NRI और परिवार डेस्क
जीवन प्रमाण पत्र, बिना भारत आए।
सालाना जीवन प्रमाण पत्र न देने पर भारतीय पेंशन रुक जाती है। विदेश से आम तौर पर यह डिजिटल तरीक़े से, या अधिकृत अधिकारी के साइन वाले काग़ज़ से दिया जा सकता है।
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क्रम से ज़रूरी बातें
- डिजिटल: जीवन प्रमाण फ़ेस ऑथेंटिकेशन ऐप आपके आधार के साथ फ़ोन पर चलता है, अगर आपका पेंशन बैंक और पेंशन दफ़्तर इसे मानते हैं।
- काग़ज़: भारतीय दूतावास, हाई कमीशन या कॉन्सुलेट के अधिकारी, या आप जहाँ रहते हैं वहाँ के नोटरी या बैंक अधिकारी के साइन वाला जीवन प्रमाण पत्र, जो पेंशन बैंक को भेजा जाता है।
- केंद्र सरकार के पेंशनर इसे हर नवंबर में देते हैं; 80 साल या ज़्यादा उम्र वाले 1 अक्टूबर से दे सकते हैं।
- रसीद या जीवन प्रमाण ID सँभालकर रखें। कुछ भी डाक से भेजने से पहले अपने पेंशन बैंक से पूछ लें कि वह विदेश के कौन से साइन मानता है।
लोग पूछते हैं
मेरे पास आधार नहीं है। क्या जीवन प्रमाण चलेगा?
जीवन प्रमाण में आधार ऑथेंटिकेशन ज़रूरी है। आधार न हो तो भारतीय मिशन के अधिकारी या बैंक के माने हुए किसी और व्यक्ति के साइन वाला काग़ज़ी प्रमाण पत्र दें।
तारीख़ निकल जाए तो?
प्रमाण पत्र बैंक पहुँचने तक पेंशन रुकी रहती है, और उसके बाद आम तौर पर बकाया मिल जाता है। जितनी जल्दी हो सके भेजें।
क्या यह EPS (EPFO) पेंशन पर भी लागू है?
EPS पेंशनर भी सालाना जीवन प्रमाण पत्र देते हैं, जो देने की तारीख़ से एक साल तक चलता है। पिछली बार की तारीख़ देख लें।
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