RTI आवेदन कैसे लिखें: फ़ॉर्मेट, ₹10 फ़ीस, जवाब का समय और अपील
RTI क्या है और कौन डाल सकता है?
सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 भारत के हर नागरिक को सरकारी दफ़्तरों से उनके पास मौजूद जानकारी माँगने का हक़ देता है: फ़ाइलों और नोटिंग की कॉपी, नियम, आपके आवेदन की स्थिति, किसी योजना का पैसा कहाँ ख़र्च हुआ, वगैरह। जानकारी माँगने का कारण बताना ज़रूरी नहीं है।
जब पेंशन, छात्रवृत्ति, राशन कार्ड, रिफ़ंड या कोई प्रमाण पत्र महीनों से अटका हो, तब RTI सबसे काम आता है। फ़ाइल नोटिंग और संबंधित अधिकारी का नाम माँगने से अक्सर काम आगे बढ़ जाता है।
RTI आवेदन का फ़ॉर्मेट: क्या लिखें
- सेवा में: जन सूचना अधिकारी (PIO), दफ़्तर का नाम और पता।
- विषय: सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 6(1) के तहत आवेदन।
- आपकी जानकारी: नाम, जवाब के लिए पता, फ़ोन या ईमेल (वैकल्पिक)।
- माँगी गई जानकारी: छोटे, क्रमांक वाले सवाल, अवधि के साथ।
- फ़ीस: ₹10 कैसे दी (पोस्टल ऑर्डर या ड्राफ़्ट नंबर), या BPL सबूत लगाया है।
- घोषणा: कि आप भारत के नागरिक हैं। फिर हस्ताक्षर, तारीख़ और जगह।
सुझावराय नहीं, दस्तावेज़ माँगें। “मेरे आवेदन पर फ़ाइल नोटिंग की प्रमाणित प्रति दें” लिखना “देरी क्यों हुई?” पूछने से बेहतर काम करता है।
मुफ़्त RTI आवेदन लिखेंदफ़्तर और सवाल भरें, Word या PDF डाउनलोड करें।खोलें →RTI फ़ीस कितनी है और कैसे भरें?
| बात | केंद्र सरकार के दफ़्तर |
|---|---|
| आवेदन फ़ीस | ₹10 |
| BPL आवेदक | BPL सबूत लगाने पर कोई फ़ीस नहीं |
| दस्तावेज़ की कॉपी | ₹2 प्रति पेज |
| भुगतान | रसीद के साथ नकद, डिमांड ड्राफ़्ट, बैंकर्स चेक, इंडियन पोस्टल ऑर्डर, या rtionline.gov.in पर ऑनलाइन |
ध्यान देंराज्य सरकारें अपनी फ़ीस और फ़ॉर्म ख़ुद तय करती हैं। राज्य के विभाग या नगर निगम से जानकारी माँग रहे हों तो पहले राज्य के RTI नियम देख लें।
RTI का जवाब कितने दिन में आता है और न आए तो क्या करें?
| स्थिति | समय सीमा |
|---|---|
| सामान्य जवाब | 30 दिन |
| किसी के जीवन या स्वतंत्रता का सवाल | 48 घंटे |
| सहायक PIO के ज़रिए आवेदन | 5 दिन और |
| तीसरे पक्ष की जानकारी | 40 दिन |
| पहली अपील | जवाब या समय सीमा के 30 दिन के भीतर |
| दूसरी अपील (सूचना आयोग) | पहली अपील के फ़ैसले के 90 दिन के भीतर |
समय पर जवाब न आए, बिना ठोस कारण मना किया जाए या जानकारी अधूरी हो, तो उसी दफ़्तर के प्रथम अपीलीय अधिकारी को पहली अपील करें। उससे भी बात न बने तो केंद्रीय या राज्य सूचना आयोग में दूसरी अपील करें।
RTI ऑनलाइन कैसे डालें?
- rtionline.gov.in खोलें और “Submit Request” चुनें।
- मंत्रालय या विभाग चुनें, अपनी जानकारी और सवाल भरें।
- ₹10 नेट बैंकिंग, कार्ड या UPI से भरें।
- रजिस्ट्रेशन नंबर संभालकर रखें; इसी से स्थिति देखें और पहली अपील करें।
जो दफ़्तर इस पोर्टल पर नहीं हैं, उन्हें स्पीड पोस्ट या रजिस्टर्ड डाक से आवेदन भेजें और रसीद रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या RTI आवेदन हिंदी में लिख सकते हैं?
हाँ। आवेदन अंग्रेज़ी, हिंदी या उस इलाक़े की राजभाषा में लिखा जा सकता है। हमारा मेकर पूरा आवेदन हिंदी में बना देता है।
क्या जानकारी माँगने का कारण बताना पड़ता है?
नहीं। RTI अधिनियम की धारा 6(2) के अनुसार कारण बताना ज़रूरी नहीं है, सिर्फ़ संपर्क की जानकारी देनी होती है।
क्या BPL कार्ड वालों के लिए RTI मुफ़्त है?
हाँ, केंद्र सरकार के दफ़्तरों में BPL सबूत की कॉपी लगाने पर आवेदन फ़ीस नहीं लगती। राज्यों के नियम अलग हो सकते हैं।
ग़लत दफ़्तर में RTI भेज दी तो क्या होगा?
दफ़्तर को इसे पाँच दिन के भीतर सही विभाग को भेजना होता है और आपको बताना होता है। फिर भी सही PIO को लिखने से समय बचता है।
स्रोत
- RTI portal of the Government of India (DoPT): the Act and the RTI Rules 2012
- RTI Online (central public authorities)
- Central Information Commission
आख़िरी जाँच: . नियम और तारीख़ें बदलती रहती हैं। कोई कदम उठाने से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर पक्का कर लें।
यह लेख आम भारतीय फ़ॉर्मेट और प्रक्रियाओं की सामान्य जानकारी है, कानूनी सलाह नहीं। नियम राज्य के हिसाब से अलग होते हैं और बदलते रहते हैं। विवाद, बड़ी रकम या किसी असामान्य मामले में वकील या ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण से बात करें।