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मन · ज़िंदगी के पल

जब ज़िंदगी भारी लगे

कुछ पल किसी को भी हिला देते हैं। हर एक के लिए कुछ शब्द, और कहाँ जाएँ।

आख़िरी अपडेट: IndiaDigital संपादकों द्वारा जाँचा गयास्रोत

बोर्ड परीक्षा और नतीजे का दिन

परीक्षा और नतीजे से पहले डर लगना आम है। माता-पिता: नतीजे के दिन बच्चे के पास रहिए और कहिए "नंबर जो भी हों, हम तुम्हारे साथ हैं"। छात्र: एक नतीजा आपकी ज़िंदगी तय नहीं करता; दोबारा परीक्षा, सप्लीमेंट्री और दूसरे कोर्स होते हैं।

नौकरी छूटना

नौकरी छूटने से पैसा, आत्मसम्मान और दिनचर्या, तीनों पर एक साथ चोट लगती है। रोज़ की दिनचर्या बनाए रखिए, परिवार को जल्दी बताइए, और पैसे का छोटा सा प्लान बनाइए। ग़ुस्सा और शर्म आम है; किसी से इस पर बात कीजिए।

परिवार में किसी के जाने का दुख

दुख लहरों में आता है: सुन्नपन, उदासी, ग़ुस्सा, अपराध-बोध, कभी राहत भी। ये सब स्वाभाविक हैं, और इसका कोई तय समय नहीं। खाइए, सोइए और काग़ज़ी काम में लोगों को मदद करने दीजिए। कुछ महीनों बाद भी रोज़ का जीवन न सँभले, तो डॉक्टर या टेली-मानस से बात कीजिए।

नई माँ

बच्चे के जन्म के बाद कुछ दिन रोना आना कई माँओं के साथ होता है। अगर उदासी, चिंता या बच्चे से जुड़ाव न लगना दो हफ़्ते से ज़्यादा रहे, तो यह प्रसव के बाद का डिप्रेशन हो सकता है, जो आम है और जिसका इलाज होता है। पिता भी ऐसा महसूस कर सकते हैं।

बुज़ुर्ग की देखभाल

बीमारी या भूलने की बीमारी वाले माता-पिता की देखभाल थका देने वाली और अकेली होती है। ज़िम्मेदारियाँ बाँटिए, बिना अपराध-बोध के छोटा आराम लीजिए, और डॉक्टर को अपना हाल भी बताइए। आपकी सेहत भी मायने रखती है।

तनाव में किसान

फ़सल का नुक़सान, क़र्ज़ और मौसम बहुत भारी पड़ सकते हैं। आप अकेले नहीं हैं, और मदद माँगने में कोई शर्म नहीं। टेली-मानस के काउंसलर आपकी भाषा बोलते हैं। फ़सल बीमा और राहत योजनाएँ भी देखिए।

LGBTQ+ युवा

आप जो हैं, वह कोई बीमारी नहीं है। छिपकर रहना, बदसलूकी या घर में ठुकराया जाना बहुत मुश्किल है। टेली-मानस के काउंसलर बिना कोई राय बनाए आपके साथ हैं। ट्रांसजेंडर व्यक्ति ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के राष्ट्रीय पोर्टल से पहचान प्रमाण पत्र और मदद ले सकते हैं।

घर में हिंसा

किसी को चोट पहुँचाया जाना कभी ठीक नहीं। अभी ख़तरा है तो 112 पर फ़ोन कीजिए। महिलाएँ कभी भी 181 पर, और बच्चे 1098 पर फ़ोन कर सकते हैं। घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम आपको साझा घर में रहने और सुरक्षा आदेश का अधिकार देता है।

📞 टेली-मानस 14416 पर फ़ोन करें🚨 112

मन ख़ुद की मदद और सच्ची मदद तक पहुँचने की गाइड है, इलाज या बीमारी की पहचान नहीं। सब कुछ आपके फ़ोन में रहता है। मन के सभी टूल

लोग पूछते हैं

कभी भी किसे फ़ोन करें?

टेली-मानस 14416 या 1-800-891-4416, मुफ़्त और 24x7। ख़तरे में: 112। महिलाएँ: 181। बच्चे: 1098।

क्या मेरा लिखा हुआ निजी है?

आप जो भी लिखते हैं, वह इसी फ़ोन में रहता है। हमें या किसी को कुछ नहीं भेजा जाता। आप इसे पासफ़्रेज़ से लॉक कर सकते हैं, एक टैप में बाहर जा सकते हैं, या सब मिटा सकते हैं।

क्या यह थेरेपी है?

मन ख़ुद की मदद और सच्ची मदद तक पहुँचने की गाइड है। यह थेरेपी, बीमारी की पहचान या डॉक्टर की जगह नहीं है। काउंसलर से बात के लिए टेली-मानस 14416 पर फ़ोन कीजिए, मुफ़्त और 24x7।

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कोई लिखा शब्द नहीं भेजा जाता, सिर्फ़ गिनती होती है। हमारे जाँचकर्ता नेटवर्क के विशेषज्ञ उस हिस्से को जाँचते हैं; सुधार सुधार सूची में दर्ज होते हैं।

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