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मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना (उत्तर प्रदेश)

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना (उत्तर प्रदेश) राज्य सरकार की योजना है। दुर्घटना में किसान की मौत पर परिवार को, या दुर्घटना से दिव्यांग होने पर किसान को अधिकतम ₹5 लाख, पूरा पैसा राज्य सरकार देती है, कोई प्रीमियम नहीं। आवेदन मुफ़्त है: bor.up.gov.in या नज़दीकी CSC पर।

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क्या मिलता हैराशि आधिकारिक साइट पर देखें
कहाँउत्तर प्रदेश (राज्य सरकार)
कौन चलाता हैRevenue Department and Board of Revenue (Rajasva Parishad), Govt of Uttar Pradesh
आख़िरी जाँच1 नवंबर 2026

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना (उत्तर प्रदेश) में क्या मिलता है?

दुर्घटना में किसान की मौत पर परिवार को, या दुर्घटना से दिव्यांग होने पर किसान को अधिकतम ₹5 लाख, पूरा पैसा राज्य सरकार देती है, कोई प्रीमियम नहीं।

नियम 28 फ़रवरी 2020 के शासनादेश से लिए गए हैं (योजना 14 सितंबर 2019 से लागू)। 2026-27 के बजट में योजना के लिए ₹1,150 करोड़ रखे गए हैं; कोई नियम बदला हो तो तहसील से पूछें।

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना (उत्तर प्रदेश): ताज़ा अपडेट

  1. राज्य बजट 2026-27: 2025-26 में 18,144 परिवारों को मदद मिली और 2026-27 के लिए ₹1,150 करोड़ का प्रस्ताव है। आधिकारिक स्रोत

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना (उत्तर प्रदेश) के लिए कौन पात्र है?

  • उत्तर प्रदेश के किसान जिनकी उम्र दुर्घटना के दिन 18 से 70 साल हो: खतौनी में दर्ज खातेदार या सहखातेदार, उनके परिवार का कमाऊ सदस्य जिसकी रोज़ी उसी ज़मीन की खेती से है, या पट्टे या बटाई पर खेती करने वाला भूमिहीन व्यक्ति।
  • आग, बाढ़, बिजली गिरना, करंट, साँप या जानवर का काटना, डूबना, आँधी, पेड़ या मकान गिरना, सड़क या रेल दुर्घटना, भूकंप, गैस रिसाव जैसी दुर्घटनाएँ शामिल हैं।
  • मौत या दोनों हाथ, दोनों पैर, दोनों आँखें खोने पर पूरे ₹5 लाख; एक हाथ, पैर या आँख खोने या 50% से ज़्यादा स्थायी दिव्यांगता पर आधा; 25% से 50% दिव्यांगता पर एक चौथाई।
  • आत्महत्या या अपराध करते समय हुई दुर्घटना पर मदद नहीं मिलती।

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना (उत्तर प्रदेश) के लिए ज़रूरी दस्तावेज़

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राज्य या दफ़्तर और कागज़ माँग सकते हैं। आधिकारिक सूची देखें।

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना (उत्तर प्रदेश) के लिए आवेदन कैसे करें?

  1. किसान या सभी वारिस मिलकर ज़िलाधिकारी के नाम आवेदन पत्र भरें और 45 दिन के अंदर तहसील में दो प्रतियों में जमा करें। राजस्व परिषद के पोर्टल (bor.up.gov.in, कृषक दुर्घटना वाला हिस्सा) पर मोबाइल OTP से ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं।
  2. साथ में खतौनी (या पट्टा, या बटाईदार का प्रमाण पत्र), उम्र और निवास का प्रमाण, पोस्टमार्टम रिपोर्ट या पंचनामा, मृत्यु प्रमाण पत्र (या CMO का दिव्यांगता प्रमाण पत्र), परिवार रजिस्टर की नकल और बैंक पासबुक लगाएँ।
  3. तहसीलदार जाँच कर फ़ाइल SDM और फिर ज़िलाधिकारी को भेजते हैं; मंज़ूरी के बाद पैसा सीधे बैंक खाते में आता है, आम तौर पर एक महीने में (अधिकतम 45 दिन)।

आधिकारिक साइट पर जाएँ ↗

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना (उत्तर प्रदेश) का स्टेटस कैसे देखें?

  1. राजस्व परिषद के पोर्टल (bor.up.gov.in/KAS) पर "आवेदन की स्थिति देखें" में अपना आवेदन खोजें।
  2. मामला अटका हो तो जिस तहसील में फ़ॉर्म जमा किया था वहाँ पूछें।

कोई कॉल या मैसेज OTP माँगे तो न बताएँ। सरकारी पोर्टल का पता .gov.in पर ख़त्म होता है।

आम सवाल

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना (उत्तर प्रदेश) के लिए कौन पात्र है?

