मुख्यमंत्री अपना सुखी परिवार योजना (हिमाचल प्रदेश) में क्या मिलता है?
प्रदेश के एक लाख सबसे ग़रीब परिवारों को हर महीने 300 यूनिट मुफ़्त बिजली, कच्चे घर वालों को पक्का मकान बनाने में मदद और महिलाओं को प्यारी बहना योजना से ₹1,500 महीना।
मार्च 2026 के बजट में घोषणा हुई, परिवार चरणों में चुने जा रहे हैं। पात्रता की शर्तें ज़िलों के नोटिस पर आई ख़बरों से हैं, राज्य के दिशा-निर्देश जाँच के समय ऑनलाइन नहीं थे।
मुख्यमंत्री अपना सुखी परिवार योजना (हिमाचल प्रदेश): ताज़ा अपडेट
- मंडी ज़िला (सुंदरनगर): मौजूदा चरण में 20 सितंबर 2026 तक आवेदन, पुरानी बीपीएल सूची वाले परिवारों को दोबारा आवेदन करना था। ख़बर
- बजट 2026-27 में एक लाख सबसे ग़रीब परिवारों के लिए योजना की घोषणा: हर महीने 300 यूनिट मुफ़्त बिजली, पक्का मकान बनाने में मदद और महिलाओं को ₹1,500 महीना। आधिकारिक स्रोत
"ख़बर" वाली बातें अभी किसी आधिकारिक सूचना में नहीं मिलीं। आवेदन से पहले आधिकारिक साइट पर पुष्टि करें।
मुख्यमंत्री अपना सुखी परिवार योजना (हिमाचल प्रदेश) के लिए कौन पात्र है?
- पंचायत स्तर के सर्वे और सत्यापन से चुने गए प्रदेश के सबसे ग़रीब परिवार।
- ज़िलों के नोटिस के अनुसार: सिर्फ़ 27 साल से कम उम्र के अनाथ बच्चों वाला परिवार, 27 से 59 साल के किसी वयस्क के बिना महिला मुखिया वाला परिवार, 40% या ज़्यादा दिव्यांग मुखिया, बीमारी या हादसे से स्थायी रूप से अक्षम कमाऊ सदस्य, भूमिहीन परिवार या पिछले साल मनरेगा में काम।
- ख़बरों के अनुसार आयकरदाता, सरकारी या निजी नौकरी वाले, एक हेक्टेयर से ज़्यादा ज़मीन या ₹75,000 सालाना से ज़्यादा आय वाले परिवार बाहर हैं।
मुख्यमंत्री अपना सुखी परिवार योजना (हिमाचल प्रदेश) के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
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राज्य या दफ़्तर और कागज़ माँग सकते हैं। आधिकारिक सूची देखें।
मुख्यमंत्री अपना सुखी परिवार योजना (हिमाचल प्रदेश) के लिए आवेदन कैसे करें?
- पंचायत सचिव या खंड विकास कार्यालय से पूछें कि आपके इलाक़े में चयन का दौर खुला है या नहीं।
- आय प्रमाण पत्र, मनरेगा जॉब कार्ड और अपनी श्रेणी के प्रमाण के साथ आवेदन भरें।
- पंचायत आवेदन की जाँच करती है और आधार को बैंक खाते से जोड़ती है। चुने गए परिवारों की सूची चरणों में बनती है।
आम सवाल
मुख्यमंत्री अपना सुखी परिवार योजना (हिमाचल प्रदेश) के लिए कौन पात्र है?
पंचायत स्तर के सर्वे और सत्यापन से चुने गए प्रदेश के सबसे ग़रीब परिवार। ज़िलों के नोटिस के अनुसार: सिर्फ़ 27 साल से कम उम्र के अनाथ बच्चों वाला परिवार, 27 से 59 साल के किसी वयस्क के बिना महिला मुखिया वाला परिवार, 40% या ज़्यादा दिव्यांग मुखिया, बीमारी या हादसे से स्थायी रूप से अक्षम कमाऊ सदस्य, भूमिहीन परिवार या पिछले साल मनरेगा में काम। ख़बरों के अनुसार आयकरदाता, सरकारी या निजी नौकरी वाले, एक हेक्टेयर से ज़्यादा ज़मीन या ₹75,000 सालाना से ज़्यादा आय वाले परिवार बाहर हैं।
मुख्यमंत्री अपना सुखी परिवार योजना (हिमाचल प्रदेश) में कितना मिलता है?
प्रदेश के एक लाख सबसे ग़रीब परिवारों को हर महीने 300 यूनिट मुफ़्त बिजली, कच्चे घर वालों को पक्का मकान बनाने में मदद और महिलाओं को प्यारी बहना योजना से ₹1,500 महीना। मार्च 2026 के बजट में घोषणा हुई, परिवार चरणों में चुने जा रहे हैं। पात्रता की शर्तें ज़िलों के नोटिस पर आई ख़बरों से हैं, राज्य के दिशा-निर्देश जाँच के समय ऑनलाइन नहीं थे।
मुख्यमंत्री अपना सुखी परिवार योजना (हिमाचल प्रदेश) के लिए कौन से दस्तावेज़ चाहिए?
आधार कार्ड (मोबाइल नंबर से जुड़ा); बैंक पासबुक या खाते का विवरण (आधार से जुड़ा खाता); आय प्रमाण पत्र; जॉब कार्ड (ग्रामीण रोज़गार); ज़मीन के कागज़ (खतौनी, 7/12, पट्टा आदि); दिव्यांगता प्रमाण पत्र या UDID कार्ड।
मुख्यमंत्री अपना सुखी परिवार योजना (हिमाचल प्रदेश) के लिए आवेदन कैसे करें?
पंचायत सचिव या खंड विकास कार्यालय से पूछें कि आपके इलाक़े में चयन का दौर खुला है या नहीं। आय प्रमाण पत्र, मनरेगा जॉब कार्ड और अपनी श्रेणी के प्रमाण के साथ आवेदन भरें। पंचायत आवेदन की जाँच करती है और आधार को बैंक खाते से जोड़ती है। चुने गए परिवारों की सूची चरणों में बनती है। आधिकारिक साइट: https://services.hp.gov.in/en-IN/
क्या आवेदन के लिए किसी को पैसे देने होंगे?
नहीं। आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन मुफ़्त है। CSC पर सिर्फ़ तय सेवा शुल्क लग सकता है। मंज़ूरी का वादा करने वाले एजेंट को पैसे न दें।
अपना सुखी परिवार योजना में क्या मिलता है?
मार्च 2026 के बजट भाषण के मुताबिक़ एक लाख सबसे ग़रीब परिवारों को हर महीने 300 यूनिट मुफ़्त बिजली, कच्चे घर वालों को पक्के मकान के लिए प्राथमिकता से मदद, और इन परिवारों की महिलाओं को प्यारी बहना योजना से ₹1,500 महीना।
परिवार कैसे चुने जाते हैं?
पंचायत सर्वे से, चरणों में। ख़बरों के अनुसार अनाथ बच्चों वाले परिवार, बिना कामकाजी वयस्क वाले महिला मुखिया परिवार, 40% या ज़्यादा दिव्यांग मुखिया, भूमिहीन और मनरेगा मज़दूर परिवार पात्र हैं, सालाना आय ₹75,000 तक।
स्रोत
आख़िरी जाँच 1 नवंबर 2026। नियम और राशि बदलते रहते हैं, आवेदन से पहले आधिकारिक साइट देखें। IndiaDigital एक स्वतंत्र साइट है, सरकारी नहीं।