मन · सच्ची मदद
सच्ची मदद आपकी सोच से ज़्यादा पास है
मुफ़्त और कम ख़र्च वाली मदद हर राज्य में है। यहाँ जानिए कहाँ से शुरू करें, कौन क्या करता है, और क़ानून आपको क्या हक़ देता है।
आख़िरी अपडेट: IndiaDigital संपादकों द्वारा जाँचा गयास्रोत
टेली-मानस: मुफ़्त, 24x7, आपकी भाषा में
किसी भी फ़ोन से 14416 या 1-800-891-4416 पर फ़ोन कीजिए। भारत सरकार के प्रशिक्षित काउंसलर दिन-रात, लगभग 20 भाषाओं में जवाब देते हैं। ज़्यादा मदद चाहिए तो वे आपको मनोवैज्ञानिक या मनोचिकित्सक से, और आपके ज़िले की सेवाओं से जोड़ते हैं।
आप अपने लिए या किसी ऐसे इंसान के लिए फ़ोन कर सकते हैं जिसकी आपको चिंता है। पूरा नाम बताना ज़रूरी नहीं।
आपके पास सरकारी सेवाएँ
- ज़िला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (DMHP): अपने ज़िला अस्पताल में मानसिक स्वास्थ्य क्लिनिक या "मन कक्ष" के बारे में पूछिए। परामर्श और कई दवाइयाँ मुफ़्त या कम दाम में मिलती हैं।
- सरकारी मेडिकल कॉलेज या AIIMS की मनोरोग (साइकियाट्री) OPD: पर्ची बनवाकर सीधे जा सकते हैं; ज़्यादातर अस्पतालों में रेफ़रल ज़रूरी नहीं।
- आयुष्मान आरोग्य मंदिर (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) और आपकी आशा दीदी या ANM: बात करने की पहली जगह, वे ज़िले के क्लिनिक तक पहुँचने में मदद करते हैं।
- 18 साल तक के बच्चों में सीखने या विकास से जुड़ी चिंता: राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत ज़िला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र (DEIC)।
कौन क्या करता है
- मनोचिकित्सक (साइकियाट्रिस्ट): डॉक्टर (MBBS के बाद साइकियाट्री में MD या DNB)। बीमारी पहचान सकते हैं, दवा लिख सकते हैं और थेरेपी भी दे सकते हैं।
- क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट: जाँच और बातचीत वाली थेरेपी में प्रशिक्षित, और भारतीय पुनर्वास परिषद (RCI) में रजिस्टर होना ज़रूरी है। दवा नहीं लिखते।
- काउंसलर: इनकी ट्रेनिंग बहुत अलग-अलग होती है। भारत में "काउंसलर", "थेरेपिस्ट" और "लाइफ़ कोच" सुरक्षित पदवी नहीं हैं, इसलिए उनकी योग्यता और निगरानी के बारे में पूछिए।
कैसे जाँचें कि जानकार असली है
- क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट: RCI रजिस्ट्रेशन नंबर (CRR नंबर) माँगिए और भारतीय पुनर्वास परिषद की वेबसाइट पर जाँचिए। रजिस्ट्रेशन चालू होना चाहिए।
- मनोचिकित्सक: मेडिकल रजिस्ट्रेशन नंबर माँगिए और राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) के इंडियन मेडिकल रजिस्टर या अपनी राज्य मेडिकल काउंसिल पर जाँचिए।
- उन लोगों से सावधान रहिए जो कुछ सेशन में पूरा ठीक करने का वादा करें, अपने आप दवा बंद करने को कहें, या पहले से बड़ी रक़म माँगें।
कितना ख़र्च आता है
टेली-मानस मुफ़्त है। ज़्यादातर जगह सरकारी अस्पताल और ज़िला क्लिनिक बस पर्ची की फ़ीस लेते हैं, और कई दवाइयाँ राज्य की योजनाओं में मुफ़्त या जन औषधि केंद्र पर सस्ती मिलती हैं। प्राइवेट फ़ीस शहर के हिसाब से बहुत अलग होती है: शुरू करने से पहले फ़ीस और सेशन की गिनती पूछ लीजिए।
मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम 2017 के तहत आपके अधिकार
