लाइफ़ इवेंट गाइड · 11 कदम

रिटायरमेंट पैसा और काग़ज़, सब व्यवस्थित

आख़िरी कार्य-दिवस से कुछ महीने पहले शुरू करें। PF, ग्रेच्युटी और बाक़ी बकाया लें, पैसा सुरक्षित जगह लगाएँ जहाँ से नियमित आमदनी हो, और जीवन प्रमाण पत्र जैसे सालाना काम तय कर लें।

आख़िरी अपडेट: IndiaDigital संपादकों द्वारा जाँचा गयास्रोत

कदम-दर-कदम

  1. आख़िरी दिन से पहले रिकॉर्ड ठीक करें

    • कब: रिटायरमेंट से 3 से 6 महीने पहले
    • समय: ऑनलाइन एक घंटा, और HR के साथ एक मीटिंग

    देखें कि EPF (UAN), NPS खाते और सर्विस बुक में आपका नाम, जन्मतिथि, आधार और बैंक खाता एक जैसे हैं। HR से अपने सारे बकाये का लिखित ब्योरा लें: PF, ग्रेच्युटी, छुट्टी का पैसा और पेंशन के काग़ज़। स्पेलिंग की ग़लती अभी कुछ दिन में ठीक हो जाती है; रिटायरमेंट के बाद महीनों लग सकते हैं।

  2. PF का फ़ाइनल सेटलमेंट और EPS पेंशन

    • कब: रिटायरमेंट की तारीख़ पर या उसके बाद
    • समय: ऑनलाइन 20 मिनट; सेटलमेंट आम तौर पर कुछ हफ़्तों में

    नियोक्ता आपकी नौकरी छोड़ने की तारीख़ दर्ज कर दे, तो EPFO मेंबर पोर्टल पर आधार OTP से फ़ाइनल सेटलमेंट का दावा करें; पोर्टल आपके मामले के हिसाब से सही फ़ॉर्म दिखाता है। कर्मचारी पेंशन योजना में पर्याप्त साल हों तो मासिक पेंशन के लिए आवेदन करें, नहीं तो निकासी लाभ मिलता है। दावा जल्दी कराने का दावा करने वाले एजेंट को UAN पासवर्ड या OTP न दें।

  3. ग्रेच्युटी

    • कब: रिटायरमेंट के 30 दिन के भीतर
    • समय: नियोक्ता को एक आवेदन

    सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 (21 नवंबर 2025 से लागू) के तहत कम से कम पाँच साल की लगातार सेवा के बाद रिटायरमेंट पर ग्रेच्युटी मिलती है: हर पूरे साल के लिए 15 दिन का वेतन, केंद्र सरकार की तय अधिकतम सीमा तक। देय होने के 30 दिन के भीतर नियोक्ता को भुगतान करना होता है। फ़िक्स्ड-टर्म कर्मचारी एक साल के बाद हक़दार होते हैं।

  4. छुट्टी का पैसा और बाक़ी बकाया

    • कब: आख़िरी वेतन के साथ
    • समय: HR को एक अनुरोध

    HR से पूछें कि कितनी अर्जित छुट्टियों का पैसा मिलेगा और रकम कैसे निकाली गई, साथ में आख़िरी महीने का वेतन और बोनस भी। फ़ुल एंड फ़ाइनल सेटलमेंट लिखित में लें। छुट्टी के पैसे पर टैक्स इस पर निर्भर है कि आप सरकारी नौकरी में थे या निजी, इसलिए रिटर्न से पहले इनकम टैक्स कैलकुलेटर में जाँच लें।

  5. NPS से निकासी: एकमुश्त रकम और एन्युटी

    • कब: 60 साल पर या रिटायरमेंट पर
    • समय: NPS खाते से ऑनलाइन अनुरोध; निपटारे में कुछ हफ़्ते
    • अगर लागू हो: सिर्फ़ तब, जब आपका NPS खाता है

