ पत्र विवाह प्रमाण पत्र के साथ रखें।
क्या मेरी जानकारी सुरक्षित है?
हाँ। फ़ॉर्म, प्रीव्यू, Word और PDF सब आपके डिवाइस पर, आपके ब्राउज़र में ही बनते हैं। आप जो लिखते हैं वह कहीं अपलोड नहीं होता, और ड्राफ़्ट सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव रहता है जब तक आप उसे मिटा न दें।
स्रोत और आख़िरी जाँच
- Affidavits: who attests them, and when a self-declaration is enough (जाँचा गया 30 अक्टू॰ 2026)
An affidavit is a written statement sworn before a notary, an oath commissioner or a magistrate. It is usually typed on non-judicial stamp paper whose value is set by the state (many offices accept ₹10 to ₹100 stamp paper or an e-stamp certificate). Many central and state offices accept a self-attested declaration instead of a sworn affidavit; ask the office first. A false affidavit is an offence.
India Code: Notaries Act 1952 and Oaths Act 1969 · DARPG: self-certification in place of affidavits
- Name change: affidavit, newspaper notice and Gazette of India (जाँचा गया 30 अक्टू॰ 2026)
The usual route is a sworn affidavit, a notice in two newspapers (one in English, one in the local language), and then publication in the Gazette of India (Part IV) through the Department of Publication, or in your state gazette. Passport, PAN and bank records generally accept the gazette notification. Fees and forms are on the Department of Publication website.
Department of Publication: change of name in the Gazette of India · Department of Publication (Ministry of Housing and Urban Affairs)
- आधिकारिक वेबसाइट
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