इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना (हिमाचल प्रदेश) में क्या मिलता है?
18 साल तक हर बच्चे को ₹1,000 महीना; 18 से 27 साल तक डिग्री, डिप्लोमा और प्रोफ़ेशनल कोर्स की फ़ीस सरकार भरती है, साथ में सरकारी हॉस्टल की फ़ीस या किराये के लिए ₹3,000 महीना।
इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना (हिमाचल प्रदेश): ताज़ा अपडेट
- बजट 2026-27: प्रदेश के बाहर IIT, NIT, IIM, AIIMS, NLU जैसे सरकारी संस्थानों में दाख़िला पाने वाले पात्र छात्रों की पूरी कोर्स, हॉस्टल और मेस फ़ीस सरकार देगी। अभी करीब 22,000 लाभार्थी हैं। आधिकारिक स्रोत
इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना (हिमाचल प्रदेश) के लिए कौन पात्र है?
- विधवा, बेसहारा या परित्यक्त महिलाओं के बच्चे, और 70% या ज़्यादा दिव्यांग माता-पिता के बच्चे।
- परिवार की सालाना आय सभी स्रोतों से ₹1,00,000 तक।
- 2026-27 से प्रदेश के बाहर IIT, NIT, IIM, AIIMS और NLU जैसे सरकारी संस्थानों में दाख़िला भी शामिल।
इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना (हिमाचल प्रदेश) के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
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राज्य या दफ़्तर और कागज़ माँग सकते हैं। आधिकारिक सूची देखें।
इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना (हिमाचल प्रदेश) के लिए आवेदन कैसे करें?
- महिला एवं बाल विकास विभाग के ऑनलाइन पोर्टल (wcd.hp.gov.in, Schemes) पर या बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) के ज़रिए आवेदन करें।
- बोनाफाइड हिमाचली प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, जन्मतिथि का प्रमाण, पिता या पति का मृत्यु प्रमाण पत्र (या दिव्यांगता प्रमाण पत्र), परिवार रजिस्टर और 18 से 27 साल के लिए संस्थान की फ़ीस का ब्योरा लगाएँ।
इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना (हिमाचल प्रदेश) का स्टेटस कैसे देखें?
- जिस खाते से आवेदन किया, उससे WCD पोर्टल पर लॉग इन कर स्थिति देखें, या CDPO दफ़्तर में पूछें।
कोई कॉल या मैसेज OTP माँगे तो न बताएँ। सरकारी पोर्टल का पता .gov.in पर ख़त्म होता है।
आम सवाल
इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना (हिमाचल प्रदेश) के लिए कौन पात्र है?
विधवा, बेसहारा या परित्यक्त महिलाओं के बच्चे, और 70% या ज़्यादा दिव्यांग माता-पिता के बच्चे। परिवार की सालाना आय सभी स्रोतों से ₹1,00,000 तक। 2026-27 से प्रदेश के बाहर IIT, NIT, IIM, AIIMS और NLU जैसे सरकारी संस्थानों में दाख़िला भी शामिल।
इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना (हिमाचल प्रदेश) में कितना मिलता है?
18 साल तक हर बच्चे को ₹1,000 महीना; 18 से 27 साल तक डिग्री, डिप्लोमा और प्रोफ़ेशनल कोर्स की फ़ीस सरकार भरती है, साथ में सरकारी हॉस्टल की फ़ीस या किराये के लिए ₹3,000 महीना।
इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना (हिमाचल प्रदेश) के लिए कौन से दस्तावेज़ चाहिए?
राज्य का मूल निवास / निवास प्रमाण पत्र; आय प्रमाण पत्र; उम्र का प्रमाण (जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल प्रमाण पत्र आदि); कमाने वाले सदस्य का मृत्यु प्रमाण पत्र; दिव्यांगता प्रमाण पत्र या UDID कार्ड; दाख़िले का प्रमाण या फ़ीस की रसीद; बैंक पासबुक या खाते का विवरण (आधार से जुड़ा खाता); आधार कार्ड (मोबाइल नंबर से जुड़ा)।
इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना (हिमाचल प्रदेश) के लिए आवेदन कैसे करें?
महिला एवं बाल विकास विभाग के ऑनलाइन पोर्टल (wcd.hp.gov.in, Schemes) पर या बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) के ज़रिए आवेदन करें। बोनाफाइड हिमाचली प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, जन्मतिथि का प्रमाण, पिता या पति का मृत्यु प्रमाण पत्र (या दिव्यांगता प्रमाण पत्र), परिवार रजिस्टर और 18 से 27 साल के लिए संस्थान की फ़ीस का ब्योरा लगाएँ। आधिकारिक साइट: https://wcd.hp.gov.in/schemes
इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना (हिमाचल प्रदेश) का स्टेटस कैसे देखें?
जिस खाते से आवेदन किया, उससे WCD पोर्टल पर लॉग इन कर स्थिति देखें, या CDPO दफ़्तर में पूछें।
क्या आवेदन के लिए किसी को पैसे देने होंगे?
नहीं। आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन मुफ़्त है। CSC पर सिर्फ़ तय सेवा शुल्क लग सकता है। मंज़ूरी का वादा करने वाले एजेंट को पैसे न दें।
सुख शिक्षा योजना में कितना पैसा मिलता है?
18 साल तक हर बच्चे को ₹1,000 महीना। 18 से 27 साल तक सरकारी संस्थानों में कोर्स की फ़ीस, हॉस्टल और मेस का ख़र्च सरकार देती है, हॉस्टल न हो तो किराये के लिए ₹3,000 महीना।
सुख शिक्षा योजना के लिए कौन पात्र है?
विधवा, बेसहारा या परित्यक्त महिलाओं के बच्चे और 70% या ज़्यादा दिव्यांग माता-पिता के बच्चे, जिनके परिवार की आय ₹1 लाख सालाना तक है।
स्रोत
- Women and Child Development Department, Govt of Himachal Pradesh: schemes
- Himachal Pradesh Budget Speech 2026-27 (Sukh Shiksha extended to IIT, NIT, IIM, AIIMS, NLU)
आख़िरी जाँच 1 नवंबर 2026। नियम और राशि बदलते रहते हैं, आवेदन से पहले आधिकारिक साइट देखें। IndiaDigital एक स्वतंत्र साइट है, सरकारी नहीं।