NSS, कॉलेज और स्कूल के लिए
पाँच बुज़ुर्गों को सिखाइए। डिजिटल साथी बनिए।
माता-पिता, दादा-दादी या पड़ोसी के साथ आधा घंटा बैठिए और मिलकर इंटरनेट सीखो कीजिए। पाँच को सिखाइए और सर्टिफ़िकेट पाइए।
आख़िरी अपडेट: IndiaDigital संपादकों द्वारा जाँचा गयास्रोत
मेरा साथी रिकॉर्ड
सिर्फ़ इसी फ़ोन में। सिर्फ़ पहला नाम।
5 में से 0 बुज़ुर्गों को सिखाया
डिजिटल साथी सर्टिफ़िकेट
इसके लिए 5 और बुज़ुर्गों को सिखाइए।
प्रिंट करने वाली किट
सत्र योजना, हाज़िरी शीट और पोस्टर। प्रिंट करके सत्र की मेज़ पर रखिए।
सत्र योजना (30 मिनट, एक बुज़ुर्ग)
- 2 मिनट: पास बैठिए। पूछिए फ़ोन पर क्या करते हैं और किस बात का डर है।
- 3 मिनट: उनके फ़ोन पर (या अपने पर) indiadigital.org/hi/internet-seekho/ खोलिए। बताइए: ये नकली स्क्रीन हैं, यहाँ गलती से कुछ नहीं बिगड़ता।
- 8 मिनट: लेवल 1, पैसा भेजना या मँगवाना। बटन उन्हें दबाने दीजिए। नियम दोहराइए: PIN डालने से पैसा हमेशा जाता है।
- 8 मिनट: लेवल 5, OTP। हर OTP मैसेज साथ में ज़ोर से पढ़िए।
- 6 मिनट: एक और लेवल जो वे चुनें (नकली मैसेज, वीडियो कॉल, DigiLocker या नाम जाँचना)।
- 3 मिनट: उनके फ़ोन में 1930 को "साइबर ठगी हेल्पलाइन" नाम से सेव कीजिए। अक्षर छोटे लगें तो सरल मोड दिखाइए।
स्वयंसेवक के नियम
- उनका PIN, OTP या पासवर्ड कभी न पूछिए, न देखिए।
- बिना पूछे उनके फ़ोन में कोई ऐप न डालिए।
- अगर पैसा जा चुका है: साथ में 1930 पर फ़ोन कीजिए और बैंक को बताइए।
indiadigital.org/hi/digital-saathi/
हाज़िरी शीट: डिजिटल साथी अभियान
NSS इकाई / कॉलेज / स्कूल: ______________________
| # | बुज़ुर्ग का पहला नाम | स्वयंसेवक | किए गए लेवल | तारीख | 1930 सेव? |
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Digital Saathi · IndiaDigital
UPI और फ़ोन सुरक्षित चलाना सीखिए। मुफ़्त।
- छात्र 30 मिनट आपके साथ बैठेंगे।
- नकली स्क्रीन पर अभ्यास: कोई पैसा नहीं जा सकता।
- अपना फ़ोन लाइए। न लॉगिन, न फ़ीस।
- ठगी में पैसा गया? तुरंत 1930 पर फ़ोन कीजिए।
तारीख: ________ समय: ________ जगह: ______________
indiadigital.org/hi/internet-seekho/
यह कैसे काम करता है
- हर स्वयंसेवक पाँच बुज़ुर्गों को सिखाता है। एक सत्र लगभग 30 मिनट का, बुज़ुर्ग के अपने फ़ोन पर, जिसमें कम से कम तीन लेवल साथ में किए जाएँ।
- "पैसा भेजना या मँगवाना" और "OTP" से शुरू कीजिए। बटन बुज़ुर्ग को दबाने दीजिए, आप बस समझाइए। अभ्यास में हुई गलती ही सबक है।
- हर बुज़ुर्ग का रिकॉर्ड अपने फ़ोन पर रखिए: पहला नाम, कौन से लेवल हुए, तारीख। यह रिकॉर्ड आपके फ़ोन से बाहर नहीं जाता।
- तीन या ज़्यादा लेवल वाले पाँच बुज़ुर्ग होते ही डिजिटल साथी सर्टिफ़िकेट डाउनलोड कीजिए। इसमें लिखा होता है कि गिनती आपकी बताई हुई है।
- संयोजक: नीचे की किट प्रिंट कीजिए (सत्र योजना, हाज़िरी शीट, पोस्टर) और कैंपस या गाँव में एक साझा सत्र रखिए।
लोग पूछते हैं
क्या इसमें पैसे लगते हैं या रजिस्ट्रेशन चाहिए?
नहीं। सब मुफ़्त है और बिना अकाउंट चलता है। कॉलेज जब चाहें अभियान चला सकते हैं।
क्या ये घंटे NSS में गिने जाएँगे?
यह आपके कार्यक्रम अधिकारी तय करेंगे। उन्हें किट और अपना रिकॉर्ड दिखाइए; सर्टिफ़िकेट में बुज़ुर्गों की गिनती आपकी बताई हुई लिखी होती है।
अगर बुज़ुर्ग के फ़ोन में इंटरनेट न हो?
अपने फ़ोन पर इंटरनेट सीखो खोलिए और उन्हें उसी पर अभ्यास करवाइए। सीख वही रहती है।
अगर किसी बुज़ुर्ग का पैसा पहले ही चला गया हो?
तुरंत 1930 पर फ़ोन करने या cybercrime.gov.in पर शिकायत करने में मदद कीजिए, और बैंक को बताइए। आप खुद उनका PIN या OTP न पूछिए।
स्रोत
आखिरी बार जाँचा गया:
कुछ ग़लत लग रहा है?
कोई लिखा शब्द नहीं भेजा जाता, सिर्फ़ गिनती होती है। हमारे जाँचकर्ता नेटवर्क के विशेषज्ञ उस हिस्से को जाँचते हैं; सुधार सुधार सूची में दर्ज होते हैं।