    PFRDA के 16 दिसंबर 2025 के संशोधन के बाद निजी क्षेत्र और ऑल सिटीज़न मॉडल वाले कुल रकम का 80% तक एकमुश्त ले सकते हैं और कम से कम 20% से एन्युटी लेनी होती है; सरकारी क्षेत्र वाले 60% तक ले सकते हैं, कम से कम 40% एन्युटी में। कुल रकम ₹8 लाख या कम हो तो पूरी निकाली जा सकती है। निकासी टाल भी सकते हैं और निवेश जारी रख सकते हैं, क्योंकि अब निकासी की उम्र 85 साल तक है।

  6. सरकारी कर्मचारियों के पेंशन काग़ज़

    • कब: रिटायरमेंट से महीनों पहले शुरू
    • समय: कई हफ़्तों में कुछ ऑनलाइन फ़ॉर्म
    • अगर लागू हो: सिर्फ़ सरकारी कर्मचारियों के लिए

    केंद्र सरकार के कर्मचारी पेंशन फ़ॉर्म भविष्य पोर्टल पर ऑनलाइन भरते हैं, जहाँ पेंशन भुगतान आदेश (PPO) जारी होने तक मामले की स्थिति भी देख सकते हैं। फ़ैमिली पेंशन के लिए पति या पत्नी का नाम PPO में ज़रूर दर्ज कराएँ। राज्य सरकार के कर्मचारी अपने राज्य के ट्रेज़री के तरीके से चलते हैं, अपने दफ़्तर से पूछें।

  7. नियमित आमदनी: SCSS और जमा योजनाएँ

    • कब: रिटायरमेंट का पैसा आने के बाद जल्दी
    • समय: डाकघर या बैंक का एक चक्कर

    डाकघर या अधिकृत बैंक में वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS) में पाँच साल के लिए ₹30 लाख तक जमा होते हैं और हर तीन महीने पर ब्याज मिलता है; हाल की तिमाहियों में दर 8.2% सालाना रही है और आपकी जमा पर यही दर तय रहती है। 60 साल पर, या रिटायर हो चुके हों तो 55 से, रिटायरमेंट का पैसा मिलने के बाद तय समय के भीतर खाता खोल सकते हैं। ब्याज पर टैक्स लगता है, इसलिए कुछ पैसा आसानी से निकलने वाली जमा में भी रखें।

  8. दफ़्तर की पॉलिसी ख़त्म होने के बाद सेहत बीमा

    • कब: आख़िरी कार्य-दिवस से पहले; वय वंदना 70 साल पर
    • समय: वय वंदना कार्ड: ऑनलाइन लगभग 15 मिनट

    नियोक्ता का ग्रुप हेल्थ बीमा आम तौर पर आख़िरी दिन ख़त्म हो जाता है, इसलिए उससे पहले अपनी व्यक्तिगत पॉलिसी लें या बदलवाएँ, ताकि बीच में कोई ख़ाली समय न रहे। 70 साल या उससे ज़्यादा उम्र पर हर किसी को, आय कोई भी हो, आयुष्मान वय वंदना कार्ड से सालाना ₹5 लाख तक मुफ़्त इलाज मिल सकता है। ब्लड ग्रुप, दवाइयों और संपर्कों वाला इमरजेंसी कार्ड छापकर रखें।

  9. फ़ॉर्म 121 से ब्याज पर TDS रुकवाएँ

    • कब: हर टैक्स वर्ष की शुरुआत में (अप्रैल)
    • समय: हर बैंक में 5 मिनट, अक्सर ऑनलाइन

    आयकर अधिनियम, 2025 के तहत टैक्स वर्ष 2026-27 से फ़ॉर्म नंबर 121 ने फ़ॉर्म 15G और 15H की जगह ली है। अगर आप 60 साल या ज़्यादा के हैं और साल की अनुमानित कुल आय पर टैक्स शून्य है, तो साल की शुरुआत में हर बैंक और डाकघर को फ़ॉर्म 121 दें, ताकि ब्याज पर TDS न कटे। आय पर टैक्स बनता हो तो यह फ़ॉर्म न दें; रिटर्न भरें।

