लाइफ़ इवेंट गाइड · 10 कदम

घर में बच्चा आया सारे काग़ज़ी काम, एक-एक करके

बहुत-बहुत बधाई! पहले कुछ हफ़्तों और महीनों में जो काम निपटाने हैं, वे सब यहाँ क्रम से हैं, सरकारी फ़ीस और लिंक के साथ। हर काम पूरा होने पर टिक करते जाएँ; आपकी सूची इसी फ़ोन में रहती है।

आख़िरी अपडेट: IndiaDigital संपादकों द्वारा जाँचा गयास्रोत

कदम-दर-कदम

  1. जन्म का पंजीकरण कराएँ

    • कब: जन्म के 21 दिन के भीतर
    • समय: अस्पताल के काउंटर या रजिस्ट्रार के दफ़्तर का 1 चक्कर
    • सरकारी फ़ीस: 21 दिन के भीतर मुफ़्त, पहला प्रमाण पत्र भी। 22 से 30 दिन के बीच ₹20 देर की फ़ीस (मॉडल नियम)स्रोत

    जन्म का पंजीकरण वहीं होता है जहाँ जन्म हुआ, यानी नगर निकाय, ग्राम पंचायत या राज्य के तय रजिस्ट्रार के यहाँ। अस्पताल में जन्म हो तो अस्पताल सूचना देता है; घर पर जन्म हो तो घर के मुखिया को सूचना देनी होती है। अस्पताल से छुट्टी से पहले पंजीकरण नंबर ले लें और फ़ॉर्म पर माता-पिता के नाम की स्पेलिंग ज़रूर जाँचें।

  2. जन्म रिकॉर्ड में बच्चे का नाम जुड़वाएँ

    • कब: पंजीकरण के 12 महीने के भीतर
    • समय: रजिस्ट्रार का 1 चक्कर, या राज्य में सुविधा हो तो ऑनलाइन
    • सरकारी फ़ीस: 12 महीने के भीतर मुफ़्त (मॉडल नियम)स्रोत

    बिना नाम के पंजीकरण कराया था तो नामकरण के बाद नाम जुड़वा दें। उसी रजिस्ट्रार के पास पंजीकरण नंबर के साथ अर्ज़ी दें। जल्दी करें: आगे आधार, स्कूल, पासपोर्ट सब में नाम जन्म प्रमाण पत्र से ही लिया जाता है।

  3. टीके शुरू करें और U-WIN पर नज़र रखें

    • कब: जन्म से ही; MCP कार्ड पर लिखी तारीख़ों के हिसाब से
    • समय: U-WIN पर पंजीकरण में 10 मिनट

    पहले टीके जन्म के समय लगते हैं, बाक़ी सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम में तय हफ़्तों पर, सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर मुफ़्त। U-WIN पर हर टीके का डिजिटल रिकॉर्ड रहता है और QR कोड वाला ई-टीकाकरण प्रमाण पत्र मिलता है। माँ-बच्चा सुरक्षा (MCP) कार्ड सँभालकर रखें; ANM या आशा दीदी उसमें भी दर्ज करती हैं।

  4. मातृ वंदना और जननी सुरक्षा का पैसा लें

    • कब: गर्भ के समय पंजीकरण; जन्म और टीकों के बाद आख़िरी किस्त
    • समय: आंगनवाड़ी केंद्र या आशा दीदी के पास 1 चक्कर
    • अगर लागू हो: पात्र माताओं के लिए: PMMVY में आय और वर्ग की शर्तें हैं, नियमित सरकारी नौकरी वाली महिलाओं के लिए नहीं

    प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में पहले बच्चे पर ₹5,000 दो किस्तों में, और दूसरा बच्चा बेटी हो तो ₹6,000, माँ के आधार से जुड़े बैंक खाते में आते हैं। आख़िरी किस्त के लिए जन्म का पंजीकरण और पहले टीके ज़रूरी हैं, इसलिए ऊपर वाले दोनों काम पहले कर लें। जननी सुरक्षा योजना में सरकारी या मान्यता वाले अस्पताल में डिलीवरी पर अलग से नकद मदद मिलती है; रकम राज्य और इलाक़े पर निर्भर है।

  5. बाल आधार बनवाएँ

    • कब: जन्म प्रमाण पत्र मिलने के बाद
    • समय: केंद्र का 1 चक्कर
    • सरकारी फ़ीस: आधार बनवाना मुफ़्त। बायोमेट्रिक अपडेट 5 से 7 और 15 से 17 साल की उम्र में मुफ़्तस्रोत

    जन्म प्रमाण पत्र और माता या पिता का आधार लेकर आधार सेवा केंद्र या नामांकन केंद्र जाएँ। 5 साल से छोटे बच्चे की उंगलियों और आँख का स्कैन नहीं होता; सिर्फ़ फ़ोटो ली जाती है और माता या पिता का आधार जोड़ा जाता है। 5 साल और फिर 15 साल पर ज़रूरी बायोमेट्रिक अपडेट की तारीख़ लिख लें, वरना स्कूल और योजनाओं में आधार अटक सकता है।

  6. राशन कार्ड में बच्चे का नाम जुड़वाएँ

    • कब: जन्म प्रमाण पत्र और बाल आधार के बाद
    • समय: ऑनलाइन 20 मिनट, या दफ़्तर का 1 चक्कर
    • अगर लागू हो: सिर्फ़ तब, जब परिवार का राशन कार्ड हो

