शहंशाही कैलेंडर
नवरोज़ और पारसी वर्ष
नवरोज़, ख़ोरदाद साल, आवाँ और आदर जश्न, ज़रथोस्त नो दिसो, मुक्ताद के दिन और जमशेदी नवरोज़, 2026 और 2027 के लिए, साथ में शहंशाही कैलेंडर का आज का रोज़ और माह, जो भारत के ज़्यादातर पारसी मानते हैं।
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आज शहंशाही कैलेंडर में
नवंबर 2026
इस महीने
चुने गए धर्मों का इस महीने कोई त्योहार नहीं।
सारी तारीख़ें
| तारीख़ | पर्व |
|---|---|
| शनिवार | जमशेदी नवरोज़ (वसंत विषुव)फ़सली कैलेंडर; ईरानी नौरोज़ भी (20 या 21 मार्च)। |
| रविवार | आवाँ अर्दवीसुर जश्न |
| सोमवार | आदर जश्न (आतश पूजा) |
| शुक्रवार | ज़रथोस्त नो दिसो (अशो ज़रथुश्त्र की पुण्यतिथि) |
| से बुधवार | मुक्ताद (फ़रवरदेगान के दिन)पूर्वजों की याद के दस दिन, गाथा दिनों के साथ समापन। |
| शुक्रवार | पतेती (साल का आख़िरी दिन) |
| शनिवार | पारसी नव वर्ष (नवरोज़, शहंशाही) |
| गुरुवार | ख़ोरदाद साल (अशो ज़रथुश्त्र का जन्मदिन) |
| तारीख़ | पर्व |
|---|---|
| रविवार | जमशेदी नवरोज़ (वसंत विषुव)फ़सली कैलेंडर; ईरानी नौरोज़ भी (20 या 21 मार्च)। |
| सोमवार | आवाँ अर्दवीसुर जश्न |
| मंगलवार | आदर जश्न (आतश पूजा) |
| शनिवार | ज़रथोस्त नो दिसो (अशो ज़रथुश्त्र की पुण्यतिथि) |
| से गुरुवार | मुक्ताद (फ़रवरदेगान के दिन)पूर्वजों की याद के दस दिन, गाथा दिनों के साथ समापन। |
| शनिवार | पतेती (साल का आख़िरी दिन) |
| रविवार | पारसी नव वर्ष (नवरोज़, शहंशाही) |
| शुक्रवार | ख़ोरदाद साल (अशो ज़रथुश्त्र का जन्मदिन) |
तारीख़ें कैसे निकाली गईं
- शहंशाही साल में तीस-तीस दिन के बारह महीने और पाँच गाथा दिन होते हैं, लीप दिन नहीं, इसलिए नवरोज़ लगभग हर चार साल में एक दिन पहले आ जाता है (2027 तक 15 अगस्त, 2028 से 14 अगस्त)।
- क़दमी पारसी अपना नया साल लगभग एक महीना पहले मनाते हैं; जमशेदी नवरोज़ फ़सली (ऋतु) कैलेंडर से 21 मार्च को।
- आपकी अगियारी या अंजुमन का कैलेंडर अंतिम है।
लोग पूछते हैं
पारसी नव वर्ष 2027 कब है?
रविवार 15 अगस्त 2027 (शहंशाही)। पतेती, साल का आख़िरी दिन, 14 अगस्त।
आज का रोज़ और माह क्या है?
ऊपर का कार्ड देखें: उसमें आज का शहंशाही दिन (रोज़) और महीना (माह) है।
स्रोत
आख़िरी बार जाँचा गया: . हर समुदाय के लोगों से तारीख़ों की पुष्टि होनी है; आपका कैलेंडर अलग हो तो हमें बताएँ। संपर्क