  10. हर नवंबर जीवन प्रमाण पत्र

    • कब: हर साल नवंबर में
    • समय: फ़ेस ऐप से 10 मिनट
    • सरकारी फ़ीस: ऐप या बैंक में मुफ़्त; डाकिया घर पर बनाए तो ₹70स्रोत
    • अगर लागू हो: सिर्फ़ तब, जब आपको पेंशन मिलती है

    पेंशनभोगियों को हर साल, आम तौर पर नवंबर में, पेंशन देने वाले बैंक को जीवन प्रमाण पत्र देना होता है, नहीं तो पेंशन रुक सकती है। घर बैठे आधार के साथ जीवन प्रमाण फ़ेस ऐप से, बैंक जाकर, या इंडिया पोस्ट से घर पर यह काम हो जाता है। SMS में आया प्रमाण ID सबूत के तौर पर लिख लें।

  11. नॉमिनेशन, वसीयत और ठगी से बचाव

    • कब: रिटायरमेंट के बाद के पहले महीनों में
    • समय: सूची और वसीयत के लिए एक वीकेंड

    हर बैंक खाते, FD, SCSS, PF, NPS, बीमा पॉलिसी और डीमैट खाते में नॉमिनी जोड़ें या बदलें, और परिवार के लिए इनकी एक सीधी सूची रखें। दो गवाहों के सामने हस्ताक्षर करके वसीयत लिखें, ताकि बाद में जायदाद के लिए कोर्ट के काग़ज़ न लगें। रिटायरमेंट के पैसे पर ठगों की नज़र रहती है: OTP कभी न बताएँ, और "ऊँचे रिटर्न" वाले ऑफ़र या "बैंक" से आए कॉल को पहले जाँचें।

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पूरा PF कब निकाल सकते हैं?

EPFO 58 साल पर रिटायरमेंट, स्थायी विकलांगता, या दो महीने बेरोज़गार रहने के बाद पूरी निकासी की अनुमति देता है। नियोक्ता आपकी नौकरी छोड़ने की तारीख़ दर्ज कर दे और UAN से आधार व बैंक ब्योरा जुड़ा हो, तो EPFO मेंबर पोर्टल पर ऑनलाइन दावा करें।

अब NPS में से कितना नक़द ले सकते हैं?

PFRDA के दिसंबर 2025 के बदलावों के बाद निजी क्षेत्र और ऑल सिटीज़न मॉडल वाले 80% तक एकमुश्त ले सकते हैं और कम से कम 20% से एन्युटी लेनी होती है। सरकारी क्षेत्र वाले 60% तक ले सकते हैं और कम से कम 40% एन्युटी में लगाना होता है। ₹8 लाख तक की छोटी रकम पूरी निकाली जा सकती है।

फ़ॉर्म 15H की जगह अब क्या है?

आयकर अधिनियम, 2025 के तहत टैक्स वर्ष 2026-27 से ब्याज पर TDS न कटवाने की घोषणा फ़ॉर्म नंबर 121 है, जिसने फ़ॉर्म 15G और 15H दोनों की जगह ली है। अगर साल की अनुमानित कुल आय पर टैक्स शून्य है, तो वरिष्ठ नागरिक इसे बैंक या डाकघर में दे सकते हैं।

जीवन प्रमाण पत्र कब देना होता है?

पेंशनभोगी आम तौर पर हर साल नवंबर में देते हैं। जीवन प्रमाण फ़ेस ऐप से, बैंक जाकर, या इंडिया पोस्ट की घर बैठे डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र सेवा से दे सकते हैं।

स्रोत

आख़िरी बार जाँचा गया: . फ़ीस और नियम बदलते रहते हैं और कई राज्य के हिसाब से अलग होते हैं। पैसे देने से पहले सरकारी साइट पर ज़रूर पक्का करें। यह आम जानकारी है, क़ानूनी सलाह नहीं।

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