पैसा · आपके फ़ोन पर
मेरा पैसा कहाँ गया?
बैंक जो स्टेटमेंट ईमेल करता है, उसे खोलिए। कुछ सेकंड में दिखेगा कि कौन से चार्ज कटे जिन पर ध्यान नहीं गया, हर महीने कौन सी EMI और ऑटोपे चलती हैं, और उनके बारे में क्या करें।
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सिर्फ़ इसी फ़ोन पर पढ़ा जाता है। कुछ भी अपलोड नहीं होता; फ़्लाइट मोड में भी चलता है।
यह कैसे काम करता है
- फ़ाइल इसी ब्राउज़र टैब में पढ़ी जाती है। कुछ भी अपलोड नहीं होता; यह फ़्लाइट मोड में भी चलता है।
- पासवर्ड वाली PDF उसी पासवर्ड से खुलती है जो बैंक ने बताया है (अक्सर जन्मतिथि या कस्टमर ID)। पासवर्ड सिर्फ़ फ़ाइल खोलने में लगता है, हम उसे रखते नहीं।
- हर स्टेटमेंट में पहले तारीख़ और आख़िर में बैलेंस होता है, इसलिए हर एंट्री बैलेंस के बदलाव से निकाली जाती है। ज़्यादातर बैंकों के लिए अलग से कुछ नहीं करना पड़ता।
- चार्ज उन शब्दों से पहचाने जाते हैं जो बैंक लिखते हैं (जैसे NON MAINT, SMS CHGS, ACH RTN CHG, DC ANNUAL FEE)।
- एक ही नाम को लगभग एक जैसी रकम 3 या ज़्यादा महीनों में जाए तो उसे बार-बार होने वाला भुगतान दिखाते हैं: EMI, ऑटोपे या सब्सक्रिप्शन।
लोग पूछते हैं
क्या बैंक ये चार्ज वापस कर सकता है?
अक्सर हाँ, ख़ासकर पहली बार। तारीख़ और रकम के साथ ब्रांच को या बैंक ऐप की शिकायत में लिखिए। 30 दिन में जवाब न मिले या जवाब ठीक न लगे, तो RBI की शिकायत साइट (cms.rbi.org.in) पर मुफ़्त शिकायत करें।
जो ऑटोपे नहीं चाहिए, उसे कैसे बंद करें?
UPI ऑटोपे के लिए UPI ऐप में Autopay या Mandates में जाकर रद्द करें। NACH या ECS मैंडेट (EMI, SIP, बीमा) के लिए कंपनी और बैंक को लिखकर मैंडेट रद्द करवाएँ; लोन देने वाले से बात किए बिना EMI न रोकें।
मेरे बैंक का स्टेटमेंट ठीक से नहीं पढ़ा गया। अब?
हो सके तो नेट बैंकिंग से स्टेटमेंट CSV या Excel में डाउनलोड करें; वो पूरी तरह पढ़ा जाता है। कुछ स्कैन की हुई PDF में टेक्स्ट होता ही नहीं; उनके लिए बैंक की अपनी डाउनलोड फ़ाइल लें।
स्रोत
आखिरी बार जाँचा गया:
कुछ ग़लत लग रहा है?
कोई लिखा शब्द नहीं भेजा जाता, सिर्फ़ गिनती होती है। हमारे जाँचकर्ता नेटवर्क के विशेषज्ञ उस हिस्से को जाँचते हैं; सुधार सुधार सूची में दर्ज होते हैं।