दिव्यांगजनों के लिए दुकान निर्माण/दुकान संचालन योजना (उत्तर प्रदेश) में क्या मिलता है?
दुकान बनाने के लिए ₹20,000 (₹5,000 अनुदान और ₹15,000 कर्ज़, 4% साधारण ब्याज), या किराये की दुकान चलाने या खोखा, गुमटी, हाथ ठेला खरीदने के लिए ₹10,000 (₹2,500 अनुदान और ₹7,500 कर्ज़, 4% ब्याज)।
राशि और शर्तें विभाग के पेज पर लिखे अनुसार हैं। हमारी आय जाँच शहरी गरीबी रेखा सीमा के दोगुने (₹1,12,920 सालाना) पर है; गाँव की सीमा इससे कम है।
दिव्यांगजनों के लिए दुकान निर्माण/दुकान संचालन योजना (उत्तर प्रदेश) के लिए कौन पात्र है?
- 40% या उससे अधिक दिव्यांगता (CMO या CHC/PHC के डॉक्टर का प्रमाण पत्र), उत्तर प्रदेश के नागरिक, उम्र 18 से 60 साल।
- सालाना आमदनी गरीबी रेखा की सीमा के दोगुने से ज़्यादा न हो।
- किसी आपराधिक या वित्तीय मामले में सज़ा न हुई हो और कोई सरकारी बकाया न हो।
- नई दुकान के लिए 110 वर्ग फ़ुट अपनी ज़मीन (या लेने का इंतज़ाम); किराये की दुकान के लिए कम से कम 5 साल का किरायानामा।
दिव्यांगजनों के लिए दुकान निर्माण/दुकान संचालन योजना (उत्तर प्रदेश) के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
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राज्य या दफ़्तर और कागज़ माँग सकते हैं। आधिकारिक सूची देखें।
दिव्यांगजनों के लिए दुकान निर्माण/दुकान संचालन योजना (उत्तर प्रदेश) के लिए आवेदन कैसे करें?
- जन सेवा केंद्र (लोकवाणी) से या विभाग के दिव्यांगजन दुकान पोर्टल पर दुकान निर्माण या दुकान संचालन योजना में ऑनलाइन आवेदन करें।
- दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, उम्र का प्रमाण और ज़मीन के कागज़ या किरायानामा लगाएँ।
- आवेदन "पहले आओ, पहले पाओ" के आधार पर निपटाए जाते हैं और पैसा ई-पेमेंट से बैंक खाते में आता है।
दिव्यांगजनों के लिए दुकान निर्माण/दुकान संचालन योजना (उत्तर प्रदेश) का स्टेटस कैसे देखें?
- जन सेवा केंद्र या पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन की स्थिति देखें, या ज़िला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी से पूछें।
कोई कॉल या मैसेज OTP माँगे तो न बताएँ। सरकारी पोर्टल का पता .gov.in पर ख़त्म होता है।
आम सवाल
दिव्यांगजनों के लिए दुकान निर्माण/दुकान संचालन योजना (उत्तर प्रदेश) के लिए कौन पात्र है?
40% या उससे अधिक दिव्यांगता (CMO या CHC/PHC के डॉक्टर का प्रमाण पत्र), उत्तर प्रदेश के नागरिक, उम्र 18 से 60 साल। सालाना आमदनी गरीबी रेखा की सीमा के दोगुने से ज़्यादा न हो। किसी आपराधिक या वित्तीय मामले में सज़ा न हुई हो और कोई सरकारी बकाया न हो। नई दुकान के लिए 110 वर्ग फ़ुट अपनी ज़मीन (या लेने का इंतज़ाम); किराये की दुकान के लिए कम से कम 5 साल का किरायानामा।
दिव्यांगजनों के लिए दुकान निर्माण/दुकान संचालन योजना (उत्तर प्रदेश) में कितना मिलता है?
दुकान बनाने के लिए ₹20,000 (₹5,000 अनुदान और ₹15,000 कर्ज़, 4% साधारण ब्याज), या किराये की दुकान चलाने या खोखा, गुमटी, हाथ ठेला खरीदने के लिए ₹10,000 (₹2,500 अनुदान और ₹7,500 कर्ज़, 4% ब्याज)। राशि और शर्तें विभाग के पेज पर लिखे अनुसार हैं। हमारी आय जाँच शहरी गरीबी रेखा सीमा के दोगुने (₹1,12,920 सालाना) पर है; गाँव की सीमा इससे कम है।
दिव्यांगजनों के लिए दुकान निर्माण/दुकान संचालन योजना (उत्तर प्रदेश) के लिए कौन से दस्तावेज़ चाहिए?
दिव्यांगता प्रमाण पत्र या UDID कार्ड; आधार कार्ड (मोबाइल नंबर से जुड़ा); आय प्रमाण पत्र; उम्र का प्रमाण (जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल प्रमाण पत्र आदि); राज्य का मूल निवास / निवास प्रमाण पत्र; ज़मीन के कागज़ (खतौनी, 7/12, पट्टा आदि); बैंक पासबुक या खाते का विवरण (आधार से जुड़ा खाता); पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो।
दिव्यांगजनों के लिए दुकान निर्माण/दुकान संचालन योजना (उत्तर प्रदेश) के लिए आवेदन कैसे करें?
जन सेवा केंद्र (लोकवाणी) से या विभाग के दिव्यांगजन दुकान पोर्टल पर दुकान निर्माण या दुकान संचालन योजना में ऑनलाइन आवेदन करें। दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, उम्र का प्रमाण और ज़मीन के कागज़ या किरायानामा लगाएँ। आवेदन "पहले आओ, पहले पाओ" के आधार पर निपटाए जाते हैं और पैसा ई-पेमेंट से बैंक खाते में आता है। आधिकारिक साइट: https://divyangjandukan.upsdc.gov.in/
दिव्यांगजनों के लिए दुकान निर्माण/दुकान संचालन योजना (उत्तर प्रदेश) का स्टेटस कैसे देखें?
जन सेवा केंद्र या पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन की स्थिति देखें, या ज़िला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी से पूछें।
क्या आवेदन के लिए किसी को पैसे देने होंगे?
नहीं। आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन मुफ़्त है। CSC पर सिर्फ़ तय सेवा शुल्क लग सकता है। मंज़ूरी का वादा करने वाले एजेंट को पैसे न दें।
दिव्यांग दुकान योजना में कितना पैसा मिलता है?
दुकान बनाने के लिए ₹20,000 (₹5,000 अनुदान, ₹15,000 कर्ज़ 4% पर) या खोखा, गुमटी, ठेला या किराये की दुकान के लिए ₹10,000 (₹2,500 अनुदान, ₹7,500 कर्ज़ 4% पर)।
दिव्यांग दुकान योजना में कौन आवेदन कर सकता है?
40% या उससे ज़्यादा दिव्यांगता वाले, 18 से 60 साल के, यूपी के निवासी, जिनकी आय गरीबी रेखा सीमा के दोगुने तक हो।
कर्ज़ कैसे चुकाना है?
₹500 (खोखा या ठेले के लिए ₹250) की 30 तिमाही किस्तों में, फिर ब्याज 24 मासिक किस्तों में।
स्रोत
आख़िरी जाँच 1 नवंबर 2026। नियम और राशि बदलते रहते हैं, आवेदन से पहले आधिकारिक साइट देखें। IndiaDigital एक स्वतंत्र साइट है, सरकारी नहीं।