लाइफ़ इवेंट गाइड · 9 कदम

शादी हो रही है रजिस्ट्रेशन और उसके बाद के काम

शादी मुबारक! पहले शादी का रजिस्ट्रेशन कराएँ, फिर ज़रूरी काग़ज़ों में नाम, पता और नॉमिनी अपडेट करें। हर काम होने पर टिक करते जाएँ; आपकी सूची इसी फ़ोन में रहती है।

आख़िरी अपडेट: IndiaDigital संपादकों द्वारा जाँचा गयास्रोत

कदम-दर-कदम

  1. शादी का रजिस्ट्रेशन कराएँ

    • कब: शादी के बाद जल्दी; कुछ राज्यों में समय-सीमा तय है
    • समय: 1 ऑनलाइन अर्ज़ी, फिर दफ़्तर के 1 से 2 चक्कर

    हिंदू रीति से हुई शादी (सिख, जैन और बौद्ध शादियाँ भी) का रजिस्ट्रेशन हिंदू विवाह अधिनियम में, राज्य के नियमों से, उस रजिस्ट्रार या SDM दफ़्तर में होता है जहाँ आप दोनों में से कोई रहता हो। कई राज्यों में अर्ज़ी उनके पोर्टल पर ऑनलाइन जाती है, फिर दोनों को ख़ुद पेश होना होता है। फ़ीस और काग़ज़ हर राज्य में अलग हैं, इसलिए अपने राज्य का पोर्टल देखें; यहाँ दिल्ली का पेज एक उदाहरण है।

  2. विशेष विवाह अधिनियम: नोटिस, 30 दिन, तीन गवाह

    • कब: जो तारीख़ चाहिए, उससे कम से कम 30 दिन पहले शुरू करें
    • समय: 30 दिन का नोटिस, फिर तीन गवाहों के साथ 1 चक्कर
    • अगर लागू हो: कोर्ट मैरिज, अलग धर्म वाली शादी, या विशेष विवाह अधिनियम चुनने पर

    उस ज़िले के विवाह अधिकारी को लिखित नोटिस दें जहाँ आप दोनों में से कोई कम से कम 30 दिन से रह रहा हो। नोटिस 30 दिन तक लगा रहता है, इस बीच कोई भी अधिनियम में दी गई वजहों पर आपत्ति कर सकता है। इसके बाद शादी होती है और प्रमाण पत्र पर आप दोनों और तीन गवाह दस्तख़त करते हैं। दूल्हे की उम्र कम से कम 21 और दुल्हन की 18 साल होनी चाहिए।

  3. आधार अपडेट कराएँ (नाम और पता)

    • कब: विवाह प्रमाण पत्र मिलते ही
    • समय: केंद्र का 1 चक्कर; अपडेट होने में 30 दिन तक लग सकते हैं
    • सरकारी फ़ीस: केंद्र पर नाम या पता अपडेट ₹75स्रोत

    आधार सबसे पहले कराएँ, क्योंकि बैंक, पैन और दूसरे दफ़्तर उसी से मिलान करते हैं। नाम बदलने के लिए विवाह प्रमाण पत्र लेकर आधार सेवा केंद्र जाना होगा; पता आधार ऐप से भी बदल सकता है। आख़िरी बार उंगली लगाने से पहले स्क्रीन पर स्पेलिंग जाँच लें।

  4. पैन पर नाम अपडेट कराएँ

    • कब: आधार अपडेट होने के बाद
    • समय: ऑनलाइन 30 मिनट
    • अगर लागू हो: सिर्फ़ तब, जब आप नाम बदल रहे हों

    पैन नंबर कभी नहीं बदलता; सिर्फ़ उस पर छपा नाम बदलता है। आयकर ई-फ़ाइलिंग पोर्टल पर बताए गए रास्तों से पैन में बदलाव की अर्ज़ी दें, सबूत के तौर पर विवाह प्रमाण पत्र लगाएँ। नाम वही रखें जो नए आधार में है, ताकि पैन-आधार का मिलान न अटके।

  5. पासपोर्ट अपडेट कराएँ

    • कब: आधार अपडेट के बाद, और विदेश यात्रा बुक करने से पहले
    • समय: ऑनलाइन 30 मिनट, फिर पासपोर्ट सेवा केंद्र का 1 चक्कर
    • सरकारी फ़ीस: ₹2,500 (36 पेज) या ₹3,500 (60 पेज)। तत्काल में ₹2,500 औरस्रोत
    • अगर लागू हो: सिर्फ़ तब, जब आपके पास पासपोर्ट हो

    नाम या पता बदला हो, या पति/पत्नी का नाम जुड़वाना हो, तो विवाह प्रमाण पत्र के साथ पासपोर्ट सेवा पर री-इश्यू की अर्ज़ी दें। री-इश्यू की फ़ीस नए पासपोर्ट जितनी ही है। आपके मामले में कौन-से काग़ज़ लगेंगे, यह पोर्टल के Document Advisor में देखें।

