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राजीव गांधी प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना: प्राकृतिक खेती की उपज पर समर्थन मूल्य (हिमाचल प्रदेश)

राजीव गांधी प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना: प्राकृतिक खेती की उपज पर समर्थन मूल्य (हिमाचल प्रदेश) राज्य सरकार की योजना है। प्राकृतिक खेती की उपज सरकार अपने समर्थन मूल्य पर ख़रीदती है: गेहूँ ₹80 किलो, मक्की ₹50, पांगी का जौ ₹80, हल्दी ₹150 और पहली बार अदरक ₹30 किलो (2026-27 की दरें)। आवेदन मुफ़्त है: agriculture.hp.gov.in या नज़दीकी CSC पर।

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क्या मिलता हैराशि आधिकारिक साइट पर देखें
कहाँहिमाचल प्रदेश (राज्य सरकार)
कौन चलाता हैDepartment of Agriculture, Govt of Himachal Pradesh
आख़िरी जाँच1 नवंबर 2026

राजीव गांधी प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना: प्राकृतिक खेती की उपज पर समर्थन मूल्य (हिमाचल प्रदेश) में क्या मिलता है?

प्राकृतिक खेती की उपज सरकार अपने समर्थन मूल्य पर ख़रीदती है: गेहूँ ₹80 किलो, मक्की ₹50, पांगी का जौ ₹80, हल्दी ₹150 और पहली बार अदरक ₹30 किलो (2026-27 की दरें)।

दरें बजट 2026-27 के भाषण से हैं। ख़रीद की तारीख़ और केंद्र हर सीज़न में कृषि विभाग घोषित करता है।

राजीव गांधी प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना: प्राकृतिक खेती की उपज पर समर्थन मूल्य (हिमाचल प्रदेश): ताज़ा अपडेट

  1. बजट 2026-27 में प्राकृतिक खेती का समर्थन मूल्य बढ़ा: गेहूँ ₹60 से ₹80 किलो, मक्की ₹40 से ₹50, पांगी का जौ ₹60 से ₹80, हल्दी ₹90 से ₹150; अदरक पर पहली बार ₹30 किलो। आधिकारिक स्रोत

राजीव गांधी प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना: प्राकृतिक खेती की उपज पर समर्थन मूल्य (हिमाचल प्रदेश) के लिए कौन पात्र है?

  • हिमाचल के वे किसान जो रसायन-मुक्त प्राकृतिक खेती करते हैं और राज्य के प्राकृतिक खेती कार्यक्रम में पंजीकृत व प्रमाणित हैं।

राजीव गांधी प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना: प्राकृतिक खेती की उपज पर समर्थन मूल्य (हिमाचल प्रदेश) के लिए ज़रूरी दस्तावेज़

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राज्य या दफ़्तर और कागज़ माँग सकते हैं। आधिकारिक सूची देखें।

राजीव गांधी प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना: प्राकृतिक खेती की उपज पर समर्थन मूल्य (हिमाचल प्रदेश) के लिए आवेदन कैसे करें?

  1. अगर पंजीकरण नहीं है तो ब्लॉक कृषि कार्यालय (आत्मा) में प्राकृतिक खेती के लिए पंजीकरण कराएँ।
  2. ख़रीद शुरू होने पर प्रमाणित उपज, पंजीकरण का ब्योरा और बैंक खाते के साथ तय ख़रीद केंद्र पर जाएँ।

आधिकारिक साइट पर जाएँ ↗

आम सवाल

राजीव गांधी प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना: प्राकृतिक खेती की उपज पर समर्थन मूल्य (हिमाचल प्रदेश) के लिए कौन पात्र है?

हिमाचल के वे किसान जो रसायन-मुक्त प्राकृतिक खेती करते हैं और राज्य के प्राकृतिक खेती कार्यक्रम में पंजीकृत व प्रमाणित हैं।

राजीव गांधी प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना: प्राकृतिक खेती की उपज पर समर्थन मूल्य (हिमाचल प्रदेश) में कितना मिलता है?

प्राकृतिक खेती की उपज सरकार अपने समर्थन मूल्य पर ख़रीदती है: गेहूँ ₹80 किलो, मक्की ₹50, पांगी का जौ ₹80, हल्दी ₹150 और पहली बार अदरक ₹30 किलो (2026-27 की दरें)। दरें बजट 2026-27 के भाषण से हैं। ख़रीद की तारीख़ और केंद्र हर सीज़न में कृषि विभाग घोषित करता है।

राजीव गांधी प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना: प्राकृतिक खेती की उपज पर समर्थन मूल्य (हिमाचल प्रदेश) के लिए कौन से दस्तावेज़ चाहिए?

आधार कार्ड (मोबाइल नंबर से जुड़ा); ज़मीन के कागज़ (खतौनी, 7/12, पट्टा आदि); बैंक पासबुक या खाते का विवरण (आधार से जुड़ा खाता); OTP के लिए मोबाइल नंबर।

राजीव गांधी प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना: प्राकृतिक खेती की उपज पर समर्थन मूल्य (हिमाचल प्रदेश) के लिए आवेदन कैसे करें?

अगर पंजीकरण नहीं है तो ब्लॉक कृषि कार्यालय (आत्मा) में प्राकृतिक खेती के लिए पंजीकरण कराएँ। ख़रीद शुरू होने पर प्रमाणित उपज, पंजीकरण का ब्योरा और बैंक खाते के साथ तय ख़रीद केंद्र पर जाएँ। आधिकारिक साइट: https://agriculture.hp.gov.in/

क्या आवेदन के लिए किसी को पैसे देने होंगे?

नहीं। आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन मुफ़्त है। CSC पर सिर्फ़ तय सेवा शुल्क लग सकता है। मंज़ूरी का वादा करने वाले एजेंट को पैसे न दें।

हिमाचल में प्राकृतिक खेती के गेहूँ और मक्की का समर्थन मूल्य कितना है?

बजट 2026-27 के अनुसार प्राकृतिक खेती वाला गेहूँ ₹80 किलो और मक्की ₹50 किलो। हल्दी ₹150, पांगी का जौ ₹80 और अदरक ₹30 किलो।

इस दाम पर कौन बेच सकता है?

राज्य के प्राकृतिक खेती कार्यक्रम में पंजीकृत और प्रमाणित किसान। पंजीकरण और ख़रीद केंद्र के बारे में ब्लॉक कृषि कार्यालय (आत्मा) से पूछें।

स्रोत

आख़िरी जाँच 1 नवंबर 2026। नियम और राशि बदलते रहते हैं, आवेदन से पहले आधिकारिक साइट देखें। IndiaDigital एक स्वतंत्र साइट है, सरकारी नहीं।

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