उत्तर प्रदेश के किसान जिनकी उम्र दुर्घटना के दिन 18 से 70 साल हो: खतौनी में दर्ज खातेदार या सहखातेदार, उनके परिवार का कमाऊ सदस्य जिसकी रोज़ी उसी ज़मीन की खेती से है, या पट्टे या बटाई पर खेती करने वाला भूमिहीन व्यक्ति। आग, बाढ़, बिजली गिरना, करंट, साँप या जानवर का काटना, डूबना, आँधी, पेड़ या मकान गिरना, सड़क या रेल दुर्घटना, भूकंप, गैस रिसाव जैसी दुर्घटनाएँ शामिल हैं। मौत या दोनों हाथ, दोनों पैर, दोनों आँखें खोने पर पूरे ₹5 लाख; एक हाथ, पैर या आँख खोने या 50% से ज़्यादा स्थायी दिव्यांगता पर आधा; 25% से 50% दिव्यांगता पर एक चौथाई। आत्महत्या या अपराध करते समय हुई दुर्घटना पर मदद नहीं मिलती।

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना (उत्तर प्रदेश) में कितना मिलता है?

दुर्घटना में किसान की मौत पर परिवार को, या दुर्घटना से दिव्यांग होने पर किसान को अधिकतम ₹5 लाख, पूरा पैसा राज्य सरकार देती है, कोई प्रीमियम नहीं। नियम 28 फ़रवरी 2020 के शासनादेश से लिए गए हैं (योजना 14 सितंबर 2019 से लागू)। 2026-27 के बजट में योजना के लिए ₹1,150 करोड़ रखे गए हैं; कोई नियम बदला हो तो तहसील से पूछें।

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना (उत्तर प्रदेश) के लिए कौन से दस्तावेज़ चाहिए?

ज़मीन के कागज़ (खतौनी, 7/12, पट्टा आदि); उम्र का प्रमाण (जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल प्रमाण पत्र आदि); राज्य का मूल निवास / निवास प्रमाण पत्र; कमाने वाले सदस्य का मृत्यु प्रमाण पत्र; दिव्यांगता प्रमाण पत्र या UDID कार्ड; बैंक पासबुक या खाते का विवरण (आधार से जुड़ा खाता); आधार कार्ड (मोबाइल नंबर से जुड़ा); OTP के लिए मोबाइल नंबर; पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो।

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना (उत्तर प्रदेश) के लिए आवेदन कैसे करें?

किसान या सभी वारिस मिलकर ज़िलाधिकारी के नाम आवेदन पत्र भरें और 45 दिन के अंदर तहसील में दो प्रतियों में जमा करें। राजस्व परिषद के पोर्टल (bor.up.gov.in, कृषक दुर्घटना वाला हिस्सा) पर मोबाइल OTP से ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं। साथ में खतौनी (या पट्टा, या बटाईदार का प्रमाण पत्र), उम्र और निवास का प्रमाण, पोस्टमार्टम रिपोर्ट या पंचनामा, मृत्यु प्रमाण पत्र (या CMO का दिव्यांगता प्रमाण पत्र), परिवार रजिस्टर की नकल और बैंक पासबुक लगाएँ। तहसीलदार जाँच कर फ़ाइल SDM और फिर ज़िलाधिकारी को भेजते हैं; मंज़ूरी के बाद पैसा सीधे बैंक खाते में आता है, आम तौर पर एक महीने में (अधिकतम 45 दिन)। आधिकारिक साइट: https://bor.up.gov.in/KAS/Login/login_type.aspx

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना (उत्तर प्रदेश) का स्टेटस कैसे देखें?

राजस्व परिषद के पोर्टल (bor.up.gov.in/KAS) पर "आवेदन की स्थिति देखें" में अपना आवेदन खोजें। मामला अटका हो तो जिस तहसील में फ़ॉर्म जमा किया था वहाँ पूछें।

क्या आवेदन के लिए किसी को पैसे देने होंगे?

नहीं। आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन मुफ़्त है। CSC पर सिर्फ़ तय सेवा शुल्क लग सकता है। मंज़ूरी का वादा करने वाले एजेंट को पैसे न दें।

कृषक दुर्घटना कल्याण योजना में कितना पैसा मिलता है?

अधिकतम ₹5 लाख। मौत या दोनों हाथ, पैर या आँखें खोने पर पूरा, एक अंग या आँख खोने पर आधा और 25% से 50% स्थायी दिव्यांगता पर एक चौथाई।

क्या बटाईदार किसान को भी पैसा मिलेगा?

हाँ। पट्टे या बटाई पर खेती करने वाले भूमिहीन भी शामिल हैं, बस ज़मीन मालिक या ग्राम प्रधान और लेखपाल का प्रमाण पत्र चाहिए।

आवेदन कब तक करना है?

मौत या दिव्यांगता के 45 दिन के अंदर तहसील में। ज़िलाधिकारी एक महीना और बढ़ा सकते हैं, पर 75 दिन के बाद आवेदन नहीं लिया जाता।

स्रोत

आख़िरी जाँच 1 नवंबर 2026। नियम और राशि बदलते रहते हैं, आवेदन से पहले आधिकारिक साइट देखें। IndiaDigital एक स्वतंत्र साइट है, सरकारी नहीं।

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