UPSC और MPSC के लिए भारत का भूगोल
भारत की भूमि, नदियों, मृदाओं, जलवायु और वन्यजीवों पर छह छोटे मॉड्यूल, आसान भाषा और रोज़मर्रा के उदाहरणों के साथ, उन उम्मीदवारों के लिए जो कोचिंग का ख़र्च नहीं उठा सकते। पहले मन में मानचित्र बनाइए, हर टॉपिक को समझाते हुए देखिए, फिर हर मॉड्यूल के अंदर ही प्रीलिम्स शैली के नए प्रश्नों का अभ्यास कीजिए।
- 6 मॉड्यूल
- 87 मिनट
- ₹0 बिना साइन-अप
- ✓ सर्टिफ़िकेट
कोर्स का नक़्शा
हर मॉड्यूल में छोटे एनिमेटेड दृश्य, करके सीखने वाली गतिविधि और छोटा क्विज़ है। आपकी प्रगति सिर्फ़ इसी डिवाइस पर सेव होती है।
- 1भारत के भौतिक विभागपर्वत, मैदान, पठार, मरुस्थल, तट और द्वीप: वह मानसिक मानचित्र जिस पर बाक़ी हर टॉपिक टिकता है
- 2नदियाँ और अपवाह तंत्रनदियों के दो परिवार, हर बड़ी नदी कहाँ से निकलती है, और दो नदियाँ "उलटी" दिशा में क्यों बहती हैं
- 3पर्वत और दर्रेनवीन और प्राचीन पर्वत श्रेणियाँ, उनकी सबसे ऊँची चोटियाँ, और उनके बीच के दरवाज़े
- 4भारत की मृदाएँआठ मृदा समूह, हर एक जोड़ी में याद: किस चट्टान या जलवायु ने उसे बनाया और कौन-सी फ़सल उसे भाती है
- 5जलवायु, मानसून और स्थानीय पवनेंमानसून क्यों आता है, सबसे ज़्यादा वर्षा कहाँ होती है, चार ऋतुएँ, और स्थानीय नामों वाली पवनें
- 6राष्ट्रीय उद्यान और संरक्षणराज्य-वार उद्यान, हर एक का एक पहचान वाला जीव, जीवमंडल आरक्षित क्षेत्र और संरक्षित क्षेत्रों के प्रकार
- ★अंतिम टेस्ट और सर्टिफ़िकेट20 प्रश्न · 70% पर पास · जितनी बार चाहें
अभ्यास जारी रखिए
अभ्यास पेज सीखने के लिए हैं और सर्टिफ़िकेट नहीं देते; सर्टिफ़िकेट सिर्फ़ इस कोर्स का अंतिम टेस्ट देता है।
आप क्या कर पाएँगे
- भारत के छह भौतिक विभागों और हर एक की आयु को मन में चित्रित करना
- हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों में अंतर करना और प्रमुख नदियों के उद्गम याद रखना
- मुख्य पर्वत श्रेणियों, चोटियों और दर्रों को पश्चिम से पूर्व क्रम में रखना
- हर मृदा को उसकी जनक चट्टान, मुख्य विशेषता और फ़सलों से जोड़ना
- मानसून कैसे काम करता है, यह समझाना और स्थानीय पवनों को उनके स्थानों से मिलाना
- राष्ट्रीय उद्यानों और जीवमंडल आरक्षित क्षेत्रों को उनके राज्यों में रखना
सवाल-जवाब
क्या यह भारत का भूगोल कोर्स मुफ़्त है, सर्टिफ़िकेट के साथ?
हाँ। सभी छह मॉड्यूल, लाइव अभ्यास, अंतिम टेस्ट और सर्टिफ़िकेट मुफ़्त हैं, बिना साइन-अप के। सर्टिफ़िकेट तभी खुलता है जब आप हर मॉड्यूल पूरा कर लें और अंतिम टेस्ट में 70% या ज़्यादा लाएँ।
यह कोर्स किन परीक्षाओं में मदद करता है?
UPSC सिविल सेवा प्रीलिम्स और MPSC राज्यसेवा प्रीलिम्स का भारत के भूगोल वाला हिस्सा, और दूसरी राज्य सिविल सेवाओं व प्रतियोगी परीक्षाओं के भूगोल प्रश्न। इसमें सबसे ज़्यादा पूछे जाने वाले विषय हैं: भौतिक विभाग, नदियाँ, पर्वत और दर्रे, मृदाएँ, मानसून और स्थानीय पवनें, और राष्ट्रीय उद्यान।
इसमें कितना समय लगता है?
कुल लगभग 87 मिनट: छह छोटे मॉड्यूल और 20 मिनट का, 20 प्रश्नों वाला अंतिम टेस्ट। प्रगति आपके डिवाइस पर सेव रहती है, इसलिए कभी भी रुक सकते हैं।
हर मॉड्यूल का लाइव अभ्यास क्या है?
हर मॉड्यूल के अंत में उसके भूगोल टॉपिक पर अभ्यास प्रेप का अभ्यास है: हर बार नए प्रश्न, प्रीलिम्स की शैली में, और हर उत्तर का कारण। चरण पूरा करने के लिए पाँच उत्तर दीजिए, फिर भूगोल के अभ्यास पेजों पर आगे बढ़िए, जहाँ अभ्यास प्रश्न और आसान नोट्स अंग्रेज़ी, हिंदी और मराठी में उपलब्ध हैं।
ये तथ्य कहाँ से लिए गए हैं?
NCERT की भूगोल पुस्तकों (कक्षा 9 समकालीन भारत 1, कक्षा 10 समकालीन भारत 2, कक्षा 11 भारत: भौतिक पर्यावरण और भौतिक भूगोल के मूल सिद्धांत) और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की संरक्षित क्षेत्रों की सूचियों से। कोर्स केवल स्थापित तथ्यों पर टिका है और बार-बार बदलने वाले आँकड़े, जैसे उद्यानों या आरक्षित क्षेत्रों की संख्या, शामिल नहीं करता।
क्या अभ्यास पेज भी सर्टिफ़िकेट देते हैं?
नहीं। अभ्यास सीखने के लिए है और उस पर कभी सर्टिफ़िकेट नहीं मिलता। सिर्फ़ इस कोर्स का अंतिम टेस्ट, सभी छह मॉड्यूल के बाद, भारत के भूगोल का सर्टिफ़िकेट देता है, जिसमें आईडी और QR कोड होता है जिसे कोई भी वेरिफ़ाई पेज पर जाँच सकता है।
क्या मेरा डेटा कहीं अपलोड होता है?
नहीं। सब कुछ आपके डिवाइस पर चलता है: आपकी प्रगति, अभ्यास का इतिहास और सर्टिफ़िकेट आपके ब्राउज़र में ही रहते हैं।
पहले से सर्टिफ़िकेट है? इसे जाँचें:सर्टिफ़िकेट वेरिफ़ाई पेज.