दैनिक पंचांग · 300 शहरे · लाहिरी अयनांश
आजचे पंचांग
पंचांग म्हणजे हिंदू दिवसाचा पूर्ण तपशील. त्याची पाच अंगे आहेत: तिथी (चंद्र दिवस), नक्षत्र, योग, करण आणि वार. खालच्या कार्डमध्ये तुमच्या शहरासाठी प्रत्येक अंगाची समाप्ती वेळ, सूर्योदय, राहुकाळ, अभिजित मुहूर्त आणि चौघडिया दिसतात, ज्यांची गणना लाहिरी अयनांशाने तुमच्या फोनवर होते.
शेवटचे अपडेट: IndiaDigital संपादकांनी तपासले
हे टूल सध्या हिंदीत दिसते. सगळी गणना तुमच्या फोनवरच होते, काहीही अपलोड होत नाही.
इस दिन का आकाश गिना जा रहा है…
नक्षत्र
योग
करण
हिंदू माह
- अमांत
- –
- पूर्णिमांत
- –
- विक्रम संवत
- –
- शक संवत
- –
- वार
- –
- सूर्य राशि
- –
शुभ समय
अशुभ समय
चौघड़िया
☀ दिन
☾ रात
महीने का कैलेंडर:
त्योहार और व्रत:
त्योहारों की तारीखें नई दिल्ली के हिसाब से हैं। कुछ शहरों में त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकता है।
सणांच्या तारखा 2026 आणि 2027
नवी दिल्लीसाठी तिथी नियमांवरून काढलेल्या आणि प्रकाशित याद्यांशी ताडून पाहिलेल्या. दुसऱ्या शहरात किंवा घरच्या परंपरेत सण एक दिवस मागे-पुढे होऊ शकतो. सणांची नावे सध्या हिंदी यादीप्रमाणे आहेत.
| तारीख | सण 2026 |
|---|---|
| मकर संक्रांति | |
| वसंत पंचमी | |
| महाशिवरात्रि | |
| होलिका दहन | |
| होली (धुलंडी) | |
| चैत्र नवरात्रि आरंभ (घटस्थापना) | |
| राम नवमी | |
| अक्षय तृतीया | |
| गुरु पूर्णिमा | |
| रक्षा बंधन | |
| कृष्ण जन्माष्टमीजब अष्टमी पिछली रात मध्यरात्रि में हो, तो कुछ स्मार्त परिवार एक दिन पहले मनाते हैं। | |
| गणेश चतुर्थी | |
| शारदीय नवरात्रि आरंभ (घटस्थापना) | |
| दशहरा (विजयादशमी) | |
| करवा चौथ | |
| धनतेरस | |
| दीपावली (लक्ष्मी पूजा) | |
| गोवर्धन पूजा | |
| भाई दूज | |
| छठ पूजा (संध्या अर्घ्य) | |
| देवउठनी एकादशी |
| तारीख | सण 2027 |
|---|---|
| मकर संक्रांति | |
| वसंत पंचमी | |
| महाशिवरात्रि | |
| होलिका दहन | |
| होली (धुलंडी) | |
| चैत्र नवरात्रि आरंभ (घटस्थापना) | |
| राम नवमी | |
| अक्षय तृतीया | |
| गुरु पूर्णिमा | |
| रक्षा बंधन | |
| कृष्ण जन्माष्टमीजब अष्टमी पिछली रात मध्यरात्रि में हो, तो कुछ स्मार्त परिवार एक दिन पहले मनाते हैं। | |
| गणेश चतुर्थी | |
| शारदीय नवरात्रि आरंभ (घटस्थापना) | |
| दशहरा (विजयादशमी) | |
| करवा चौथ | |
| धनतेरस | |
| दीपावली (लक्ष्मी पूजा) | |
| गोवर्धन पूजा | |
| भाई दूज | |
| छठ पूजा (संध्या अर्घ्य) | |
| देवउठनी एकादशी |
एकादशी 2027
| तारीख | एकादशी (स्मार्त) | तिथी |
|---|---|---|
| सफला एकादशी | दुपारी 2:25, 2 जानेवारी → संध्याकाळी 4:09 | |
| पौष पुत्रदा एकादशी | सकाळी 10:27 → सकाळी 7:50, 19 जानेवारी | |
| षटतिला एकादशी | सकाळी 8:42, 1 फेब्रुवारी → सकाळी 11:11 | |
| जया एकादशी | रात्री 8:20, 16 फेब्रुवारी → संध्याकाळी 5:32 | |