  6. बैंक में नाम-पता अपडेट कराएँ

    • कब: आधार और पैन के बाद
    • समय: ब्रांच का 1 चक्कर, या बैंक की सुविधा हो तो ऑनलाइन

    KYC में नाम या पता बदलवाने के लिए बैंक को विवाह प्रमाण पत्र और नया आधार दें। पति/पत्नी को नॉमिनी बनाने या जॉइंट खाता खोलने का भी यही सही समय है। डीमैट, म्यूचुअल फ़ंड और लोन खातों में भी यही करें।

  7. वोटर आईडी शिफ़्ट या सही कराएँ (फ़ॉर्म 8)

    • कब: नए घर के पते का सबूत मिलने के बाद
    • समय: ऑनलाइन 15 मिनट
    • सरकारी फ़ीस: मुफ़्त, नया कार्ड भी स्पीड पोस्ट से मुफ़्त आता हैस्रोत

    शादी के बाद नए घर में गए हैं तो वोटर सर्विस पोर्टल पर फ़ॉर्म 8 से अपना नाम नए पते पर शिफ़्ट कराएँ, और नाम बदला हो तो वह भी सही कराएँ। फ़ॉर्म 6 दोबारा न भरें: दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना अपराध है।

  8. राशन कार्ड में नाम बदलवाएँ

    • समय: ऑनलाइन 20 मिनट, या दफ़्तर के 1 से 2 चक्कर
    • अगर लागू हो: सिर्फ़ तब, जब परिवार का राशन कार्ड हो

    परिवार राशन कार्ड इस्तेमाल करता है तो पहले मायके (या पुराने घर) के कार्ड से नाम कटता है, फिर नए परिवार के कार्ड में जुड़ता है। राज्य के खाद्य विभाग के पोर्टल पर या राशन दफ़्तर में अर्ज़ी दें। नियम और फ़ीस (अगर कोई हो) राज्य तय करता है।

  9. नॉमिनी बदलें: EPF, बैंक और बीमा

    • कब: शादी के बाद पहले महीने में
    • समय: EPF के लिए ऑनलाइन 20 मिनट; बैंक और बीमा के लिए एक-एक अर्ज़ी

    PF खाता है तो EPFO मेंबर पोर्टल पर नया ई-नॉमिनेशन भरें और आधार OTP से ई-साइन करें; ई-साइन के बाद ही यह पूरा माना जाता है। फिर बैंक खातों, जीवन और हेल्थ बीमा, NPS और दूसरे निवेशों में नॉमिनी बदलें। हेल्थ पॉलिसी में पति/पत्नी को सदस्य के रूप में भी जोड़ लें।

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क्या शादी का रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है?

रजिस्ट्रेशन के नियम हर राज्य ख़ुद बनाता है। जहाँ यह पूरी तरह ज़रूरी न भी हो, वहाँ भी नाम, पता या नॉमिनी बदलवाने पर हर दफ़्तर विवाह प्रमाण पत्र ही माँगता है, इसलिए शादी के बाद जल्दी रजिस्ट्रेशन करा लें।

हिंदू विवाह अधिनियम और विशेष विवाह अधिनियम में क्या फ़र्क़ है?

हिंदू विवाह अधिनियम में धार्मिक रीति से हो चुकी शादी का रजिस्ट्रेशन राज्य के नियमों से होता है। विशेष विवाह अधिनियम हर जोड़े के लिए है, अलग धर्म वाले जोड़ों के लिए भी: विवाह अधिकारी को नोटिस दें, 30 दिन आपत्ति का इंतज़ार करें, फिर तीन गवाहों के सामने शादी या रजिस्ट्रेशन होता है।

क्या शादी के बाद सरनेम बदलना ज़रूरी है?

नहीं। सरनेम बदलना आपकी मर्ज़ी है। बदलना हो तो पहले आधार अपडेट कराएँ, फिर पैन, बैंक, पासपोर्ट और बाक़ी, ताकि हर जगह नाम एक जैसा रहे।

नाम बदलने पर क्या पैन नंबर बदल जाता है?

नहीं। पैन नंबर ज़िंदगी भर वही रहता है। बदलाव की अर्ज़ी देने पर सिर्फ़ कार्ड पर नाम बदलता है।

स्रोत

आख़िरी बार जाँचा गया: . फ़ीस और नियम बदलते रहते हैं और कई राज्य के हिसाब से अलग होते हैं। पैसे देने से पहले सरकारी साइट पर ज़रूर पक्का करें। यह आम जानकारी है, क़ानूनी सलाह नहीं।

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