- धारा 18: आपको सरकारी सेवाओं से, अपने घर के पास, सस्ती और अच्छी मानसिक स्वास्थ्य देखभाल का अधिकार है।
- धारा 21(4): हर बीमा कंपनी को मानसिक बीमारी का इलाज उसी आधार पर कवर करना होगा जैसे शारीरिक बीमारी का। अगर क्लेम सिर्फ़ इसलिए ठुकराया जाए कि वह मानसिक बीमारी का है, तो पहले बीमा कंपनी से और फिर बीमा लोकपाल से शिकायत कीजिए।
- धारा 21: बराबरी का व्यवहार, लिंग, धर्म, जाति, वर्ग, विकलांगता या किसी और वजह से भेदभाव के बिना।
- धारा 23: गोपनीयता। इलाज में आप जो बताते हैं वह निजी है, क़ानून में लिखे कुछ ख़ास अपवादों को छोड़कर।
- धारा 25: आप अपने मेडिकल रिकॉर्ड माँग सकते हैं।
- धारा 5: आप पहले से लिख सकते हैं कि आपका इलाज कैसे हो (एडवांस डायरेक्टिव), और (धारा 14) किसी भरोसेमंद इंसान को फ़ैसलों में मदद के लिए नामित कर सकते हैं।
- धारा 115: गहरे संकट में जो इंसान अपनी जान लेने की कोशिश करे, उसे सज़ा नहीं, देखभाल और सहारा मिलना चाहिए।
मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम 2017 (इंडिया कोड) ↗बीमा लोकपाल ↗
कब तुरंत मदद लें, बाद में नहीं
- जीना न चाहने या ख़ुद को नुक़सान पहुँचाने के ख़याल: आज ही टेली-मानस 14416 पर फ़ोन कीजिए। अगर लगे कि आप इन पर कुछ कर सकते हैं, तो 112 पर।
- दो हफ़्ते या उससे ज़्यादा से उदासी, चिंता या ख़राब नींद, या इसका असर काम, पढ़ाई या परिवार पर पड़ रहा हो।
- ऐसी आवाज़ें सुनना या चीज़ें दिखना जो दूसरों को नहीं दिखतीं, या बर्ताव में अचानक बड़ा बदलाव: जल्दी डॉक्टर को दिखाइए।
मन ख़ुद की मदद और सच्ची मदद तक पहुँचने की गाइड है, इलाज या बीमारी की पहचान नहीं। सब कुछ आपके फ़ोन में रहता है। मन के सभी टूल
लोग पूछते हैं
क्या टेली-मानस पर फ़ोन मुफ़्त है?
हाँ, 14416 और 1-800-891-4416 किसी भी फ़ोन से टोल-फ़्री हैं, दिन के 24 घंटे।
क्या बीमा मानसिक स्वास्थ्य का इलाज कवर करेगा?
मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम 2017 की धारा 21(4) कहती है कि बीमा कंपनियों को मानसिक बीमारी उसी आधार पर कवर करनी होगी जैसे शारीरिक बीमारी। अपनी पॉलिसी की शर्तें देखिए, और अगर क्लेम सिर्फ़ इसी वजह से ठुकराया जाए तो बीमा कंपनी से और फिर बीमा लोकपाल से शिकायत कीजिए।
कैसे पता करें कि साइकोलॉजिस्ट योग्य है?
उनका RCI रजिस्ट्रेशन (CRR) नंबर माँगिए और भारतीय पुनर्वास परिषद की वेबसाइट पर जाँचिए। मनोचिकित्सक का मेडिकल रजिस्ट्रेशन राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग या राज्य मेडिकल काउंसिल से जाँचा जा सकता है।
स्रोत
आखिरी बार जाँचा गया:
- Tele-MANAS, Ministry of Health and Family Welfare (14416, 1-800-891-4416)
- Mental Healthcare Act 2017 (India Code), sections 5, 14, 18, 21, 23, 25 and 115
- National Mental Health Programme and District Mental Health Programme, MoHFW
- Rehabilitation Council of India: Central Rehabilitation Register
- WHO: Preventing suicide, a resource for media professionals (2023 update), adopted by the Press Council of India in 2019
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