| विजया एकादशी | सकाळी 4:45, 3 मार्च → सकाळी 7:25 | |
| आमलकी एकादशी | सकाळी 4:22 → पहाटे 1:52, 19 मार्च | |
| पापमोचनी एकादशी | पहाटे 12:46 → पहाटे 2:52, 3 एप्रिल | |
| कामदा एकादशी | सकाळी 11:22, 16 एप्रिल → सकाळी 9:28 | |
| वरूथिनी एकादशी | संध्याकाळी 6:54, 1 मे → संध्याकाळी 7:52 | |
| मोहिनी एकादशी | संध्याकाळी 6:18, 15 मे → संध्याकाळी 5:14 | |
| अपरा एकादशी | सकाळी 10:03, 31 मे → सकाळी 9:40 | |
| निर्जला एकादशी | पहाटे 2:13 → पहाटे 2:08, 15 जून | |
| योगिनी एकादशी | रात्री 10:04, 29 जून → रात्री 8:31 | |
| देवशयनी एकादशी | दुपारी 12:09, 13 जुलै → दुपारी 1:11 | |
| कामिका एकादशी | सकाळी 7:35 → सकाळी 5:13, 30 जुलै | |
| श्रावण पुत्रदा एकादशी | पहाटे 12:59 → पहाटे 3:00, 13 ऑगस्ट | |
| अजा एकादशी | दुपारी 3:26, 27 ऑगस्ट → दुपारी 12:43 | |
| पार्श्व एकादशी | संध्याकाळी 5:01, 10 सप्टेंबर → संध्याकाळी 7:37 | |
| इंदिरा एकादशी | रात्री 10:31, 25 सप्टेंबर → संध्याकाळी 7:50 | |
| पापांकुशा एकादशी | सकाळी 11:41, 10 ऑक्टोबर → दुपारी 2:09 | |
| रमा एकादशी | सकाळी 5:41 → पहाटे 3:23, 26 ऑक्टोबर | |
| देवउठनी एकादशी | सकाळी 7:35, 9 नोव्हेंबर → सकाळी 9:12 | |
| उत्पन्ना एकादशी | दुपारी 1:45, 23 नोव्हेंबर → दुपारी 12:12 | |
| मोक्षदा एकादशी | पहाटे 2:59 → पहाटे 3:20, 10 डिसेंबर | |
| सफला एकादशी | रात्री 11:41, 22 डिसेंबर → रात्री 11:12 |
पौर्णिमा आणि अमावास्या 2027
| तारीख | पर्व |
|---|---|
| मार्गशीर्ष अमावस्या | |
| पौष पूर्णिमा | |
| पौष अमावस्या | |
| माघ पूर्णिमा | |
| माघ अमावस्या | |
| फाल्गुन पूर्णिमा | |
| फाल्गुन अमावस्या | |
| चैत्र पूर्णिमा | |
| चैत्र अमावस्या | |
| वैशाख पूर्णिमा | |
| वैशाख अमावस्या | |
| ज्येष्ठ पूर्णिमा | |
| ज्येष्ठ अमावस्या | |
| आषाढ़ पूर्णिमा | |
| आषाढ़ अमावस्या | |
| श्रावण पूर्णिमा | |
| श्रावण अमावस्या | |
| भाद्रपद पूर्णिमा | |
| भाद्रपद अमावस्या | |
| आश्विन पूर्णिमा | |
| आश्विन अमावस्या | |
| कार्तिक पूर्णिमा | |
| कार्तिक अमावस्या | |
| मार्गशीर्ष पूर्णिमा | |
| मार्गशीर्ष अमावस्या |
हे पंचांग कसे तयार होते
- सूर्य आणि चंद्राची स्थिती Astronomy Engine (MIT परवाना) मधून येते. ही या तारखांसाठी अंशाच्या लहानशा भागापर्यंत अचूक ओपन-सोर्स लायब्ररी आहे. निरयन स्थितीसाठी लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश घेतला आहे.
- तिथी: सूर्यापासून चंद्राची आघाडी 12-12 अंशांत; नक्षत्र: चंद्राची निरयन स्थिती 13°20′ च्या भागांत; योग: सूर्य आणि चंद्राची बेरीज; करण: अर्धी तिथी. समाप्ती वेळ सेकंदापर्यंत काढली जाते आणि मिनिटांत दाखवली जाते.
- सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेवरून आणि सामान्य अपवर्तनाने. चंद्रोदय आणि चंद्रास्त चंद्राचा मध्य क्षितिजावर येण्यावरून, जसे द्रिक पंचांग करते.
- राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक: वारानुसार दिवसाचा आठवा भाग; अभिजित: दिवसाच्या 15 मुहूर्तांपैकी आठवा; ब्राह्म मुहूर्त: सूर्योदयापूर्वी रात्रीच्या 15 मुहूर्तांपैकी 14 वा; चौघडिया: दिवस आणि रात्रीचे आठ-आठ भाग.
- आम्ही 3 शहरांमध्ये 3 तारखांना द्रिक पंचांगाशी ताडून पाहिले: सूर्योदय आणि सूर्यास्त मिनिटापर्यंत जुळले, आणि प्रत्येक तिथी, नक्षत्र, योग आणि करणाची समाप्ती वेळ 2 मिनिटांच्या आत राहिली.
पंचांग: नेहमीचे प्रश्न
आज कोणती तिथी आहे?
या पानावरच्या वरच्या कार्डमध्ये तुमच्या शहराची आजची तिथी आणि ती संपण्याची अचूक वेळ दिसते, मग पुढची तिथी. तिथी म्हणजे 30 चंद्र दिवसांपैकी एक: चंद्राला सूर्यापेक्षा 12 अंश पुढे जायला लागणारा वेळ. ही गती बदलत असते, म्हणून तिथी साधारण 19 ते 26 तासांची असते आणि दिवसात कधीही सुरू होऊ शकते.
राहुकाळ म्हणजे काय आणि तो कसा काढतात?
राहुकाळ हा रोजचा साधारण दीड तासाचा काळ आहे, ज्यात अनेक कुटुंबे नवे काम सुरू करत नाहीत. सूर्योदय ते सूर्यास्त या वेळेचे आठ समान भाग करतात आणि वारानुसार कोणता भाग राहुकाळ ते ठरते (उदा. रविवारी आठवा आणि सोमवारी दुसरा). तो स्थानिक सूर्योदय-सूर्यास्तावर अवलंबून असतो, म्हणून शहर आणि ऋतूनुसार बदलतो.
शहर बदलले की पंचांग का बदलते?
सूर्योदय, सूर्यास्त आणि चंद्रोदय ठिकाणानुसार बदलतात, त्यामुळे राहुकाळ, चौघडिया आणि सूर्योदयाच्या वेळची तिथीही वेगळी असू शकते. तिथी आणि नक्षत्राची समाप्ती वेळ संपूर्ण भारतात एकच क्षण असतो; फक्त सूर्योदय बदलतो.
हे पंचांग कोणता अयनांश वापरते?
लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय दिनदर्शिका सुधार समितीने स्वीकारला आणि बहुतेक छापील पंचांगे हाच वापरतात. सूर्य आणि चंद्राची स्थिती ओपन-सोर्स Astronomy Engine लायब्ररीतून येते, आणि आम्ही अनेक शहरे आणि तारखांवर प्रकाशित पंचांगांशी आमच्या वेळा ताडून पाहिल्या आहेत.
अमांत आणि पौर्णिमांत महिन्यात काय फरक आहे?
अमांत पद्धतीत (महाराष्ट्र, गुजरात आणि दक्षिण भारत) चांद्र महिना अमावास्येला संपतो. पौर्णिमांत पद्धतीत (उत्तर भारत) पौर्णिमेला. शुक्ल पक्षात दोन्हींमध्ये महिन्याचे नाव एकच असते; कृष्ण पक्षात पौर्णिमांत महिना एक पुढे असतो. आम्ही दोन्ही दाखवतो.
चौघडिया म्हणजे काय?
चौघडिया दिवस आणि रात्र प्रत्येकी आठ भागांत विभागते. अमृत, शुभ आणि लाभ चांगले मानले जातात, चर सामान्य आणि प्रवासाला ठीक, आणि उद्वेग, काल आणि रोग यांत नवी सुरुवात टाळली जाते. गुजरात आणि राजस्थानात पटकन शुभ वेळ निवडण्यासाठी हे खूप वापरतात.
माझे लोकेशन कुठे पाठवले जाते का?
नाही. लोकेशनचे बटण दाबल्यावर फोन निर्देशांक फक्त या पानाला देतो, सूर्योदय तुमच्या फोनवरच काढला जातो आणि काहीही सर्व्हरवर अपलोड किंवा सेव्ह होत नाही. तुम्ही यादीतून तुमचे शहरही निवडू शकता.
शुभ मुहूर्त 2026-2027
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