आधार ऐप या आधार सेवा केंद्र पर अपने नाम के पते के प्रमाण से पता बदलें। UIDAI रजिस्टर्ड या बिना रजिस्ट्री वाला किरायानामा, तीन महीने से पुराना न हो ऐसा बिल और कई दूसरे दस्तावेज़ मानता है। आधार अपडेट हो जाए तो नीचे के हर काम में उसे ही प्रमाण के तौर पर दें।
वोटर सर्विस पोर्टल पर फ़ॉर्म 8 भरें और निवास बदलना (shifting of residence) चुनें, साथ में नए पते का प्रमाण दें। आपका नाम नए क्षेत्र की मतदाता सूची में चला जाता है और नया EPIC स्पीड पोस्ट से आता है। दोबारा फ़ॉर्म 6 न भरें: दो सूचियों में नाम होना अपराध है।
सरकारी फ़ीस: पोर्टेबिलिटी का कोई अतिरिक्त शुल्क नहींस्रोत
अगर लागू हो: सिर्फ़ अगर आपके पास NFSA राशन कार्ड है
NFSA राशन कार्ड हो तो आधार सत्यापन के बाद देश की किसी भी राशन दुकान से राशन ले सकते हैं, इसलिए तुरंत नया कार्ड नहीं चाहिए। अपना हक़ और पास की दुकानें मेरा राशन ऐप में देखें। पूरा परिवार हमेशा के लिए आ गया हो तो नए राज्य के खाद्य विभाग से कार्ड ट्रांसफ़र का तरीका पूछें।
अगर लागू हो: सिर्फ़ अगर गाड़ी लेकर दूसरे राज्य गए हैं और 12 महीने से ज़्यादा रहेंगे
मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 47 के तहत गाड़ी दूसरे राज्य में 12 महीने तक रह सकती है; उसके बाद नए राज्य में रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है। वाहन पोर्टल पर पुराने RTO से NOC के लिए आवेदन करें, फिर नए RTO में नया नंबर लें और वहाँ का रोड टैक्स राज्य के नियम से भरें। सरकारी कर्मचारी और चार या ज़्यादा राज्यों/UT में दफ़्तर वाली कंपनियों के कर्मचारी नई गाड़ी के लिए BH सीरीज़ चुन सकते हैं, जिसमें टैक्स हर दो साल में भरा जाता है।
सरकारी फ़ीस: ₹200 (पता बदलने की केंद्रीय फ़ीस)स्रोत
अगर लागू हो: सिर्फ़ अगर आपके पास ड्राइविंग लाइसेंस है
सारथी पर पता बदलने का आवेदन करें, नए इलाक़े का RTO चुनें और नए पते का प्रमाण अपलोड करें। केंद्रीय फ़ीस ₹200 है; राज्य स्मार्ट कार्ड या सेवा शुल्क जोड़ सकता है। नया लाइसेंस मिलने तक आवेदन की पावती सँभालकर रखें।
कई बैंक नेट बैंकिंग या ऐप में आधार से पता बदलने देते हैं; वरना किसी भी शाखा में प्रमाण के साथ दस्तख़त वाला पत्र दें। EPFO मेंबर पोर्टल पर अपना मोबाइल, ईमेल और बैंक KYC सही रखें, और बीमा कंपनियों को नया पता भेजें। बैंक खाता नए शहर की शाखा में ले जाना ज़रूरी नहीं है।
अपने गैस डिस्ट्रीब्यूटर को बताएँ कि आप शिफ़्ट हो रहे हैं, और पूछें कि कनेक्शन कैसे ट्रांसफ़र होगा और नए डिस्ट्रीब्यूटर के पास कौन से काग़ज़ ले जाने हैं। सिलेंडर और रेगुलेटर लौटाना हो तो जाने से पहले टर्मिनेशन या ट्रांसफ़र के काग़ज़ और डिपॉज़िट का ब्योरा ले लें। PMUY (उज्ज्वला) कनेक्शन हो तो पहचान पत्र के साथ डिस्ट्रीब्यूटर को अनुरोध पत्र दें।
अगर लागू हो: सिर्फ़ अगर घर में आपके या मालिक के नाम पर कनेक्शन नहीं है
नया बिजली कनेक्शन चाहिए तो पहचान पत्र और मालिकाना या रहने के प्रमाण (जैसे किरायानामा) के साथ स्थानीय बिजली कंपनी में आवेदन करें। बिजली (उपभोक्ता अधिकार) नियमों के तहत पूरा आवेदन देने के बाद ज़्यादा से ज़्यादा समय महानगर में 3 दिन, दूसरे नगर क्षेत्रों में 7 दिन और गाँव में 15 दिन है (पहाड़ी गाँवों में 30 दिन)। पानी के लिए नगर निकाय में आवेदन करें।
जाने से पहले पुराने स्कूल से ट्रांसफ़र सर्टिफ़िकेट (TC), रिपोर्ट कार्ड और बोर्ड रजिस्ट्रेशन के काग़ज़ ले लें। देख लें कि बच्चे की APAAR ID बनी है, जिससे नया स्कूल पढ़ाई का रिकॉर्ड देख सकता है। दाख़िले के नियम और तारीख़ें हर स्कूल और बोर्ड में अलग हैं, इसलिए जल्दी शुरू करें।
अगर लागू हो: वैकल्पिक, सिर्फ़ अगर किसी को काम पर रखें
नए शहर में घरेलू सहायक या ड्राइवर रखें तो पुलिस से उनका वेरिफ़िकेशन करा सकते हैं। कई राज्यों के पुलिस पोर्टल और गृह मंत्रालय का डिजिटल पुलिस पोर्टल ये आवेदन ऑनलाइन लेते हैं। उनके पहचान पत्र और पावती की कॉपी रखें।
आधार। आधार में नया पता आ जाए तो ज़्यादातर दफ़्तर उसे ही प्रमाण मान लेते हैं। UIDAI किरायानामे को भी पते का प्रमाण मानता है, इसलिए शुरुआत उसी से कर सकते हैं।
क्या नए राज्य में नया राशन कार्ड बनवाना होगा?
नहीं, अगर आपके पास NFSA राशन कार्ड है। एक देश एक राशन कार्ड से आधार सत्यापन के साथ देश की किसी भी राशन दुकान से राशन ले सकते हैं, कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं। अपना हक़ मेरा राशन ऐप में देखें।
नए राज्य में गाड़ी का दोबारा रजिस्ट्रेशन कब ज़रूरी है?
मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 47 के तहत दूसरे राज्य में गाड़ी 12 महीने तक रख सकते हैं; उसके बाद वहाँ नया रजिस्ट्रेशन कराना होगा। पहले वाहन पोर्टल से पुराने RTO की NOC लें। पात्र कर्मचारी नई गाड़ी के लिए BH सीरीज़ चुन सकते हैं।
वोटर आईडी में पता कैसे बदलें?
चुनाव आयोग के वोटर सर्विस पोर्टल पर फ़ॉर्म 8 (निवास बदलना) भरें। यह मुफ़्त है। दोबारा फ़ॉर्म 6 न भरें, दो जगह नाम होना अपराध है।
स्रोत
आख़िरी बार जाँचा गया: . फ़ीस और नियम बदलते रहते हैं और कई राज्य के हिसाब से अलग होते हैं। पैसे देने से पहले सरकारी साइट पर ज़रूर पक्का करें। यह आम जानकारी है, क़ानूनी सलाह नहीं।