गाड़ी · रोड टैक्स
नई गाड़ी पर रोड टैक्स राज्य के हिसाब से
रोड टैक्स हर राज्य तय करता है और अक्सर बदलता है। राज्य और क़ीमत चुनें, मोटा अंदाज़ा पाएँ, और देखें कि आँकड़ा कितना पक्का है और कहाँ से है।
आख़िरी अपडेट: IndiaDigital संपादकों द्वारा जाँचा गयास्रोत
महाराष्ट्र: अपने नाम पर पेट्रोल कार: ₹10 लाख तक 11%, ₹20 लाख तक 12%, उससे ऊपर 13%। डीज़ल 13/14/15%। कंपनी के नाम या आयातित: 20%।
- EV: इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर छूट बताई गई है।
- संशोधित क़ानून 1 जुलाई 2025 से लागू (परिवहन आयुक्त की 25 जून 2025 की अधिसूचना)। अधिकतम टैक्स ₹20 लाख से बढ़कर ₹30 लाख। CNG और LPG पर 1% बढ़ा; CNG की सटीक दर पर रिपोर्टें अलग हैं।
- साथ में रजिस्ट्रेशन: लगभग ₹600 केंद्रीय फ़ीस, और HSRP नंबर प्लेट व स्मार्ट कार्ड का राज्य शुल्क।
दूसरे राज्यों में यही कार
* आधिकारिक अनुसूची से पुष्टि नहीं। सही रकम रजिस्ट्रेशन के समय वाहन पोर्टल पर दिखती है।
यह कैसे काम करता है
- हर राज्य नई निजी गाड़ी पर एक बार टैक्स लेता है, क़ीमत के प्रतिशत में (कुछ इंजन के हिसाब से)। हर राज्य अलग है, और कई ने 2025 और 2026 में दरें बदलीं।
- अंदाज़ा सिर्फ़ वहीं दिखाते हैं जहाँ राज्य के स्लैब साफ़ हैं; बाक़ी जगह बताई गई सीमा दिखाते हैं, कोई रकम नहीं।
- सही टैक्स, रजिस्ट्रेशन फ़ीस, HSRP नंबर प्लेट और स्मार्ट कार्ड का ख़र्च डीलर के रजिस्ट्रेशन करते समय वाहन पोर्टल पर दिखता है। वही रकम भरनी होती है।
लोग पूछते हैं
केंद्रीय रजिस्ट्रेशन फ़ीस कितनी है?
दोपहिया के लिए ₹300 और निजी कार के लिए ₹600 बताई गई है (CMVR नियम 81), साथ में नंबर प्लेट और स्मार्ट कार्ड का राज्य शुल्क। 15 साल बाद दोबारा रजिस्ट्रेशन अप्रैल 2022 से ₹1,000 (दोपहिया) और ₹5,000 (कार), और 20 साल से पुरानी गाड़ियों के लिए अगस्त 2025 से और ज़्यादा।
दूसरे राज्य जा रहा हूँ। क्या रोड टैक्स फिर से भरना होगा?
नए राज्य में 12 महीने के बाद वहाँ दोबारा रजिस्ट्रेशन कराकर वहाँ का टैक्स भरना होता है, आम तौर पर बचे सालों के हिसाब से, और पुराने राज्य से बचे टैक्स का रिफ़ंड माँगना होता है। योग्य कर्मचारियों के लिए BH सीरीज़ से यह झंझट नहीं होता।
स्रोत
आखिरी बार जाँचा गया:
- Vahan: RC services and vehicle details Shows the exact tax and fees when you register.
- Parivahan Sewa (MoRTH)