क़ानूनी अधिकार · आसान भाषा
अपने अधिकार जानें
उन पलों के लिए छोटे, शांत जवाब जब क़ानून की सबसे ज़्यादा ज़रूरत होती है: आपका हक़ क्या है, आगे क्या करें, और कौन सा पत्र या हेल्पलाइन काम आएगी।
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काम आने वाली हेल्पलाइन
क़ानूनी टूल
यह सामान्य जानकारी है, क़ानूनी सलाह नहीं। क़ानून और राज्य के नियम बदलते रहते हैं; आधिकारिक स्रोत देखें या वकील से पूछें। मुफ़्त क़ानूनी सहायता: NALSA 15100 मिलाएँ या अपने ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण जाएँ।
यह कैसे काम करता है
- हर पेज आज लागू क़ानूनों पर है, जिनमें 1 जुलाई 2024 से भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम शामिल हैं, और जहाँ मदद हो वहाँ पुरानी IPC या CrPC की धारा भी।
- हर पेज पर आधिकारिक स्रोत और हमारे तैयार ड्राफ़्ट के लिंक हैं, ताकि आप उसी दिन कदम उठा सकें।
- यह सामान्य जानकारी है, क़ानूनी सलाह नहीं। मुफ़्त क़ानूनी सहायता 15100 पर उपलब्ध है।
लोग पूछते हैं
IPC और CrPC की जगह कौन से क़ानून आए?
1 जुलाई 2024 से भारतीय दंड संहिता की जगह भारतीय न्याय संहिता (BNS), दंड प्रक्रिया संहिता की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 (BSA) आया। उस तारीख़ से पहले दर्ज मामले पुराने क़ानूनों में चलते रहेंगे।
मुफ़्त वकील कैसे मिले?
NALSA को 15100 पर फ़ोन करें, या ज़िला अदालत में ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण जाएँ। महिलाएँ, बच्चे, SC/ST, हिरासत में लोग, दिव्यांग और कम आय वाले परिवार पात्र हैं।
स्रोत
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