    परिवार का राशन कार्ड है तो राज्य के खाद्य विभाग के पोर्टल पर या राशन दफ़्तर में नए सदस्य का नाम जोड़ने की अर्ज़ी दें। ज़्यादातर राज्य जन्म प्रमाण पत्र और अक्सर बच्चे का आधार माँगते हैं। नियम और फ़ीस (अगर कोई हो) राज्य तय करता है।

  7. बच्चे को हेल्थ कवर में जोड़ें

    • कब: पहले कुछ हफ़्तों में; पॉलिसी की समय-सीमा देख लें
    • समय: बीमा कंपनी या HR को 1 कॉल या ईमेल
    • अगर लागू हो: अगर परिवार के पास PM-JAY या कोई हेल्थ बीमा हो

    परिवार आयुष्मान भारत PM-JAY में है तो आयुष्मान मित्र डेस्क पर पूछें या लाभार्थी पोर्टल पर बच्चे को जोड़ने की जानकारी देखें। निजी या दफ़्तर वाला हेल्थ बीमा है तो बीमा कंपनी या HR को जल्दी बता दें; नवजात को जोड़ने की समय-सीमा हर पॉलिसी में अलग होती है। बच्चा अपने-आप कवर है, यह मानकर न चलें, पॉलिसी की शर्तें पढ़ें।

  8. बेटी के लिए सुकन्या समृद्धि खाता खोलें

    • कब: बेटी के 10 साल की होने से पहले कभी भी
    • समय: डाकघर या बैंक का 1 चक्कर
    • अगर लागू हो: सिर्फ़ 10 साल से छोटी बेटी के लिए

    10 साल से छोटी बेटी का सुकन्या समृद्धि खाता डाकघर या अधिकृत बैंक में उसके जन्म प्रमाण पत्र से खुलता है। एक वित्त वर्ष में ₹250 से ₹1.5 लाख तक जमा कर सकते हैं, और एक बेटी का एक ही खाता खुलता है। ब्याज दर सरकार हर तिमाही तय करती है।

  9. बच्चे का पासपोर्ट

    • समय: ऑनलाइन 30 मिनट, फिर पासपोर्ट सेवा केंद्र का 1 चक्कर
    • सरकारी फ़ीस: ₹1,750 (36 पेज, नाबालिग)। तत्काल में ₹2,500 औरस्रोत
    • अगर लागू हो: सिर्फ़ तब, जब बच्चा विदेश जाएगा

    सिर्फ़ विदेश जाने का इरादा हो तब चाहिए। पासपोर्ट सेवा पर नाबालिग के रूप में आवेदन करें; पासपोर्ट 5 साल या 18 साल की उम्र तक (जो पहले हो) चलता है। जन्म प्रमाण पत्र और माता-पिता के काग़ज़ साथ रखें, और अपने मामले के लिए पोर्टल का Document Advisor देख लें।

  10. बच्चे का पैन, सिर्फ़ ज़रूरत हो तो

    • समय: ऑनलाइन 30 मिनट
    • अगर लागू हो: सिर्फ़ तब, जब बच्चे के नाम के निवेश में पैन माँगा जाए

    जन्म प्रमाण पत्र, आधार, टीकों या सुकन्या खाते के लिए बच्चे का पैन नहीं चाहिए। यह तभी काम का है जब बच्चे के नाम पर ऐसा निवेश करना हो जहाँ पैन माँगा जाए। नाबालिग मुफ़्त Instant e-PAN नहीं बनवा सकते; माता-पिता आयकर ई-फ़ाइलिंग पोर्टल पर बताए गए पैन आवेदन के रास्ते से अर्ज़ी देते हैं।

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बच्चे के जन्म के बाद सबसे पहले क्या करें?

पक्का करें कि 21 दिन के भीतर जन्म का पंजीकरण हो जाए। अस्पताल में जन्म हुआ हो तो अस्पताल सूचना देता है, पर छुट्टी से पहले पंजीकरण नंबर ज़रूर ले लें। मॉडल नियमों में 21 दिन के भीतर पंजीकरण और पहला प्रमाण पत्र मुफ़्त है।

अभी नाम तय नहीं हुआ, क्या फिर भी पंजीकरण हो सकता है?

हाँ। अभी बिना नाम के पंजीकरण करा लें। मॉडल नियमों में पंजीकरण के 12 महीने के भीतर नाम मुफ़्त जुड़ जाता है।

बाल आधार ज़रूरी है क्या, और कितने का बनता है?

आधार बनवाना मुफ़्त है। 5 साल से छोटे बच्चे की उंगलियों के निशान नहीं लिए जाते, माता या पिता का आधार जोड़ा जाता है। 5 साल और फिर 15 साल पर बायोमेट्रिक अपडेट ज़रूरी है, जो 5 से 7 और 15 से 17 साल की उम्र में मुफ़्त है।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में कितने पैसे मिलते हैं?

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अनुसार पहले बच्चे पर ₹5,000 दो किस्तों में, और दूसरा बच्चा बेटी हो तो ₹6,000, सीधे माँ के बैंक खाते में। आंगनवाड़ी दीदी या आशा के ज़रिए, या PMMVY पोर्टल पर पंजीकरण कराएँ।

स्रोत

आख़िरी बार जाँचा गया: . फ़ीस और नियम बदलते रहते हैं और कई राज्य के हिसाब से अलग होते हैं। पैसे देने से पहले सरकारी साइट पर ज़रूर पक्का करें। यह आम जानकारी है, क़ानूनी सलाह नहीं।

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